Jagannath Rath Yatra 2022: इस दिन है जगन्नाथ रथ यात्रा, जानिए इससे जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में

By मनाली रस्तोगी | Published: June 27, 2022 03:05 PM2022-06-27T15:05:10+5:302022-06-27T15:09:27+5:30

मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को 108 घड़े के जल से स्नान कराया गया। इस महान अवसर को सहस्त्रधारा स्नान कहा जाता है। लेकिन बाद में इस स्नान के कारण वे सभी बीमार हो गए और जड़ी-बूटियों से उनका इलाज किया गया इसलिए एकांत की रस्म हुई। 15वें दिन जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी ने दर्शन किए।

Jagannath Rath Yatra 2022 Know The Date and Interesting Facts About it | Jagannath Rath Yatra 2022: इस दिन है जगन्नाथ रथ यात्रा, जानिए इससे जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में

Jagannath Rath Yatra 2022: इस दिन है जगन्नाथ रथ यात्रा, जानिए इससे जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में

Next
Highlightsभक्तों का मानना ​​है कि महाप्रभु जगन्नाथ जी सात दिनों तक रानी गुंडिचा मंदिर में रहते हैं।हर साल हजारों भक्त और पर्यटक जुलाई के आसपास राज्य की यात्रा की योजना बनाते हैं।

Jagannath Rath Yatra 2022: ओडिशा आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है। जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ तीन रथों पर सवार होते हैं तो वो रथ यात्रा की सबसे दिव्य तस्वीरों में से एक मानी जाती है। तीनों के रथ अलग-अलग हैं और भारी भीड़ द्वारा खींचे जाते हैं। 

भक्तों का मानना ​​है कि महाप्रभु जगन्नाथ जी सात दिनों तक रानी गुंडिचा मंदिर में रहते हैं। हर साल हजारों भक्त और पर्यटक जुलाई के आसपास राज्य की यात्रा की योजना बनाते हैं। इस साल भी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा 1 जुलाई 2022 को निकाली जाएगी। रथ यात्रा के अनुष्ठानों में से एक जो सभी को मोहित करता है वह है जब भगवान 14 दिनों के लिए एकांत में होते हैं। दरअसल, उस दौरान सभी मंदिर बंद रहते हैं। 

मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी को 108 घड़े के जल से स्नान कराया गया। इस महान अवसर को सहस्त्रधारा स्नान कहा जाता है। लेकिन बाद में इस स्नान के कारण वे सभी बीमार हो गए और जड़ी-बूटियों से उनका इलाज किया गया इसलिए एकांत की रस्म हुई। 15वें दिन जगन्नाथ जी, बलभद्र जी और सुभद्रा जी ने दर्शन किए।

इस वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि 30 जून को सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 1 जुलाई को दोपहर 01:09 बजे समाप्त होगी। इसलिए जगन्नाथ यात्रा शुक्रवार 1 जुलाई से शुरू होगी।

जानें जगन्नाथ रथ यात्रा के बारे में कुछ रोचक तथ्य

पारंपरिक स्रोतों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ श्रीहरि भगवान विष्णु के मुख्य अवतारों में से एक हैं। जगन्नाथ के रथ का निर्माण और डिजाइन अक्षय तृतीया से शुरू होता है। वसंत पंचमी से लकड़ी के संग्रह का काम शुरू हो जाता है। रथ के लिए जंगल एक विशेष जंगल, दशपल्ला से एकत्र किए जाते हैं। भगवान के लिए ये रथ केवल श्रीमंदिर के बढ़ई द्वारा बनाए गए हैं और भोई सेवायत कहलाते हैं। चूंकि यह घटना हर साल दोहराई जाती है, इसलिए इसका नाम रथ यात्रा पड़ा।

Web Title: Jagannath Rath Yatra 2022 Know The Date and Interesting Facts About it

पूजा पाठ से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे