Highlightsदेशभर में आज गीता जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।

देशभर में आज गीता जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। हिन्दू धर्म के शास्त्रों में सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण बताये जाने वाले गीता के श्लोकों को आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था। सनातन धर्म में गौ, गीता और गायत्री का अत्यधिक महत्व बताया गया है। महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र में दिए इन उपदेशों से जिंदगी जीने का सलीका मिलता है। इस साल गीता जयंती का ये पर्व 8 दिसंबर को पड़ा है।

गीता के श्लोक आज श्रीमद्भगवद्गीता के नाम से जाने जाते हैं। यह महाभारत में 18 अध्यायों और 700 श्लोकों में वर्णित हैं। भीष्मपर्व के अध्याय 25 से 42 वर्णित इस उपदेश को गीता या भगवद्गीता के नाम से भी जाना जाता है। ज्ञान से भरे इस गीता से जुड़ी कुछ रोचन बातें आज हम आपको बताने जा रहे हैं। 

श्रीमद्भगवद्गीता के कुछ रोचक तथ्य

1. पूरी दुनिया में हिंदू भगवद्गगीता से परिचित हैं। सभी ने अपनी पीढ़ियों से इसकी महानता के बारे में सुना है। 

2. गीता का पाठ भगवान कृष्ण द्वारा महाभारत के युद्ध में अर्जुन को समझाया हुआ पाठ है। जिसमें कृष्ण अर्जुन को जीवन का अर्थ समझाते हैं। यह एक उपदेशों की श्रृंखला है। 

3. बताया जाता है कि महाभारत इस बात की पुष्टि करता है कि भगवान कृष्ण ने 3137 ई.पू. कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। विशेष ज्योतिषी संदर्भों के अनुसार, 35 साल की लड़ाई के बाद वर्ष 3102 ई.पू. में कलयुग की शुरुआत हुई थी। 

4. गीता में अंक 18 की काफी महत्ता बताई गयी है। इसका कई जगह प्रयोग किया गया है। अठारह का मतलब संस्कृत में होता है जय। जिसका शाब्दिक मतलब बलिदान से होता है। 18 त्योहार, गीता में 18 अध्याय, 18 जरासंध का 18 बार आक्रमण। यही नहीं पांडवों के पास 11 अक्षौहिणी सेना थीं और कौरवों के पास 7, जो कुल मिलाकर 18 होता। 

5. भगवद्गगीता का पहला अंग्रेजी अनुवाद 1785 में चाल्स विल्किंस ने लंदन में किया था। 

6. कोर्ट में खाई जाने वाली गीता और कुरान की कसमें सिर्फ फिल्मों में दिखाई जाती हैं। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। दरअसल यह सब 170 पहले खत्म हो चुका है लेकिन फिल्मों में आज भी ये सिलसिला चला आ रहा है। 

7. गीता के प्रत्येक छंद में 32 अक्षर हैं। ये चार-चार पंक्तियों में विभाजित हैं। जिसमें आठ अक्षर हैं। एक विशेष छंद में स्केल का प्रयोग किया गया है जिसमें हर चार पंक्तियों में 11-11 अक्षर हैं।

इस दिन को मोक्षदा एकादशी के रूप में भी मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। मान्यता ये भी है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ती होती है। इस एकादशी को काफी महत्व दिया जाता है। हर महीने आने वाली दो एकादशी पर लोग भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और पूरे विधि विधान के साथ उनका पूजन करते हैं। इस एकादशी के दिन श्रीकृष्ण की पूजा भी की जाती है। 

Web Title: Geeta Jayanti 2019: bhagavad gita interesting facts in hindi
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