UP govt asks Priyanka Gandhi Vadra to provide 500 to District Magistrate, Gautam Buddh Nagar | Corona Lockdown: यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी से 500 बसें गाजियाबाद और 500 बसें नोएडा डीएम को सौंपने को कहा
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रियंका गांधी से नोएडा में मांगी 500 बसें (फाइल फोटो)

Highlightsप्रियंका गांधी से उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में मांगी 500 बसेंयूपी सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट को सारी बसें सौंपने की बात कही है

कोरोना लॉकडाउन में उत्तर प्रदेश में बसों पर सियासत जारी है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की ओर से देर रात चिट्ठी लिखकर खाली बसों को लखनऊ भेजने के प्रस्ताव पर नाराजगी जताने के बाद अब यूपी सरकार ने उनसे 500 बसों की मांग नोएडा में की है। साथ ही अन्य 500 बसों को गाजियाबाद में डीएम को देने को कहा है। पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रियंका गांधी से कहा है कि वे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए 12 बजे तक ये बसें मुहैया करा दें। 

मंगलवार सुबह अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव को भेजे गये पत्र में कहा, 'आपके पत्र के अनुसार आप लखनऊ में बस देने में असमर्थ हैं एवं नोएडा,गाजियाबाद बार्डर पर ही बस देना चाहते है । अत:ऐसी स्थिति में कृपया जिलाधिकारी गाजियाबाद को 500 बसें 12 बजे तक उपलब्ध कराने का कष्ट करें। जिलाधिकारी गाजियाबाद को तदअनुसार निर्देशित किया गया है । गाजियाबाद में जिला प्रशासन द्वारा सभी बसों को रिसीव किया जायेगा एवं उनका उपयोग किया जाएगा । कृपया गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे एवं साहिबाबाद बस अड्डे में बसें उपलब्ध कराने का कष्ट करें ।'

दिलचस्प ये है कि इससे पहले यूपी सरकार ने प्रियंका गांधी के 1000 बसों को मुहैया कराने के प्रस्ताव पर देर रात चिट्ठी भेजकर उन्हें सभी बसों को लखनऊ में आज सुबह 10 बजे तक भेजने को कहा था। प्रियंका गांधी के अनुसार उन्हें इस संबंध में सूचना रात 11.40 में ई-मेल द्वारा अवनीश अवस्थी की ओर से दी गई थी।

प्रियंका ने इसके बाद रात करीब दो बजे इसका जवाब भी दिया और इसे समय और साधन दोनों की बर्बादी बताया। प्रियंका गांधी ने रात दो बजे एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर कहा, 'हमें ई-मेल के माध्यम से देर रात 11.40 बजे पत्र मिला जिसमें हमसे दस्तावेजों के साथ 1000 बसें सरकार को देने को कहा गया है। इसमें बसों को सुबह 10 बजे तक लखनऊ में मौजूद रहने की बात कही गई है।'  

प्रियंका ने आगे लिखा, 'प्रवासी मजदूर यूपी बॉर्डर पर फंसे हैं। वे भी खासकर दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर। ऐसे समय में जब हजारों लोग सड़कों पर चल रहे हैं और यूपी बॉर्डर पर रजिस्ट्रेशन के लिए जमा हुए हैं, 1000 खाली बसों को लखनऊ भेजना समय और साधन की बर्बादी होगी। ये अमानवीय भी है।'

यूपी में कोरोना काल में बसों पर सियासत

प्रियंका गांधी ने दरअसल रविवार को दो ट्वीट किए थे और कहा था कि हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी है, यूपी सरकार परमीशन दे। प्रियंका ने पहले ट्वीट में बसों का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, 'हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों की संख्या में राष्ट्र निर्माता श्रमिक और प्रवासी भाई-बहन धूप में पैदल चल रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ परमीशन दीजिए। हमें अपने भाइयों और बहनों की मदद करने दीजिए।'

वहीं, एक टीवी इंटरव्यू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वह तीन दिन से कांग्रेस से कह रहे हैं कि वह उन्हें 1000 बसों के नंबर और उनके ड्राइवर और कंडक्टर की लिस्ट दे लेकिन कांग्रेस ने नहीं दिया। योगी के बयान पर कांग्रेस  का कहना था कि यूपी सरकार ने उनसे कभी कोई लिस्ट नहीं मांगी। बाद में योगी सरकार की ओर से बस मुहैया कराने के संबंध में मंजूरी देने की भी खबरें आई।

इसके बाद सोमवार को प्रियंका गांधी वाड्रा ने श्रमिकों के लिए 1000 बसों के संचालन की अनुमति प्रदान किए जाने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा था कि कोरोना महामारी के समय उनकी पार्टी राज्य के लोगों के साथ सकारात्मक भाव से खड़ी रहेगी। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने प्रियंका के निजी सचिव को पत्र लिखकर बसों के संबंध में विवरण मांगा था।

(भाषा इनपुट)

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