Tension Ladakh border india relationship between Congress and China CM Chauhan will not tease anyone | लद्दाख सीमा पर तनावः कांग्रेस और चीन में क्या संबंध, सीएम चौहान बोले-हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, कोई हमें छेड़ेगा तो उसे छोड़ेंगे नहीं
इस बार जब चीन भारत से उलझा, तो वह यह भूल गया था कि ये 1962 वाला भारत नहीं है, ये मोदी का नया भारत है। (photo-ani)

Highlightsचौहान ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद और 370 जैसी समस्याओं के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं। कांग्रेसियों में अगर हिम्मत है, तो आंख मिलाकर बात करें। चीन को संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थायी सदस्यता दिलाने की वकालत नेहरू जी ने की थी।चीन भारत की सीमा में घुस आया, तब उन्हें पता ही नहीं चला। चीन ने युद्ध के बाद जब हमारी 43 हजार वर्ग कि.मी. जमीन दबा ली.

भोपालः अभी कांग्रेस और चीन के रिशतों के बारे में जो रहस्योदघाटन हुआ है, उससे पता चला है कि कांग्रेस की राजीव गांधी फाउंडेशन ने वर्ष 2005-06 में चीन से 90 लाख रुपये का डोनेशन लिया है।

कांग्रेस का चीन से क्या समझौता था? किस बात के पैसे लिए? राहुल गांधी चुपके-चुपके चीनी दूतावास में क्या करने जाते हैं? कांग्रेस का चीन से क्या कनेक्शन है? इन सब बातों  का जवाब कांग्रेस को देश की जनता को देना पड़ेगा। जो कांग्रेस खुद तो चीन के सामने आत्मसर्मण करे और हमें राष्ट्रभक्ति सिखाए, धिक्कार है ऐसी कांग्रेस पर।

कांग्रेस के एक परिवार के कारण ही देश की 43 हजार वर्ग कि.मी. जमीन आज चीन के कब्जे में है इसलिए इस परिवार के लोगों को देश की सुरक्षा पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने रविवार को छत्तीसगढ़ की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कही।

चीन और 370 जैसी समस्याएं नेहरू सरकार की देन

वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद और 370 जैसी समस्याओं के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों में अगर हिम्मत है, तो आंख मिलाकर बात करें। चीन को संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थायी सदस्यता दिलाने की वकालत नेहरू जी ने की थी।

बाद में जब चीन भारत की सीमा में घुस आया, तब उन्हें पता ही नहीं चला। चीन ने युद्ध के बाद जब हमारी 43 हजार वर्ग कि.मी. जमीन दबा ली, तो पं. नेहरू और उनके रक्षा मंत्री ने संसद में कहा था- क्या करते उस बंजर जमीन के टुकड़े का, जिस पर घास तक नहीं ऊगती। चौहान ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 लगाकर एक देश में दो निशान, दो विधान का प्रावधान भी पं. नेहरू ने ही किया था, जिसे अब मोदी सरकार ने हटाया है।

हमारे लिए देश जमीन का टुकड़ा नहीं

चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए देश जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि जैसा कि स्व. अटल बिहारी बाजपेई ने कहा था-वो एक जीवित राष्ट्रपुरुष है और हम जान देकर भी उसकी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जब चीन भारत से उलझा, तो वह यह भूल गया था कि ये 1962 वाला भारत नहीं है, ये मोदी का नया भारत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं और कोई हमें छेड़ेगा, तो हम छोड़ेंगे नहीं। जब चीन के सैनिकों ने दुस्साहस किया, तो हमारे सैनिक बिना हथियारों के ही उनसे भिड़ गए और उनकी गर्दनें तोड़ दीं।चौहान ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने चीन की सीमा पर सड़कें बनाने की हिम्मत नहीं की, अब मोदी जी की सरकार ने पूरी सीमा पर सड़कें बनवा दी हैं, जिससे चीन बौखला गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता चीन के सामने मिमियाते रहते थे, लेकिन आज चीन के साथ विवाद में दुनिया के कई देश भारत के साथ हैं।

मोदी सरकार ने हल किए बरसों पुराने मुद्दे

चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनसंघ के जमाने से धारा 370 का विरोध करती रही है। लेकिन इसके बारे में लोग यह मानने लगे थे कि यह सिर्फ एक नारा है, 370 हटेगी नहीं। लेकिन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक झटके में धारा 370 हटा दी और लोग सोचते रह गए। चौहान ने कहा कि देश की मुस्लिम बहनों को तीन तलाक का कलंक राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने दिया था। शाह बानो प्रकरण में राजीव गांधी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कानून बनाकर पलट दिया।

अब मोदी सरकार ने मुस्लिम बहनों को इस कुप्रथा से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में हिन्दू, सिख, बौद्ध, ईसाई और पारसी अल्पसंख्यक बरसों तक प्रताड़ना सहते रहे, इनके लिए कांग्रेस ने कुछ नहीं किया।

लेकिन जब मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून बनाकर इन्हें देश की नागरिकता देने का प्रावधान किया, तो कांग्रेस ने उस कानून का विरोध करने का पाप जरूर किया। चौहान ने कहा कि इसी तरह राम मंदिर के मुद्दे को भी लोग चुनावी मुद्दा कहने लगे थे। लेकिन मोदी जी की सरकार आने के बाद तेजी से इस मुद्दे पर सुनवाई हुई, सुप्रीम कोर्ट ने झटपट फैसला सुनाया और अब मंदिर का काम शुरू हो गया है।

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