Rajasthan jaipur CM Ashok Gehlot congress bjp PM stop spectacle Vishwendra Singh come out hotel | सियासी संकटः सीएम ने पीएम से कहा-राजस्थान में तमाशा रोकिए, पायलट गुट के विश्वेंद्र सिंह ने ट्वीट कर कहा- होटल से बाहर आइये
जयपुर से जैसलमेर गई टीम में 3 एडिशनल एसपी, 6 डीएसपी और 17 इंस्पेक्टरों के नाम शामिल है। (file photo)

Highlightsसरकार शनिवार को जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट हो गई, जिससे होटल सूर्यगढ़ आगामी 14 अगस्त तक प्रदेश की अस्थायी राजधानी में तब्दील हो गया है।हॉर्स ट्रेडिंग का खतरा बढ़ने की वजह से मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों को जयपुर से जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस पहुंचा दिया है।एसीपी राहुल प्रकाश और डीसीपी नाॅर्थ डाॅ. राजीव पचार के मागदर्शन में दो आईपीएस, नौ आरपीएस और 17 इंस्पेक्टर्स सहित 88 पुलिसकर्मियों की टीम को जैसलमेर भेजा गया है।

जयपुरः राजस्थान में प्रदेश की सरकार को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने गुट के विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट करने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से गुहार लगाई कि उन्हें राजस्थान में चल रहे तमाशे को रोकना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने संजीवनी को-ऑपरेटिव सोसायटी के घोटाले में नाम आने की बात कहकर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत पर भी निशाना साधते हुए उनसे नैतिक के आधार पर इस्तीफे की मांग की। उल्लेखनीय है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त का खतरा बढ़ने की वजह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने गुट के विधायकों को राजधानी जयपुर से 570 किलोमीटर दूर जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस होटल में शिफ्ट कर दिया है।

अब तक 88 विधायक वहां पहुंच चुके हैं। जबकि 6 मंत्रियों सहित कुल 14 विधायक अभी बाहर हैं। इनमें से परसराम मोरदिया, मास्टर भंवरलाल मेघवाल और बाबूलाल बैरवा अस्वस्थ चल रहे हैं। शेष 4 विधायक आज जैसलमेर पहुंच सकते हैं। विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट करने के पीछे केन्द्रीय एजेसियों की जयपुर में बढ़ती सक्रियता और फेयरमोंट होटल पर उनकी कार्रवाई का मुख्यमंत्री को संदेह प्रमुख कारण है।

जयपुर में विधायकों के रिश्तेदारों और परिवारजनों की आवाजाही बढ़ने से भी गहलोत चिंतित थे

इसके अतिरिक्त जयपुर में विधायकों के रिश्तेदारों और परिवारजनों की आवाजाही बढ़ने से भी गहलोत चिंतित थे, इसलिए विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट किया गया। साथ ही जयपुर में होटल के बाहर धरने-प्रदर्शन बढ़ने से भी मुख्यमंत्री ऐसा स्थान चाहते थे, जहां आवाजाही कम हो। इन सभी को देखते हुए जैसलमेर सबसे उपयुक्त स्थान लगा क्योंकि बार्डर के समीप होने के कारण से सभी की पहुंच से दूर है।

प्रदेश में सरकार के कार्य प्रभावित होने को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं और मंत्री जयपुर ही रहेंगे और अधिकांश लोग भी आते-जाते रहेंगे। गवर्नेंस से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मैं स्वयं कोरोना को लेकर प्रतिदिन वीसी कर रहा हूँ और कानून व्यवस्था संभाल रखी है, लेकिन सरकार बचाना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए पूर्व पर्यटन मंत्री और पायलट गुट के विधायक विश्वेंद्र सिंह ने तीन ट्वीट किए और कहा मैंने बीते 18 माह में आपसे मिलकर प्रदेश के लोगों एवं मेरे विभाग की समस्याओं के बारे में बार-बार अवगत कराया लेकिन आपने इस और कोई ध्यान नहीं दिया, आखिर क्यों ?

जबकि दूसरे ट्वीट में विश्वेन्द्र सिंह ने कहा - आज जब सरकार अल्पमत में है तब आपने पर्यटन विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दिया, काश यह काम आप थोड़ा पहले कर देते गहलोत जी, तो ना यह सरकार अल्पमत में होती ना हमें दिल्ली आना पड़ता। खैर...

तीसरे ट्वीट मेें उन्होंने कहा - मुख्यमंत्री जी यदि आप पिछले 18 माह में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और प्रदेश की जनता के काम करते जो आज आप 5 स्टार होटल में बैठकर कर रहे हो, तो ना प्रदेश की जनता विरोध करती, ना सरकार अल्पमत में होती, ना हम दिल्ली आते।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी विश्वेंद्र सिंह अनेक बार बेबाकी से मुख्यमंत्री पर निशाना साधते रहे हैं। पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पायलट समर्थक विधायकों को गुड़गांव में बंधक बनाकर रखने की बात कही थी तब भी विश्वेंद्र सिंह ने परिवार के साथ एक तस्वीर पोस्ट कर इसका करारा जवाब दिया था। 

अस्थायी राजधानी बना सूर्यगढ़ होटल, सुरक्षा के लिए 30 किमी तक पहरा

प्रदेश में लगातार जारी राजनीतिक घमासान के बीच राजस्थान सरकार शनिवार को जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट हो गई, जिससे होटल सूर्यगढ़ आगामी 14 अगस्त तक प्रदेश की अस्थायी राजधानी में तब्दील हो गया है। हॉर्स ट्रेडिंग का खतरा बढ़ने की वजह से मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों को जयपुर से जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस पहुंचा दिया है।

लेकिन इस होटल की सुरक्षा व्यवस्था और होटल में रखे गए विधायकों पर निगरानी के लिए गहलोत सरकार ने जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस की उसी टीम पर भरोसा जताया है, जिसने जयपुर के होटल सुरक्षा का जिम्मा संभाला था। जानकारी के अनुसार जयपुर के एसीपी राहुल प्रकाश और डीसीपी नाॅर्थ डाॅ. राजीव पचार के मागदर्शन में दो आईपीएस, नौ आरपीएस और 17 इंस्पेक्टर्स सहित 88 पुलिसकर्मियों की टीम को जैसलमेर भेजा गया है।

इस पुलिस टीम जैसलमेर में होटल सूर्यगढ़ पैलेस पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। दोनों अफसरों ने जैसलमेर पुलिस के अधिकारियों के साथ मिलकर होटल के आसपास का इलाके का सर्वे किया और वहां सुरक्षा व्यवस्था एवं निगरानी के लिए चर्चा की। आज पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में जयपुर से जैसलमेर गई टीम में 3 एडिशनल एसपी, 6 डीएसपी और 17 इंस्पेक्टरों के नाम शामिल है। जबकि सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए 30 किमी तक पहरा रखा जा रहा है वहीं लगभग 24 पुलिसकर्मी सादावर्दी में होटल के आसपास तैनात रहेंगे।

संजय जैन ने वाॅइस सैंपल देने से किया इंकार

राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में एसओजी द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपली संजय जैन ने अदालत में अपना वाॅइस सैंपल देने से इंकार कर दिया। अदालत ने आरोपी का बयान दर्ज कर प्रकरण को फिर से मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के समक्ष भेज दिया है।

न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे आरोपी संजय जैन को महानगर मजिस्ट्रेट-2 की अदालत में प्रस्तुत किया गया। आरोपी की ओर से प्रस्तुत प्रार्थन पत्र में कहा गया कि उक्त प्रकरण में राजनीतिक द्वेष के चलते उसे फंसाया गया है  और उसकी आवाज के नमूने का दुरुपयोग कर उसे फंसाया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि कोर्ट वाइस सैंपल के लिए आदेश दे सकता है किन्तु बाध्य नहीं कर सकता। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि वाइस सैंपल नहीं दिया जाना ट्रायल के दौरान आरोपी के खिलाफ जाएगा। इस पर कोर्ट ने आरोपी का बयान दर्ज कर पत्रावली को पुनः सीएमएम के समक्ष भेज दिया।  

Web Title: Rajasthan jaipur CM Ashok Gehlot congress bjp PM stop spectacle Vishwendra Singh come out hotel
राजनीति से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे