Rajasthan Ashok Gehlot and Sachin Pilot first time face to face in Congress legislature party meet | राजस्थान कांग्रेस में 'सुलह' के बाद सचिन पायलट और अशोक गहलोत का आज पहली बार होगा आमना-सामना
सचिन पायलट और अशोक गहलोत होंगे आज आमने-सामने (फाइल फोटो)

Highlightsसचिन पायलट और अशोक गहलोत का आज होगा कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आमना-सामनाराजस्थान कांग्रेस में विवादों के बाद आज पहली बार दोनों नेताओं में मुलाकात संभव

राजस्थानकांग्रेस में सुलह की घोषणा के तीन दिन बाद आज पहली बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनसे बगावत करने वाले सचिन पायलट की मुलाकात हो सकती है। राजस्थान विधानसभा का सत्र कल (14 अगस्त) से शुरू हो रहा है और इससे पहले आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है। माना जा रहा है कि विवाद के बाद इस बैठक में दोनों नेता पहली बार आमने-सामने आ सकते हैं।

सचिन पायलट करीब एक महीने की अपनी बगावत खत्म कर मंगलवार को जयपुर लौटे थे। इससे पहले वे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से दिल्ली में मिले, जहां से कांग्रेस में सुलह के संकेत मिलने शुरू हुए। सचिन पायलट को भरोसा दिलाया गया कि उनकी चिंताओं पर गौर किया जाएगा। 

पायलट लौटे पर क्या कांग्रेस में अब सबकुछ ठीक?

सचिन पायलट के राजस्थान लौटने पर वो तस्वीर दिखाई नहीं दी जिसकी उम्मीद कांग्रेस समर्थक कर रहे थे। दरअसल, गहलोत जैसलमेर चले गए जहां उन्होंने शुक्रवार को संभावित विश्वास मत से पहले अपने समर्थक विधायकों को रखा है। ऐसी भी खबरें आई कि पायलट के बागी तेवर को भुलाकर जिस तरह वापस उन्हें मौका दिया जा रहा है, उससे गहलोत के कई समर्थक विधायक खुश नहीं हैं।

विधायकों की नाराजगी पर गहलोत का बयान भी आया और उन्होंने इसे स्वाभाविक बताया। उन्होंने बुधवार को कहा, 'विधायकों का नाराज होना स्वाभाविक है। जिस तरह से पूरा प्रकरण हुआ और जिस तरह वे एक महीने रहे, इससे ये काफी स्वाभाविक है। मैंने उन्हें समझाया है कि कभी-कभी हम लोगों को देश, राज्य और लोगों की सेवा के लिए संयम बरतना पड़ता है और सहिष्णु होना पड़ता है।'

अशोक गहलोत ने ये भी भरोसा दिलाया कि सभी साथ मिलकर काम करेंगे। बागी विधायकों से सुलह पर उन्होंने कहा, 'हमारे जो साथी हमसे दूर चले गए थे, वे वापस आ गये हैं। मुझे उम्मीद है कि हम सभी अंतरों को दूर करेंगे और राज्य की सेवा के लिए सभी विवाद खत्म करेंगे।'

राजस्थान विधानसभा में होगा फ्लोर टेस्ट?

राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र कल से है। हालांकि फिलहाल ये साफ नहीं है कि गहलोत सरकार अपने विश्वास मत का प्रदर्शन करेंगी या नहीं। वैसे जानकार मानते हैं कि जो हालात हाल में बने, उसे देखते हुए मुख्यमंत्री गहलोत बिना कोई जोखिम उठाए जरूर पहले ही दिन अपना बहुमत साबित करके दिखा देंगे।

पायलट और गहलोत के बीच जो कड़वाहट हाल में देखने को मिली, वो क्या इतनी जल्दी खत्म हो गई? इसे लेकर भी सवाल बने हुए हैं। मीडिया में आये बयान दिखाते हैं कि कहीं कुछ पेंच बाकी भी हैं। सचिन पायलट से बुधवार को जब गहलोत के पूर्व बयानों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि वे 'निकम्मा' जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाने से निराश हुए थे।

पायलट ने कहा, 'कुछ अभद्र और गैरजरूरी बातें कही गईं। मैं ये नहीं कह सकता कि इससे मैं अपमानित महसूस नहीं कर रहा हूं। मैं एक इंसान हूं। मुझे भी बुरा लगा और निराशा महसूस हुई। इसके बावजूद हमारा मिशन बड़ा है और ये बातें महत्वपूर्ण नहीं होनी चाहिए।'

वहीं, गहलोत ने पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा कि अगर पार्टी के नेतृत्व ने बागियों को माफ करने का फैसला किया है तो वे भी उन्हें गले लगाएंगे। हालांकि गहलोत इस सवाल को टाल गए कि जिसे वे निकम्मा और भ्रष्ट बता रहे थे उसके साथ वे फिर से तालमेल कैसे बनाएंगे। 

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