Lok Sabha election 2019 After bjp candidate announced in MP party workers protest | MP: प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बीजेपी में विरोध तेज, सिंगरौली जिला अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
MP: प्रत्याशियों की घोषणा के बाद बीजेपी में विरोध तेज, सिंगरौली जिला अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश भाजपा में प्रत्याशियों के घोषणा के बाद विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं. वर्तमान सांसदों को फिर उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर विरोध के चलते सिंगरौली के जिला भाजपा अध्यक्ष ने तो अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया और पार्टी पर कार्यकर्ता की उपेक्षा का आरोप भी लगाया.

मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा प्रत्याशी चयन के पहले सर्वे और कार्यकर्ता की सिफारिश पर टिकट वितरण की बात कही जा रही थी, मगर जहां से वर्तमान सांसदों का विरोध था, वहां पर उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया गया. इसे लेकर प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही विरोध भी तेज हो गया है. सिंगरौली में सांसद रीति पाठक को लेकर विरोध था साथ ही सर्वे में भी वे संगठन के मापदंड पर खरा नहीं उतरी थी. इस लिहाज से उनका टिकट कटना तय माना जा रहा था. 

रीति पाठक का विरोध करने सिंगरौली जिले के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे थे और संगठन को अपनी बात से अवगत भी करा दिया था, मगर जब भाजपा की सूची जारी हुई तो रिती पाठक को फिर से प्रत्याशी बनाया गया. इसके बाद जिला भाजपा अध्यक्ष कांति देव सिंह ने इसका विरोध फिर किया. जिला अध्यक्ष के साथ वहां के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताया और संगठन पर कार्यकर्ता की उपेक्षा के आरोप भी लगाए. इतना ही नहीं दुखी होकर जिला अध्यक्ष ने तो अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया. कांति देव सिंह का कहना है कि कार्यकर्ता चाहते थे कि टिकट में बदलाव हो और किसी दूसरे चेहरे टिकट दिया जाए. मगर संगठन ने अपने मौजूद सांसद रीति पाठक को ही टिकट दिया है.

मंदसौर में सुधीर गुप्ता का विरोध

मंदसौर संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने फिर से सुधीर गुप्ता को मैदान में उतारा है. गुप्ता के नाम की घोषणा होते ही उनका विरोध भी तेज हो गया है. गुप्ता का विरोध भाजपा प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर ने किया है. बंशीलाल गुर्जर यहां से टिकट की मांग कर रहे थे. गुर्जर के अलावा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने भी गुप्ता का विरोध जताया है. जावरा में तो कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए गुप्ता का पुतला तक फूंक दिया. मंदसौर से बंशीलाल गुर्जर के अलावा वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा भी यहां से टिकट के दावेदार थे. शर्मा भी लंबे समय से संगठन से नाराज चल रहे हैं. नाराज गुर्जर ने तो यहां तक कह दिया कि वे चार बार से टिकट की मांग कर रहे हैं, मगर संगठन उनके न जाने क्या कमजोरी समझ रहा है, जिसके चलते उनके नाम पर विचार तक नहीं किया जा रहा है. गुर्जर के अलावा विधायक राजेन्द्र पांडे और ओमप्रकाश सखलेचा भी गुप्ता के प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज हैं.

वीरेन्द्र को टिकट देने का विरोध

टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र से भाजपा द्वारा केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार को फिर से प्रत्याशी बनाया जा रहा है. यहां पर उनका विरोध पहले भी था, मगर उनके नाम की घोषणा के साथ विरोध और तेज हो गया है. वीरेन्द्र कुमार का पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति ने किया था. उन्होंने राजधानी में संगठन पदाधिकारियों के सामने विरोध करते हुए अपनी दावेदारी तक पेश की थी. इसके अलावा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक उमा यादव सहित अन्य नेताओं ने भी वीरेन्द्र कुमार का विरोध किया था, मगर उसके बाद भी उन्हें संगठन ने टिकट दिया. इसके बाद से इन नेताओं में नाराजगी कुछ ज्यादा नजर आ रही है.

अनूप, अर्चना भी हैं नाराज

मुरैना से सांसद अनूप मिश्रा का टिकट काटकर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को दिया गया है. मिश्रा ने ग्वालियर से टिकट की मांग की थी, मगर भाजपा की पहली सूची में ग्वालियर को होल्ड पर रखा है. सूची में मिश्रा का नाम न होने पर वे नाराज बताए जा रहे हैं. मिश्रा को अभी ग्वालियर से उम्मीदवार की घोषणा का इंतजार है, अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वे भी संगठन के खिलाफ अपने समर्थकों के साथ विरोध कर सकते हैं. वहीं खंडवा संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद नंदकुमार सिंह चौहान को प्रत्याशी बनाया है. यहां से पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस दावेदारी कर रही थी, मगर उन्हें मौका नहीं मिला है. इसके चलते वे एक बार फिर नाराज नजर आ रही हैं.


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