In the Sushant case, Shiv Sena leader Sanjay Raut told Nitish Kumar that anti-social elements, JDU asked whom do you want to protect? | सुशांत मामले में शिवसेना नेता संजय राउत ने नीतीश कुमार को बताया असामाजिक तत्व, तो जदयू ने पूछा किसे बचाना चाहते हैं?
संजय राउत (फाइल फोटो)

Highlightsसंजय राउत ने कहा कि बिहार में बैठे कुछ असामाजिक तत्वों को लगता है कि इसकी राजनीति कर चुनाव जीत जाएंगे। संजय राउत ने कहा कि यदि नीतीश कुमार को लगता है कि बिहार की राजनीति से ये मुद्दा जुड़ जाएगा तो वह संवेदनहीन हो गए हैंजदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपनी नाकामी और अपराधियों को बचाने में जुटी हैं.

पटना: अभिनेता सुशांत की मौत मिस्ट्री को लेकर बिहार और महाराष्ट्र सरकार आमने-सामने है. बिहार सरकार द्वारा सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करने पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत भड़क गये हैं.

उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को असामाजिक तत्व बता दिया. ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इस जांच से शिवसेना जिसकी महाराष्ट्र में सरकार है उसको किस बात की परेशानी हो रही है? आखिर वह जांच से डर क्यों रही है?

महाराष्ट्र की सत्ताधारी शिवसेना ने तो सीधे धमकाने वाली स्टाइल में ट्वीट किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा है कि राज कुमार का एक डायलॉग आज मुझे बहोत याद आ रहा है...... "चिनाय सेठ..., जिनके घर शीशे के बने होते है..वो दुसरो पे पत्थर नही फेका करते.." समझने वालोंको इशारा काफी है!!!! जय महाराष्ट्र!

संजय राउत ने कहा है कि ''मुंबई पुलिस जो जांच कर रही है उसमें पहले दिन से बिहार से हस्तक्षेप हो रहा है. बिहार में बैठे कुछ असामाजिक तत्वों को लगता है कि इसकी राजनीति अगर करें तो बिहार के चुनाव में काम चल जाएगा.

अगर आपको (नीतीश कुमार) लगता है कि बिहार की राजनीति से ये मुद्दा जुड़ जाएगा तो आप संवेदनहीन हो गए हैं.''संजय राउत के धमकाने वाले इस ट्वीट का जवाब जदयू नेता अजय आलोक ने दिया है.

उन्होंने जवाब में लिखा है कि हम लोग तो कभी शीशे के घर में रहे ही नहीं, किसान और झोपडी का रिश्ता पुराना हैं, लेकिन चोर की दाढी में तिनका तो दिख रहा है, कौन सी सिनेमा का संवाद हैं ये नहीं पता....जबकि जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपनी नाकामी और अपराधियों को बचाने में जुटी हैं.

सुशांत के परिजनों के शिकायत के बाद भी जांच सही से नहीं हो पा रही है. बिहार के डीजीपी कार्रवाई को लेकर मुंबई पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब तक नहीं दे रहा है. रिया खान, दिब्या भारती, गुलशन कुमार मामले में मुंबई पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई.

ऐसे में सुशांत सिंह की परिजनों को इंसाफ कैसे मिलेगा? इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली हैं. संजय राउत को इसका ख्याल रखना चाहिए. उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई है.

अगर मुंबई पुलिस सही से जांच करती तो बिहार को सीबीआई जांच आज सिफारिश नहीं करनी पडी.यहां उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने आज सुशांत सिंह सुसाइड केस की सीबीआई से जां कराने की सिफारिश कर दी है.

इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही कह चुके थे कि अगर सुशांत के परिवार की तरफ से सीबीआई जांच की मांग आती है तो हम इसके लिए अनुशंसा करेंगे. मुंबई पुलिस ने जिस तरह सुशांत केस को लेकर रवैया अपनाया है उसके परिवार वाले संतुष्ट नहीं थे.

सुशांत के पिता के के सिंह ने सोमवार को एक वीडियो मैसेज के जरिए यह खुलासा किया था कि 25 फरवरी को उनकी तरफ से मुंबई पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई थी कि सुशांत की जान को खतरा हो सकता है. लेकिन उसके बावजूद इस पर कोई एक्शन नहीं लिया.

पटना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बिहार पुलिस ने मुंबई में जाकर वहां जांच की है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की है. लेकिन अब बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी है. इससे शिवसेना के होश उड़ गए हैं.

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