In Parliament, the opposition asked the question - how many migrant laborers lost their lives during lockdown, then the Modi government said - do not know | संसद में विपक्ष ने पूछा सवाल- लॉकडाउन के वक्त कितने प्रवासी मजदूरों की जान गई, तो मोदी सरकार ने कहा- पता नहीं
सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो)

Highlightsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले चीन के साथ जारी तनातनी पर विपक्ष के तेवर को कम करने की कोशिश की।संसद सत्र से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सांसदों से जवानों संग एकजुटता दिखाने की अपील कीपीएम के बयान पर शशि थरूर ने कहा- जवानों संग एकजुटता दिखाने पर कोई बहस ही नहीं है, सब साथ है

नई दिल्ली: संसद में मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने सदन में हंगामा करने शुरू कर दिया। विपक्ष ने लॉकडाउन, कोरोन महामारी व चीन के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार से सवाल पूछे।

इंडिया टुडे की मानें तो विपक्ष के सांसदों ने लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के मौत को लेकर आंकड़ा सरकार से पूछे तो सरकार ने इस आंकड़े पर जवाब देते हुए कहा कि इस तरह का कोई आंकड़ा उनके पास नहीं है। नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा कि इस तरह की आपदा से लड़ने में स्थानीय निकाय व सरकार की लोकल बॉडी बेहतर काम किया है। 

विपक्ष की तरफ से इसके अलावा, यह भी पूछा गया कि क्या सभी राशन कार्डधारियों को सरकार ने लॉकडाउन में अनाज उप्लब्ध कराए हैं। यदि हां तो इससे जुड़े राज्यवार आंकड़े भी सरकार सदन के समक्ष रखे।

इसके जवाब में भी केंद्र सरकार साफ व स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी, सरकार ने कहा कि राज्यवार आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। सरकार ने कहा कि 80 करोड़ लोगों को पांच किलो अतिरिक्त चावल या गेहूं, एक किलो दाल नवंबर 2020 तक दिए जाने का प्लान है।

सदन में हंगामे पर विपक्ष ने कहा- सरकार सदन व देश को विश्वास में ले

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पत्रकारों से कहा, 'संसद के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कब हमें रक्षा और विदेश मंत्रियों (भारत और चीन) के बीच बातचीत के बारे में बताया है। सरकार को पूरे देश को अपने विश्वास में लेने की जरूरत है। सेना को समर्थन देने की बात पर कोई बहस ही नहीं है। हम पूरी तरह सेना के साथ हैं।'

इससे पहले पीएम मोदी ने साथ ही कहा संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जितनी चर्चा होगी, उतना ही अच्छा है।

पीएम ने कहा, 'इस बार बेहद कठिन वक्त में संसद का सत्र शुरू हो रहा है। एक तरफ कोरोना है और दूसरी तरफ कर्तव्य। सांसदों ने कर्तव्य का रास्ता चुना है। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। इस बार लोकसभा और राज्यसभा अलग-अलग समय पर चलेगी। इस बार शनिवार और रविवार को भी सदन चलेगा। सभी सांसद इस पर सहमत हैं।'

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित अन्य को दी गई श्रद्धांजलि

मानसून सत्र के पहले दिन, लोकसभा में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, वर्तमान लोकसभा के सदस्य एच वसंतकुमार और 13 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब 20 मिनट बाद एक घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। 

कोविड-19 महामारी की परिस्थिति के बीच सामाजिक दूरी और संबंधित दिशानिर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए सदन की कार्यवाही सुबह नौ बजे शुरू हुई। इस बार लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही अलग-अलग समय पर हो रही है। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद सभा ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी। फिर स्पीकल ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। 

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