Congress always tried to save Nirav Modi and Mehul Choksi, his members defending such frauds says ravi shankar prasad | रविशंकर प्रसाद ने कहा- नीरव मोदी को बचाने में लगे हैं कांग्रेस से जुड़े रिटायर्ड जज अभय थिप्से, 2018 में किया था पार्टी को ज्वॉइन
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने हर प्रकार से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को बचाने की कोशिश की। (फाइल फोटो)

Highlightsकेंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये (अभय थिप्से) मुंबई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें प्रशासनिक कार्यों के लिए रिटायमेंट के 10 महीने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किया गया था। 

नई दिल्लीः नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले में बंबई और इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज अभय थिप्से ने लंदन कोर्ट में गवाही दी है, जिसपर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेता व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हमला बोला है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि ये (अभय थिप्से) मुंबई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं। इन्हें प्रशासनिक कार्यों के लिए रिटायमेंट के 10 महीने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किया गया था। 

उन्होंने कहा कि रोचक बात है कि इन्होंने 13 जून 2018 को कांग्रेस की सदस्यता ली थी। 13 मई को, मुंबई हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज हैं, इन्होंने नीरव मोदी के डिफेंस विटनेस के रूप में ये स्टैंड लिया है कि नीरव मोदी के खिलाफ कोई केस नहीं है। उनको बचाने की पूरी कोशिश की गई है। 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीरव मोदी से संबंधित मामले कांग्रेस के शासन के हैं। ये अधिकांश सब यूपीए-1 और यूपीए-2 में हुआ था। राहुल गांधी ने 13 सितंबर 2013 को नीरव मोदी के एक कार्यक्रम में भी शिरकत की थी। कांग्रेस ने हर प्रकार से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को बचाने की कोशिश की। अब जब वो गिरफ्तार हो गए हैं, तो कांग्रेस से जुड़े एक रिटायर्ड जज उनको बचाने की कोशिश में लगे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से एक पूर्व न्यायाधीश ब्रिटेन में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए काम कर रहे हैं, हमारी जांच एजेंसी प्रभावी तरीके से इसका जवाब देगी। नीरव मोदी के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही में कांग्रेस के एक सदस्य, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बचाव पक्ष के गवाह के तौर पर पेश हुए, यह विपक्षी पार्टी का असली चेहरा दिखाता है।
 

आपको बता दें, भारत सरकार ने बुधवार (14 मई) को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ धोखधड़ी और धन शोधन के मामले में यहां की एक अदालत में सबूतों के तौर पर और दस्तावेज जमा किए। नीरव लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में अपने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है। 

डिस्ट्रिक्ट जज सैमुअल गूजी ने दस्तावेज देरी से जमा किए जाने पर चिंता जताई लेकिन आवेदन पर विचार करने के लिए सहमति जता दी। इन दस्तावेजों में अधिकतर हीरा कारोबारी की कंपनियों से जुड़े बैंक दस्तावेज हैं। इससे प्रत्यर्पण मामले में सुनवाई में और देरी हो सकती है। नीरव के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामले में अंतिम दलीलें अब दो भाग वाले मामले की निर्धारित दूसरी सुनवाई में दी जाएंगी जो सात सितंबर से पांच दिन तक चलेंगी। 

49 वर्षीय नीरव दक्षिण-पश्चिम लंदन में वैंड्सवर्थ जेल में अपने कमरे से वीडियो लिंक के माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल हो रहा है। उसे पिछले साल मार्च में गिरफ्तार करने के बाद से जेल में रखा गया है। वह पिछले साल से जमानत के बार-बार प्रयास कर चुका है, लेकिन उन्हें खारिज कर दिया गया क्योंकि उसके देश छोड़कर भाग जाने का खतरा है। 

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