bjp dinner diplomacy amit shah and nitish kumar strategy on seat sharing | डिनर डिप्लोमेसीः शाह और नीतीश ने बनाई 41 में रणनीति, इन दो पार्टियों से बात कर सीट बंटवारे पर होगी चर्चा

पटना, 13 जुलाई: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई 'डिनर डिप्लोमेसी' दोनों के रिस्ते को "डन" कर गई है। दोनों के बीच चली करीब 41 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात में आगे की चुनावी रणनीति से लेकर तमाम पहलुओं पर चर्चा चलने की चर्चा है।

बिहार में 'डिनर डिप्लोमेसी' के लिए बीजेपी के नेता शाम 8 बजे से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास, सात, सर्कुलर, रोड पर पहुंचना शुरू हो गए थे। हालांकि, अमित शाह खुद वहां साढ़े आठ बजे पहुंचे और फिर डिनर पर ही आगे की रणनीति पर चर्चा शुरू हुई। सूत्रों की अगर मानें तो अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच गुरुवार की रात डिनर वाले जगह के बगल वाले कमरे में चले गए और बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच करीब 41 मिनट तक लंबी बातचीत हुई। 

सूत्र ये भी बता रहे हैं दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में सीट शेयरिंग और चेहरे समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन सीट शेयरिंग की बातचीत को आगे के लिए टाल दिया गया क्योंकि लोजपा और रालोसपा के साथ बातचीत के बाद ही इसपर कुछ फैसला लिया जा सकता है। 

बैठक में इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के चेहरों का जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जाए। इसका मतलब ये निकाला जा रहा है कि सीमांचल में कई सीटें अल्पसंख्यक बहुल हैं और इन सीटों पर नीतीश के चेहरे को एनडीए भुनाने का प्रयास करेगा। जबकि बाकी इलाकों में नरेंद्र मोदी के कामों के जरिए लोगों को लुभाने की कोशिश की जाएगी।

सितंबर के पहले सप्ताह में ना केवल एनडीए के अलग-अलग घटक दलों को मिलने वाली सीटों की संख्या बल्कि उनके उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जा सकती है। बिहार एनडीए घटक दल में बीजेपी और जदयू के अलावा लोजपा और रालोसपा शामिल हैं। बताया जाता है कि दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान बिहार की लोकसभा की सभी 40 सीटें जीतने को लेकर फोकस रहें और इस संबंध में सभी पहुलओं पर चर्चा की। 

शायद यही कारण है कि अब बदले माहौल में बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डा. सीपी ठाकुर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सूबे में बड़ा भाई बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते वे ही बड़े भाई हैं। सीपी ठाकुर के मुताबिक राजनीति में बड़े और छोटे भाई बदलते रहते हैं। 

उन्होंने कहा है कि समय के अनुसार बडा भाई छोटा हो जाता और छोटा भाई बडा हो जाता है। वहीं, दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि डिनर काफी स्वादिष्ट था। काफी अच्छे माहौल में नेताओं ने डिनर का आनंद लिया। अमित शाह और नीतीश कुमार के अकेले में मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुलाकात हुई है तो राजनीतिक चर्चा भी जरूर हुई होगी। जबकि, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा है कि एनडीए में कही कोई दिक्कत नहीं है। साथ ही उन्होंने इशारा किया सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों की घोषणा जल्द की जा सकती है। 

सूत्रों के अनुसार अमित शाह अगस्त के अंतिम सप्ताह या फिर सितंबर के पहले हफ्ते में एक बार फिर बिहार के दौरे पर आ सकते हैं। इससे पहले गुरुवार को दिन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने साफ कहा था कि नीतीश कुमार कहीं जाने वाले नहीं हैं। वे हमारे साथ हैं। विपक्ष लार टपकाना बंद करे। नीतीश कुमार कभी भ्रष्टाचार के साथ नहीं रह सकते। 

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश के साथ एडनीए बिहार में सभी 40 लोकसभा की सीटें जीतेगा। विपक्ष के एनडीए के एकजुट होने से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। एनडीए की ताकत बढ़ी है। चंद्रबाबू नायडू गए तो पुराने सहयोगी नीतीश कुमार हमारे साथ आ गए। 

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