राजस्थान में संकटः सभी पद से हटाए गए सचिन, कहा-सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं, see pics

By सतीश कुमार सिंह | Published: July 14, 2020 03:33 PM2020-07-14T15:33:01+5:302020-07-14T15:40:56+5:30

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि बगावत करने वाले सचिन पायलट के हाथ में कुछ नहीं है और वे केवल भाजपा के हाथ में खेल रहे हैं। राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात करने के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश के खेल को राजस्थान में भी दोहराना चाहती थी और 'यह सब' पिछले छह महीने से चल रहा था।

गहलोत ने कहा कि पायलट व उनके साथ गए अन्य मंत्रियों, विधायकों को मौका दिया गया, लेकिन वे न तो सोमवार को और न ही मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आए। गहलोत ने कहा, “सचिन पायलट के हाथ में कुछ भी नहीं हैं। वह तो केवल भाजपा के हाथ में खेल रहे हैं ...जो रिसॉर्ट सहित बाकी सारे बंदोबस्त करने में जुटी है।”

राजस्थान में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट ने मंगलवार को कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं। इसके साथ ही उन्होंने अपने ट्विटर प्रोफाइल से उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का उल्लेख हटा दिया। अब उनके प्रोफाइल में उनके विधायक (टोंक) और पूर्व केंद्रीय मंत्री होने तथा कांग्रेस के वेबसाइट लिंक का उल्लेख है।

कांग्रेस आलाकमान के निर्णय के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ सत्य को परेशान किया जा सकता है पराजित नहीं।’’ गौरतलब है कि कांग्रेस ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले पायलट को मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पदों से हटा दिया। इसके साथ ही पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पायलट खेमे में गए सरकार के दो मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह एवं रमेश मीणा को भी उनके पदों से तत्काल हटा दिया।

पिछले छह महीने से राज्य में विधायकों की खरीद फरोख्त के प्रयास चल रहे थे। पायलट सहित तीन मंत्रियों को उनके पदों से हटाए जाने के फैसले की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने मजबूर होकर यह फैसला किया है।

गहलोत ने कहा, “आज के फैसले से कोई खुश नहीं है, न पार्टी, न आलाकमान।” गहलोत ने कहा कि उन्होंने किसी की पार्टी आलाकमान से शिकायत नहीं की।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचीं। राजस्थान को लेकर पार्टी गंभीर है।

‘‘मैं बोलता हूं, तो इल्ज़ाम है बग़ावत का, मैं चुप रहूं तो बड़ी बेबसी सी होती है’’.... कांग्रेस के खिलाफ बगावती रुख अपना चुके राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के करीबी एवं राज्य पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने मंगलवार सुबह जब यह ट्वीट किया तो भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने न केवल इस पर दाद दी, बल्कि इसे रिट्वीट भी किया।

पायलट खेमे के एक और विधायक मुकेश भाकर ने भी सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘‘जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है, उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है।’’ हालांकि इसे लेकर वह काफी ट्रोल भी हुए। राजस्थान के इस सियासी नाटक के केंद्र में मौजूद सचिन पायलट इस बारे में सोशल मीडिया पर चुप हैं।