Maharashtra Government withdraws 348 cases out of the total 649 cases registered in Bhima Koregaon violence. | उद्धव ठाकरे सरकार ने लिया बड़ा फैसला, भीमा कोरेगांव हिंसा व मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े 808 केस को किया रद्द
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

Highlightsगांव-भीमा-एल्गार परिषद मामला पुणे पुलिस ने एनआईए को सौंपने से किया था इनकार।एनसीपी के नेता व प्रदेश सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा था कि राज्य सरकार की एसआईटी सामानांतर रूप से मामले की जांच करेगी।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार ने भीमा कोरेगांव हिंसा व मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े 808 केस को रद्द कर दिया है। इन दोनों ही मामले में कुल 1197 मामले दर्ज थे। कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी नेता शरद पवार के बीच कोरेगांव मामले को लेकर बढ़ रहे विवाद के बीच सीएम ठाकरे ने बयान दिया था।

Maharashtra Government withdraws 348 cases out of the total 649 cases registered in Bhima Koregaon violence.
The state government also withdraws 460 cases out of 548 cases registered during Maratha reservation agitation.

— ANI (@ANI) February 27, 2020

सीएम ने कहा था कि एलागर परिषद केस व कोरेगांव भीमा केस दो अलग-अलग मामला है। इसका साथ ही उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मैंने नरेंद्र मोदी सरकार को जांच के लिए सिर्फ एलागार परिषद केस सौंपा है। इसके अलावा, ठाकरे ने यह भी कहा था कि कोरेगांव मामला दलित समाज के लोगों से जुड़ा है। इस मामले से जुड़ी किसी भी तरह की सबूत आदि को प्रदेश सरकार ने जांच के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं को नहीं सौंपा है।

Maharashtra CM Uddhav Thackeray: Elgaar Parishad case&Bhima Koregaon case are 2 different cases. Bhima Koregaon case is related to my Dalit ppl & the probe related to the case yet not given to Centre&it will not be handed over to Centre. Centre has taken over Elgaar Parishad case pic.twitter.com/AFv6xNSFKt

— ANI (@ANI) February 18, 2020

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से नाराज होकर कोरेगांव मामले में शरद पवार ने बैठक बुलाई थीं-

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा कोरेगांव मामले में लिए गए फैसले से नाराज एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपनी पार्टी के सभी मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पार्टी के सभी मंत्रियों के साथ बैठक करके बड़ा फैसला लिया था। बैठक के बाद एनसीपी के नेता व प्रदेश सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा था कि राज्य सरकार की एसआईटी सामानांतर रूप से मामले की जांच करेगी।

उन्होंने कहा था कि इसके लिए प्रदेश सरकार की गृह मंत्रालय जल्द कोई फैसला लेगी। कोरेगांव-भीमा-एल्गार परिषद मामला पुणे पुलिस ने एनआईए को सौंपने से किया था इनकार- कुछ दिनों पहले केंद्र द्वारा कोरेगांव-भीमा-एल्गार परिषद मामले की जांच सौंपे जाने के कुछ दिन बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम यहां पहुंची थीं। लेकिन, इस मामले में पुणे पुलिस ने केंद्र सरकार के आदेश को मानने से साफ मना कर दिया था।

कोरेगांव-भीमा-एल्गार परिषद मामला पुणे पुलिस ने एनआईए को सौंपने से किया था इनकार-

पिछले दिनों पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव मामले के दस्तावेज एनआईए को सौंपने से इनकार कर दिया था। राज्य गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा था कि जबतक उनकी केंद्र सरकार से इसपर कोई औपचारिक बात नहीं होती तब तक राज्य की पुलिस एनआईए के साथ सहयोग नहीं करेगी। देशमुख ने कहा कि पुणे पुलिस को केंद्र की ओर से ऐसा कुछ नहीं कहा गया है कि मामला एलगार परिषद से एनआईए को सौंपा गया है।

English summary :
Maharashtra Government withdraws 348 cases out of the total 649 cases registered in Bhima Koregaon violence.


Web Title: Maharashtra Government withdraws 348 cases out of the total 649 cases registered in Bhima Koregaon violence.
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