yogendra yadav says i t dept raided sister hospital accuses modi govt of targeting family | योगेंद्र यादव की बहन के अस्पताल पर IT ने मारा छापा, कहा- मुझे चुप कराना चाहती है केंद्र सरकार

नई दिल्ली , 11 जुलाई: स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने आज आरोप लगाया कि उन्हें ‘ डराने ’ और ‘ चुप ’ करने के लिए रेवाड़ी में उनकी बहन के अस्पताल पर आयकर विभाग ने छापा मारा है। उन्होंने किसानों को फसल की उचित कीमत दिलाने और हरियाणा के रेवाड़ी में शराब की दुकानों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा हुआ है। 

यादव ने दो दिन पहले , ‘ पदयात्रा ’ से अपना अभियान शुरू किया था। उन्होंने ट्विटर पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार उनके परिवार को ‘ निशाना ’ बना रही है। उन्होंने ट्वीट में कहा , ‘‘ मोदी सरकार मेरे परिवार को निशाना बना रही है। रेवाड़ी में मेरी पदयात्रा शुरू होने के दो दिन बाद और अधिकतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा शराब के ठेकों के खिलाफ आंदोलन शुरू करने के बाद रेवाड़ी में मेरी बहनों के अस्पताल और नर्सिंग होम पर आयकर विभाग ने छापा मारा है। ’’ 

उन्होंने कहा , ‘‘ कृपया मेरी , मेरे घर की तलाशी लीजिए , मेरे परिवार को निशाना क्यों बनाते हैं ?एक अन्य ट्वीट में यादव ने कहा यह उन्हें डराने की कोशिश है। यादव ने ट्वीट में कहा , ‘‘ दिल्ली के 100 से अधिक अधिकारियों ने सुबह 11 बजे अस्पताल पर छापा मारा। सभी डॉक्टरों (मेरी बहनें , बहनोई , भांजे) को उनके कमरों में रखा गया। नवजातों के लिए बने आईसीयू समेत अस्पताल को सील कर दिया गया। 

अधिकारियों ने बताया कि कर विभाग ने कलावती अस्पताल और कमला नर्सिंग होम , उसके मुख्य साझेदार डॉ . गौतम यादव और अन्य के निवासों की तलाशी ली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा , ‘‘ तीन परिसरों की तलाशी आयकर विभाग की हरियाणा जांच शाखा की टीमों द्वारा की जा रही हैं। करीब 40 कर अधिकारियों की टीम और पुलिसकर्मियों की एक टोली ने इस काम में हिस्सा लिया है। ’’ 

समझा जाता है कि गौतम यादव योंगेंद्र यादव की बहन डॉ . नीलम यादव के बेटे हैं। अधिकारियों के अनुसार कर विभाग ने नीरव मोदी ग्रुप से मिली सूचनाओं के आधार यह कार्रवाई की है। नीरव मोदी दो अरब के पीएनबी धोखाधड़ी मामले की जांच से भाग रहा है। पाया गया है कि गौतम यादव ने हीरा कारोबारी की कंपनी से ज्वैलरी खरीदने पर साढ़े छह लाख रुपये में से सवा तीन लाख रुपये नकद में भुगतान किया था। 

उन्होंने बताया कि तलाशी के दायरे में डॉ . नरेंद्र सिंह यादव भी थे और यादव परिवार के यहां से 22 लाख रुपये मिले। एक अधिकारी ने कहा , ‘‘ किसी भी व्यक्ति के हाथों में वर्तमान नकद सीमा दो लाख रुपये है और 22 लाख रुपये की इस नकद राशि के स्रोत की जांच की जा रही है। ’’ 

जब आयकर विभाग के आरोपों के बारे में योगेंद्र यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा , ‘प्रश्न यह है कि क्या यह राशि बिना किसी लेखा - जोखा की है। मैं अस्पतालों के खातों के बारे में नहीं जानता। ’’