When Anchor wanted to know the response of Kailash Vijayvargiya, he lost his temper, and not only, he asked for a job. | पत्रकार ने जब कैलाश विजयवर्गीय से बेटे पर प्रतिक्रिया जाननी चाही तो वह आपा खो बैठे, उन्होंने औकात ही पूछ ली
विधायक बेटे की इस गुंडागर्दी पर वरिष्ठ भाजपा नेता का यह बयान दर्शाता है कि उनकी नजर में कानून और मीडिया की कोई हैसियत नहीं है।

Highlightsउन्होंने खीजते हुए उल्टा सवाल किया, ‘आप जज हैं क्या? आप जजमेंट कर रहे हैं? जज मत बनिए।’कैलाश ने जवाब में कहा कि आप भी फैसला नहीं सुना सकते, आप कौन हैं? क्या है आपकी हैसियत, आप ऐसी बात करेंगे किसी विधायक के बारे में, अपनी औकात देखिये पहले।’

जर्जर मकान ढहाने गयी इंदौर नगर निगम की टीम के साथ विवाद के दौरान बुधवार को भाजपा के स्थानीय विधायक आकाश विजयवर्गीय ने शहरी निकाय के एक अफसर को क्रिकेट बैट से पीट दिया। आकाश, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं।

इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटने के मामले में स्थानीय भाजपा विधायक कैलाश विजयवर्गीय की जमानत याचिका खारिज। न्यायिक हिरासत में जेल भेज भेजे गए।

सत्ता का नशा नेताओं पर किस कदर हावी होता है, इसका नमूना मध्य प्रदेश के इंदौर में देखने को मिला। यहां से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम के अधिकारियों पर क्रिकेट बैट से हमला बोला। आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों ने भी अपनी स्वामी भक्ति दिखाने के लिए जमकर हाथ चलाये। आकाश भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं।

उम्मीद की जा रही थी वो अपने बेटे की इस करतूत पर माफी मांगेंगे। माफी न भी मांगें तो अफसोस तो जरूर जताएंगे, लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि सत्ता का नशा केवल उनके बेटे ही नहीं, उनके सिर चढ़कर भी बोल रहा है। ‘न्यूज24’ के एंकर रवि ठाकुर ने जब मारपीट की घटना पर कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो वह अपना आपा खो बैठे। इतना ही नहीं, उन्होंने तो रवि ठाकुर से उनकी आौकात ही पूछ ली।


दरअसल, एंकर रवि ठाकुर ने फोन पर कैलाश विजयवर्गीय से संपर्क करके जानना चाहा कि वो अपने बेटे की करतूत पर क्या सोचते हैं। रवि ठाकुर ने पूछा,‘ये कौन से विधायक होते हैं तो कानून अपने हाथ में लेते हैं, बल्ला अपने हाथ में लेते हैं। एक विधायक की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को कायम करने की होती है, लेकिन जब विधायक हाथ में बल्ला लेकर लोगों को मारने निकले तो....आपको अपने बेटे की निंदा करनी चाहिए।’

यह सुनते ही कैलाश भड़क गए। उन्होंने खीजते हुए उल्टा सवाल किया, ‘आप जज हैं क्या? आप जजमेंट कर रहे हैं? जज मत बनिए।’ जब रवि ठाकुर ने कहा कि आप किसी पर बल्ला नहीं उठा सकते तो कैलाश ने जवाब में कहा कि आप भी फैसला नहीं सुना सकते, आप कौन हैं? क्या है आपकी हैसियत, आप ऐसी बात करेंगे किसी विधायक के बारे में, अपनी औकात देखिये पहले।’ इतना कहते ही कैलाश विजयवर्गीय ने फोन काट दिया।

विधायक बेटे की इस गुंडागर्दी पर वरिष्ठ भाजपा नेता का यह बयान दर्शाता है कि उनकी नजर में कानून और मीडिया की कोई हैसियत नहीं है। जो उनके खिलाफ आवाज उठाएगा, उसे ये लोग इसी तरह हैसियत याद दिलाएंगे।

 मानक गुप्ता ने रवि ठाकुर और कैलाश विजयवर्गीय की इस बातचीत का विडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं-


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