Use of the word 'derogatory' against PM is not treason, Congress leader Mani Shankar Iyer survived | पीएम के खिलाफ महज ‘अपमानजनक’ शब्द का इस्तेमाल राजद्रोह नहीं, कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर बचे
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है।

Highlightsपुलिस ने कहा कि फौजदारी कानून में कार्रवाई एक पहलू है जो सबूतों के साथ प्रमाणित होनी चाहिए।अय्यर के खिलाफ 2017 में याचिका दायर राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की थी।

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को अदालत को बताया कि भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ बिना किसी कार्रवाई के महज अपमानजनक शब्द बोलने भर से कांग्रेस नेता मणि शंकर अय्यर के खिलाफ राजद्रोह का मामला नहीं बनता।

अधिवक्ता एवं नेता अजय अग्रवाल की ओर से दायर याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए पुलिस ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में कहा कि यहां तक कि अगर अय्यर ने पाकिस्तानी अधिकारियों की मेजबानी करने में प्रोटोकॉल तोड़ा तो भी यह भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध नहीं है।

पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट वसुंधरा आजाद से कहा, ‘‘भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ बिना किसी कार्रवाई के महज अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करना भारतीय दंड संहिता की धारा-124 ए (राजद्रोह) और धारा-153 ए (शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत अपराध की श्रेणी में नहीं आता।’’

पुलिस ने कहा कि फौजदारी कानून में कार्रवाई एक पहलू है जो सबूतों के साथ प्रमाणित होनी चाहिए और जिससे आपराधिक इरादे का पता लगाया जा सके। पुलिस ने कहा, ‘‘जहां तक इन लोगों पर भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप है तो शिकायतकर्ता ने ऐसा मानते हैं और अबतक ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया है।’’

उल्लेखनीय है कि अग्रवाल ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और पाकिस्तानी अधिकारियों की मेजबानी करने पर अय्यर के खिलाफ 2017 में याचिका दायर राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की थी और आरोप लगाया था कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है। अदालत ने इससे पहले 2014 में रायबरेली से संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके अग्रवाल को मामले से जुड़े दस्तावेज अदालत में जमा कराने को कहा था ताकि पुलिस उसके आधार पर कार्रवाई रिपोर्ट दे सके।

इससे पहले अग्रवाल ने दावा किया था कि अय्यर ने छह दिसंबर 2017 को अपने दक्षिणी दिल्ली स्थित आवास पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठक की थी जिसमें पाकिस्तानी उच्चायुक्त भी शामिल हुए थे। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी मौजूद थे।

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर ‘अपमानजनक’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बावजूद बैठक की जानकारी विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को नहीं दी गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी और दिल्ली पुलिस से अनुरोध किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।


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