Unhelpful scene in lockdown: a man dragged with a bull and dragging a car on the highway | Lockdown: बेबस और मजबूर हुआ इंसान, बैल के साथ खींचनी पड़ रही बैलगाड़ी, कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर भाजपा पर बोला हमला
लॉकडाउन में बैल के साथ बैलगाड़ी खींचने को मजबूर हुआ व्यक्ति।

Highlightsकोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दिल को झकझोर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।इस वीडियो में तंगहाली के शिकार परिवार के एक व्यक्ति को बैल के साथ जुतकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ी खींचते देखा जा सकता है।

इंदौर।कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में जारी लॉकडाउन के बीच दिल को झकझोर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में तंगहाली के शिकार परिवार के एक व्यक्ति को बैल के साथ जुतकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ी खींचते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया के दावों के मुताबिक यह वीडियो इंदौर जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीन (आगरा-मुंबई राजमार्ग) का बताया जा रहा है। इस वीडियो में राजमार्ग पर एक बैलगाड़ी धीमी चाल से आगे बढ़ती दिखाई देती है जिसमें एक बैल और एक व्यक्ति साथ-साथ जुते नजर आते हैं। इस वीडियो को मध्यप्रदेश कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है। कांग्रेस ने वीडियो को शेयर कर मोदी सरकार पर हमला बोला है, ऐसी आत्मनिर्भरता..? मोदी जी, भारत की सड़कों पर दिखते ये हृदय विदारक दृश्य एक बैल के मरने का नहीं, सरकार की आत्मा के मरने का प्रमाण है।  हम 50 दिन में ही इतने लाचार हो गये कि लोगों को सम्मान और सकुशल उनके घर नहीं भेज पा रहे..? -केवल 6 साल में ही 70 साल की मेहनत पर पानी फेर दिया।

घर-गृहस्थी के कुछ सामान से लदी बैलगाड़ी में एक महिला और एक युवक बैठे दिखायी दे रहे हैं। बैल के साथ जुतकर गाड़ी खींचता दिखा व्यक्ति वीडियो में अपना नाम राहुल बता रहा है और उसकी उम्र 40 साल के आस-पास मालूम पड़ती है। बैल के साथ गाड़ी में जुता व्यक्ति वीडियो में कहता सुनायी पड़ता है, "मैं (इंदौर शहर के पास स्थित) पत्थरमुंडला गांव का रहने वाला हूं और (नजदीकी कस्बे) महू से निकला हूं। गाड़ी में मेरी भाभी और छोटा भाई बैठे हैं। हम गांव-देहातों की ओर जा रहे हैं।"

बैल के साथ गाड़ी में जुते व्यक्ति ने लाचारगी भरे स्वर में कहा, "(लॉकडाउन के कारण) बसें भी नहीं चल रही हैं। अगर बसें चलतीं, तो हम बस से ही सफर करते। मेरे पिता, मेरा भाई और मेरी बहन आगे पैदल चले गये हैं।" राहुल ने बताया कि उसका परिवार गांव-गांव घूमकर बैलों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। वीडियो में इस व्यक्ति ने कहा, "आखिर हम क्या करें? मेरे पास दो बैल थे। लेकिन मेरे घर में आटा और खाना पकाने का दूसरा सामान खत्म हो गया था। इसके चलते मैंने 15,000 रुपये कीमत का एक बैल केवल 5,000 रुपये में 15 दिन पहले ही बेच दिया ताकि मैं अपने घर का खर्च चला सकूं।"

इस बीच, प्रशासन ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) प्रतुल सिन्हा ने बुधवार को "पीटीआई-भाषा" को बताया, "मैंने महू की जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को मामले की पूरी सचाई पता लगाने के निर्देश दिये हैं।" सिन्हा ने बताया कि वीडियो में बैलगाड़ी में जुते दिखायी दिये व्यक्ति की तलाश की जा रही है और संबंधित सरकारी योजना के तहत उसके परिवार की हरसंभव मदद की जायेगी।

Web Title: Unhelpful scene in lockdown: a man dragged with a bull and dragging a car on the highway
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