Unemployment questions will be asked in 2021 census, are you looking for full time or half | 2021 की जनगणना में बेरोजगारों से पूछा जाएगा सवाल, कैसी नौकरी ढूंढ रहें हैं आप?
जनगणना के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तारीख 1 अक्तूबर 2020 तय की गई है जबकि बाकी देश में 1 मार्च 2021.

Highlights2021 की जनगणना में इस सवाल में दो सब-सेक्शन होंगे। ग्रैजुएशन पर शिक्षा का सवाल खत्म नहीं होगा.

2021 की जनगणना में हर बेरोजगार से यह भी पूछा जाएगा कि वह पार्ट टाइम नौकरी ढूंढ रहा है या फुल टाइम, वह कौन से सेक्टर में नौकरी ढूंढ रहा है. लिस्ट में 250 नौकरियां दी जाएंगी जिनमें से चुनना होगा. इसमें आम डॉक्टर और डेंटिस्ट का अलग, मिठाईवाले और मछली वाले का अलग विकल्प होगा. इससे भारत के नौकरी बाजार के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाएगी.

2021 में होने वाली जनगणना के लिए पहले की तुलना में ज्यादा विस्तृत सवाल तैयार किए जा रहे हैं जिनसे सटीक डाटा मिल सके. इस प्रकिया से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इससे बेहतर नीतियां बनाई जा सकेंगी. दरअसल हर बार जनगणना के वक्त आमतौर पर ऐसे सवाल किए जाते हैं जिनसे नागरिकों की पहचान, उनके काम, जगह और जीवनशैली जैसी मूलभूत जानकारियां पता चल सकें.

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में जनगणना होनी है. इस बार 28 सवाल तैयार किए गए हैं जिन्हें सब-सेक्शंस में बांटा गया है. इससे पहले 2011 में 29 सवाल थे लेकिन तब सब-सेक्शन में किए गए सवाल अलग थे. जैसे, शिक्षा या कौशल के सवाल में किसी व्यक्ति से पहले यह पूछा जाता था कि वह ग्रैजुएट है, या स्कूल-कॉलेज ड्रॉपआउट या उनके पास कोई वोकेशनल स्किल है या वह अनपढ़ है.

शिक्षा पर 22 विकल्प होंगे 

2021 की जनगणना में इस सवाल में दो सब-सेक्शन होंगे। ग्रैजुएशन पर शिक्षा का सवाल खत्म नहीं होगा. इसमें 22 विकल्प दिए जाएंगे जिनमें पॉलिटेक्निक डिप्लोमा से लेकर पीएचडी तक शामिल होगा। अलग-अलग कौशल से जुड़ीं अलग श्रेणियां भी इसमें होंगी, जैसे आईटी, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, लॉ, मैनेजमेंट, कॉमर्स, लैंग्वेज, कृषि, साइंस, आर्ट्स और सोशल साइंस.

बीमारियों के लिए श्रेणी पहली बार प्राकृतिक आपदा के कारण किसी जगह से पलायन करने वाले लोगों की भी श्रेणी बनाई जाएगी जिससे सरकारी संसाधनों का सटीक आवंटन किया जा सके.

इसके साथ ही विकलांगता पर विस्तृत सवाल होंगे और सवालों की भाषा भी अलग होगी. 2011 का जनगणना में शारीरिक अक्षमता के लिए विकल्प थे और मानिसक बीमारी की एक आम श्रेणी थी. इससे अलग 2021 में एक टर्म होगा बौद्धिक अक्षमता. इसमें विकलांगता की 11 श्रेणयिां होंगी जिनमें एसिड अटैक पीडि़तों से लेकर न्यूरॉलिजकल डिसॉर्डर, ब्लड डिसॉर्डर तक का विकल्प होगा. बॉक्स बेहतर नीतियां बनाना होगा आसान जनगणना में लोगों के धर्म के अलावा उसकी अलग-अलग शाखाओं के बारे में भी पूछा जा सकता है.

सेंटर ऑफ बजट एंड गवर्नेंस अकाउंटबिलिटी में सीनियर कंसल्टेंट सोना मित्रा ने बताया है कि नए विकल्पों की मदद से बेहतर नीतियां बनाई जा सकेंगी, खासकर कौशल विकास और रोजगार पैदा करने के क्षेत्र में. जनगणना के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तारीख 1 अक्तूबर 2020 तय की गई है जबकि बाकी देश में 1 मार्च 2021.


Web Title: Unemployment questions will be asked in 2021 census, are you looking for full time or half
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