त्रिपुरा निकाय चुनाव : तृणमूल ने अदालत के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगा उच्चतम न्यायालय का रुख किया

By भाषा | Published: November 26, 2021 12:11 PM2021-11-26T12:11:30+5:302021-11-26T12:11:30+5:30

Tripura civic polls: Trinamool moves Supreme Court alleging disobeying court orders | त्रिपुरा निकाय चुनाव : तृणमूल ने अदालत के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगा उच्चतम न्यायालय का रुख किया

त्रिपुरा निकाय चुनाव : तृणमूल ने अदालत के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगा उच्चतम न्यायालय का रुख किया

Next

नयी दिल्ली, 26 नवंबर तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा में नगरपालिका चुनाव के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई हिंसा की अदालत की निगरानी वाली समिति से जांच कराने का अनुरोध करते हुए शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में मीडिया को निर्बाध पहुंच प्रदान करने के अदालत के बृहस्पतिवार के आदेश के बावजूद इस संबंध में कुछ भी नहीं किया गया। सिब्बल ने तृणमूल द्वारा दायर दो आवेदनों को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘वहां बिल्कुल अशांत माहौल था। उम्मीदवारों को भी मतदान नहीं करने दिया गया। हिंसक घटनाएं हुईं। यहां तक ​​कि मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन हुआ है।’’ पीठ ने कहा कि अदालत ने इस मुद्दे से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को एक विशिष्ट और विस्तृत आदेश पारित किया था।

सिब्बल ने कहा कि मुझे पता है, लेकिन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की दो बटालियन को मुहैया नहीं कराया गया। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को दो कांस्टेबल भी उपलब्ध नहीं कराए गए। हमारे पास इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सबूत हैं। कृपया इन अर्जियों को अविलम्ब सूचीबद्ध करें। पीठ ने कहा कि शुक्रवार को अलग-अलग न्यायाधीशों की पीठ है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘देखते हैं कि क्या किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा कि न्यायाधीश संविधान दिवस के अवसर पर आधिकारिक कार्यों में व्यस्त हैं। इस पर सिब्बल ने कहा कि कल शनिवार होने के बावजूद अदालत मामले की सुनवाई कर सकती है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि शनिवार को एक आधिकारिक कार्यक्रम है। लेकिन वह दोपहर के भोजनावकाश के समय न्यायमूर्ति बोपन्ना से बात करेंगे और चर्चा करेंगे कि क्या किया जा सकता है।

एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड रजत सहगल ने कहा कि तृणमूल ने दो आवेदन दायर कर मतगणना स्थगित करने और हिंसक घटनाओं की अदालत की निगरानी वाली समिति से जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि एक अन्य आवेदन में पार्टी ने इस मामले में राज्य चुनाव आयुक्त को जिम्मेदार ठहराने का अनुरोध किया है।

शीर्ष अदालत ने तृणमूल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के आरोपों के बाद बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को त्रिपुरा नगरपालिका चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियां मुहैया कराने का निर्देश दिया था। दोनों पार्टियों ने आरोप लगाया है कि उनके समर्थकों को मतदान करने की अनुमति नहीं दी गई और कानून व्यवस्था का गंभीर उल्लंघन हुआ है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Tripura civic polls: Trinamool moves Supreme Court alleging disobeying court orders

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे