Tribal couple reached Gwalior from Godda after traveling 1200 km on a scooter to test pregnant wife | गर्भवती पत्नी को परीक्षा दिलाने स्कूटर से 1200 किमी का सफर तय कर गोड्डा से ग्वालियर पहुंचा आदिवासी दंपति
स्कूटर से गोड्डा से ग्वालियर पहुंचा आदिवासी दंपत्ति (फोटो- सोशल मीडिया)

Highlightsपत्नी सोनी को छह महीने का गर्भ था, लेकिन परीक्षा देने के लिए उन्होंने स्कूटर से ही यात्रा करने की ठान ली।धनंजय ने बताया कि टैक्सी से वे ग्वालियर आते तो करीब 30 हजार रुपए खर्च होते, जो उनके पास नहीं थे। धनंजय ने कहा कि अभी भी जेवर गिरवी रखकर दस हजार रुपए का इंतजाम किया और दो दिन की यात्रा करके ग्वालियर आ गए।

ग्वालियर:  कोरोना महामारी के कारण जब ट्रेन और बस सहित यात्रा के साधन उपलब्ध नहीं हैं तो झारखंड के गोड्डा जिले का रहने वाले एक युवक को अपनी गर्भवती पत्नी को स्कूटर पर बिठाकर 1,200 किलोमीटर का सफर तय कर डी एड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) की परीक्षा दिलाने ग्वालियर आना पड़ा।

जब इस दंपत्ति का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो सरकार भी मदद करने के लिये आगे आई और ग्वालियर जिला प्रशासन ने तुरंत आर्थिक सहायता करते हुए इस आदिवासी दंपत्ति को सुरक्षित वापस झारखंड पहुंचाने की पेशकश की है। झारखंड के गोड्डा जिले के गंटा टोला गांव के निवासी धनंजय कुमार (27) अपनी छह माह की गर्भवती पत्नी सोनी हेम्बराम (22) को स्कूटर पर बिठाकर डी एड (दूसरा वर्ष) की परीक्षा दिलाने के लिये ग्वालियर आ गये।

इस बारे में धनंजय ने बताया कि कोरोना के कारण बसें और ट्रेनें बंद थी। ऊपर से पत्नी सोनी को छह महीने का गर्भ था, लेकिन उन्होंने स्कूटर से ही यात्रा करने की ठान ली। हालांकि पत्नी सोनी ने पहले मना किया, लेकिन फिर तैयार हो गई। धनंजय ने बताया कि टैक्सी से वे ग्वालियर आते तो करीब 30 हजार रुपए खर्च होते, जो उनके पास नहीं थे।

उन्होंने कहा कि अभी भी जेवर गिरवी रखकर दस हजार रुपए का इंतजाम किया और दो दिन की यात्रा करके ग्वालियर आ गए। हमारे करीब पांच हजार रुपए एक ओर की यात्रा में ही खर्च हो गए। उन्होंने बताया कि रास्ते में तकलीफ तो बहुत हुई। खासतौर से बिहार में क्योंकि वहां बारिश के पानी के अलावा कुछ नहीं है। रास्ते में गड्डे में स्कूटर गया तो सोनी को तकलीफ भी हुई, लेकिन धीरे-धीरे स्कूटर चलाकर मुजफ्फरपुर और लखनऊ में रात बिताते हुए 30 अगस्त को वे ग्वालियर आ गए। गोड्डा से 28 अगस्त को तड़के उन्होंने सफर शुरु किया था।

उन्होंने कहा कि अब यदि किसी की मदद नहीं मिली तो वे जैसे आए थे, वैसे ही स्कूटर से वापस अपने गांव जाएंगे। धनंजय ने बताया कि ग्वालियर के दीनदयाल नगर में उन्होंने 15 दिन के लिए 1500 रुपए में किराए पर एक कमरा लिया है और यहां पद्मा गर्ल्स स्कूल में परीक्षा केन्द्र है और पत्नी की परीक्षा 11 सितंबर तक चलेगी।

उन्होंने बताया कि वह स्वयं आठवीं पास हैं और एक कैटरर के यहां कुक का काम करते हैं, लेकिन पिछले तीन महीनों से बेरोजगार हैं। पिछले साल दिसंबर में ही सोनी से उनकी शादी हुई थी। वहीं उसकी पत्नी सोनी ने बताया कि पहले तो आने में परेशानी के चलते लगा कि शायद परीक्षा नहीं दे पाएंगी, लेकिन पति की हिम्मत देखकर वह भी तैयार हो गई।

हालांकि रास्ते में बारिश के कारण परेशानी हुई, थोड़ा बुखार भी आया, लेकिन अब सब ठीक है और जैसे ही झारखंड में शिक्षकों की भर्ती होगी, वह भी आवेदन करेंगी, और उम्मीद है कि उसका चयन भी हो जाएगा।

उधऱ झारखंड के इस दंपत्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्वालियर प्रशासन हरकत में आया। ग्वालियर कलेक्टर ने महिला सशक्तिकरण अधिकारी शालीन शर्मा को तुरंत इस दंपत्ति के पास भेजा। शर्मा ने बताया कि फिलहाल रेडक्रास की ओर से दंपत्ति को पांच हजार रुपए दिए गए हैं। इसके साथ वापस सुरक्षित उनके गांव भेजने का प्रस्ताव भी दिया है।

इसके अलावा, उनके भोजन और जहां वे रुके हुए हैं, उसकी धनराशि भी प्रशासन देगा। उन्होंने बताया, चूंकि धनंजय की पत्नी गर्भवती है, इसलिए उनका ध्यान रखा जा रहा है। फिलहाल लगातार परीक्षाएं हैं, लेकिन रविवार को उनकी पत्नी का स्वास्थ्य परीक्षण और अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा।  

Web Title: Tribal couple reached Gwalior from Godda after traveling 1200 km on a scooter to test pregnant wife
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