भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान विभाजन को निरस्त करना है: भागवत

By भाषा | Published: November 26, 2021 12:13 AM2021-11-26T00:13:21+5:302021-11-26T00:13:21+5:30

The solution to the pain of partition of India is to abrogate the partition: Bhagwat | भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान विभाजन को निरस्त करना है: भागवत

भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान विभाजन को निरस्त करना है: भागवत

Next

नोएडा, 25 नवंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान विभाजन को निरस्त करना ही है। उन्होंने कहा कि दोबारा देश का विभाजन नहीं होगा।

पुस्तक ‘भारत के विभाजन के साक्षी’ का विमोचन करते हुए भागवत ने यह भी कहा कि भारत की पारंपरिक विचारधारा का सार सबको साथ लेकर चलना है, खुद को सही और दूसरों को गलत मानना नहीं।

भागवत ने कहा, ‘‘इसके विपरीत, इस्लामी आक्रांताओं की सोच यह थी कि वे खुद को सही और दूसरों को गलत मानते थे। अतीत में संघर्ष का मुख्य कारण यही था। अंग्रेजों की भी यही सोच थी, उन्होंने 1857 के विद्रोह के बाद हिन्दुओं और मुस्लिमों के बीच अलगाव को बढ़ाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह 1947 का नहीं बल्कि 2021 का भारत है। विभाजन एक बार हो गया, वह दोबारा नहीं होगा। जो इसके उलट सोच रखते हैं वे खुद बर्बाद हो जाएंगे।’’

आरएसएस की ओर से जारी एक बयान में अनुसार, भागवत ने कहा, ‘‘भारत के विभाजन की पीड़ा का समाधान विभाजन को निरस्त करना ही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: The solution to the pain of partition of India is to abrogate the partition: Bhagwat

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे