The person requested the court to instruct the media not to publish the news of their marital dispute. | व्यक्ति ने अपने वैवाहिक विवाद की खबर प्रकाशित नहीं करने का मीडिया को निर्देश देने का अदालत से अनुरोध किया
व्यक्ति ने अपने वैवाहिक विवाद की खबर प्रकाशित नहीं करने का मीडिया को निर्देश देने का अदालत से अनुरोध किया

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल एक व्यक्ति ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह उसके वैवाहिक विवाद के बारे में खबरें प्रकाशित नहीं करने के लिए मीडिया को निर्देश जारी करे। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि ऐसी खबरों से उसकी प्रतिष्ठा को ठेस लगी है। उसकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसने उसे 'तीन तलाक’ कहा था।

याचिकाकर्ता ने अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद के बारे में एक समाचार विभिन्न टीवी चैनलों और विभिन्न मीडिया हाउसों के ऑनलाइन पोर्टल पर प्रसारित होने के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने केंद्र के साथ ही एएनआई, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) और याहू सहित विभिन्न मीडिया घरानों को नोटिस जारी कर इस संबंध में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।

वकील संजीव अग्रवाल के जरिए याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि प्रसारित खबर का प्राथमिक स्रोत एएनआई एजेंसी थी और अन्य मीडिया घरानों ने उस समाचार एजेंसी से ही खबर ली थी।

अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में कहा कि समाचार रिपोर्ट अधीनस्थ अदालत की कार्यवाही से बिल्कुल अलग थी।

उन्होंने यह भी दलील दी कि एक पुलिस रिपोर्ट भी थी जिसमें कहा गया था कि पत्नी ने जो आरोप लगाया है, वैसा कुछ नहीं हुआ है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि वह और उनकी पत्नी शिया मुसलमान हैं और उनके धर्म में तलाक के लिए तीन बार तलाक कहना मान्य नहीं है।

अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह याचिका "वैवाहिक मामलों में गोपनीयता का मुद्दा उठाती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: The person requested the court to instruct the media not to publish the news of their marital dispute.

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