The court sought answers regarding the system of online registration of law graduates | अदालत ने विधि स्नातकों के ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था के बारे में जवाब मांगा
अदालत ने विधि स्नातकों के ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था के बारे में जवाब मांगा

नयी दिल्ली, चार दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) से पूछा कि कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन तरीके से विधि स्नातकों के पंजीकरण के लिए क्या कोई व्यवस्था है।

कानून में स्नातक कर चुके चार लोगों की याचिका पर न्यायमूर्ति नवीन चावला ने बीसीडी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को नोटिस जारी किया। याचिका में ऑनलाइन तरीके से पंजीकरण के लिए व्यवस्था के निर्देश का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे सभी बिहार में रहते हैं और पंजीकरण कराने के लिए दिल्ली नहीं आ सकते।

कानून में स्नातक कर चुके अभिषेक आनंद, गौरव कुमार, प्रिय रंजन और अनुराग यादव ने याचिका में अदालत को बताया कि बिना पंजीकरण कराए वे ऑल इंडिया बार परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। इस परीक्षा के लिए 19 दिसंबर तक आवेदन भी करना होगा।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से कहा कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में बार काउंसिल ने इस साल अगस्त-सितंबर से विधि स्नातकों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया।

उन्होंने कहा कि इस साल अगस्त में इसी तरह की याचिका पर बीसीडी ने सितंबर में उच्च न्यायालय से कहा था कि ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से पंजीकरण के मुद्दे को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं हैं । याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि अब तक बीसीडी ने कदम नहीं उठाए हैं और इस पर कोई जवाब भी नहीं दिया गया।

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Web Title: The court sought answers regarding the system of online registration of law graduates

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