तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के जनता दरबार पर उठाए सवाल, जदयू ने फिर पलटवार करते हुए दिया ये जवाब

By एस पी सिन्हा | Published: September 7, 2021 05:44 PM2021-09-07T17:44:28+5:302021-09-07T17:47:42+5:30

तेजस्वी यादव ने जनता दरबार पहुंची महिला का जिक्र करते हुए नीतीश कुमार पर निशाना साधा. तेजस्वी ने कहा है कि जिसके ऊपर आरोप लगे हो उसी को जांच का जिम्मा मुख्यमंत्री दे रहे हैं.

Tejashwi Yadav raises questions on Nitish Kumar janta Darbar JDU retaliated | तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के जनता दरबार पर उठाए सवाल, जदयू ने फिर पलटवार करते हुए दिया ये जवाब

नीतीश कुमार के जनता दरबार पर बरसे तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

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पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार पर सवाल खडे किए हैं. उन्होंने कहा है कि जिसके ऊपर आरोप लगे हो उसी को जांच का जिम्मा मुख्यमंत्री दे रहे हैं. ऐसे में इंसाफ की उम्मीद बेईमानी है. 

तेजस्वी ने जनता दरबार के मौजूदा व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा है कि "बिल्ली दूध की रखवाली कैसे कर सकती है?'' तेजस्वी ने हमला बोलते हुए कहा है कि नीतीश कुमार अपने विधायक को बचा रहे हैं. 

विधायक के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला को फिर उसी पुलिस के पास भेज दिया जो आरोपी को बचाने में जुटी है. अब तेजस्वी के इस हमले पर जदयू ने पलटवार किया है.

जनता दरबार पर क्यों हमला बोल रहे तेजस्वी

दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने अपने पति की हत्या का आरोप जदयू विधायक के ऊपर लगाया. महिला ने कहा कि जदयू विधायक रिंकू सिंह ने उनके पति की हत्या कराई. वह इस मामले में नामजद आरोपी हैं, लेकिन पुलिस कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही है. 

इसी मामले को लेकर तेजस्वी ने जनता दरबार कार्यक्रम और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली को लेकर सवाल किया है. तेजस्वी ने कहा कि जिन पुलिसवालों के ऊपर आरोप लगा रहा है. मुख्यमंत्री मामले को सुलझाने के लिए भी उसी पुलिसवालों के पास पीड़िता को भेज रहे हैं. ऐसे में इंसाफ की उम्मीद बेईमानी है. 

उन्होंने मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा है कि "नीतीश जी के जनता दरबार के ढकोसले. पहली बात कि पूर्व जिला पार्षद की हत्या के नामजद आरोपी जदयू विधायक रिंकू सिंह पर 7 महीने में कोई कार्रवाई नहीं हुई. मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस ने उसे बचाया और दूसरी बात यह है कि उनकी पत्नी मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंची और मुख्यमंत्री ने पीडित विधवा महिला को फिर उसी पुलिस के पास भेज दिया. क्रोनोलॉजी समझिए."

तेजस्वी के इस हमले के बाद जदयू प्रवक्‍ता निखिल मंडल ने राजद नेताओं का उदाहरण देते हुए तेजस्‍वी को घेरा है. उन्‍होंने दुष्‍कर्म के आरोपित राजबल्‍लभ और अरुण यादव मसला उठाते हुए कहा कि बिहार की जनता नीतीश कुमार पर पूरा विश्‍वास करती है. इसी वजह से वे 2005 से मुख्यमंत्री बन रहे हैं.

निखिल मंडल ने कहा कि जदयू ने जब भी अपने किसी पदाधिकारियों को गलत पाया है तो उस पर कार्रवाई भी की है. जदयू ने यह बार- बार करके दिखाया है. जदयू, राजद की तरह नहीं है, जहां राजबल्‍लभ प्रसाद और अरुण यादव को पोस्‍टर ब्‍वाय बनाकर पेश किया जाता है. 

राजद नेताओं पर भी हैं गंभीर आरोप 

उल्लेखनीय है कि राजद के जिन नेताओं के सहारे जदयू ने तेजस्वी पर हमला बोला है, उनमें अरुण यादव भोजपुर जिले के संदेश से राजद विधायक थे. उन पर नाबालिग बच्‍ची से दुष्‍कर्म करने और देह व्‍यापार कराने का आरोप है. यह मामला दर्ज होने के बाद से ही वे पिछले तीन साल से लगातार फरार चल रहे हैं. 

पुलिस अब तक उन्‍हें तलाश नहीं पाई है. फिलहाल संदेश से उनकी पत्‍नी किरण देवी राजद की विधायक हैं. वहीं राजबल्‍लभ यादव नवादा से राजद के विधायक थे. उन पर भी दुष्‍कर्म का आरोप लगा और उन्‍हें जेल जाना पडा. 

इसके बाद राजद ने राजबल्‍लभ को तो पार्टी से निकाल दिया, लेकिन उनकी जगह उनकी पत्‍नी विभा देवी को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था. लेकिन वह जीत नही सकीं. 

Web Title: Tejashwi Yadav raises questions on Nitish Kumar janta Darbar JDU retaliated

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