Strong opposition in UP Legislative Council, could not proceed | उप्र विधान परिषद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, नहीं चल सकी कार्यवाही
उप्र विधान परिषद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, नहीं चल सकी कार्यवाही

लखनऊ, 24 फरवरी उत्तर प्रदेश विधान परिषद में मंगलवार को ध्वनिमत से कई विधेयक पारित कराए जाने के खिलाफ सपा सदस्यों का हंगामा बुधवार को भी जारी रहा, जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही लगभग पूरे दिन स्थगित रही।

पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा के सभी सदस्य सदन के बीच आकर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

शोरगुल और हंगामे के बीच सभापति ने मंगलवार को ध्वनिमत से विधेयक पारित कराए जाने के दौरान हंगामा करते हुए सदन के बीचोबीच धरने पर बैठे सपा सदस्यों के आचरण को सदन की गरिमा के प्रतिकूल करार देते हुए उन्हें आचरण सुधारने की चेतावनी देते हुए व्यवस्था दी।

सभापति ने व्यवस्था देते हुए कहा कि 23 फरवरी 2021 को कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों के विरूद्ध सपा सदस्य उदयवीर सिंह ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला। उनको बैठने के निर्देश दिये गये लेकिन वह लगातार तेज आवाज में अपनी बात कहते रहे। उत्तर प्रदेश प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली 1956 के नियम 40 के अनुसार सभापति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह किसी भी सदस्य को भाषण बन्द करने का निर्देश दे सकता है।

सभापति ने कहा कि विधेयक पारित करते समय सपा के सात सदस्यों उदयवीर सिंह, संजय लाठर, राजपाल कश्यप, आनन्द भदौरिया, सुनील सिंह साजन, संतोष यादव सनी और राजेश यादव ने 'सभापति शर्म करो' के नारे लगाये, जो पीठ की मर्यादा के विरूद्ध है।

उन्होंने कहा कि सपा के यह सभी सदस्य मंगलवार को सदन के वेल में आ गये और कार्यवाही को नियमविरूद्ध तरीके से बाधित करने का प्रयास किया। इन सदस्यों को कठोर चेतावनी दी जाती है कि वे भविष्य में सदन में लोकतान्त्रिक तरीके से अपना विरोध तो व्यक्त कर सकते हैं मगर सदन में अपने मर्यादित आचरण से पीठ की मर्यादा बनाये रखें।

सभापति जब व्यवस्था दे रहे थे, तभी सदन के बीचोबीच मौजूद रहकर मंगलवार को विधेयक पारित कराने के तरीके के खिलाफ अपना विरोध जाहिर कर रहे थे। वहीं, शिक्षक दल, कांग्रेस, बसपा और निर्दल समूह के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर सपा सदस्यों का समर्थन कर रहे थे।

सपा सदस्यों का आरोप था कि कार्य परामर्शदात्री समिति में सभापति ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 को बुधवार को सदन में प्रस्तुत किये जाने पर सहमति दी थी। मगर सदन में कार्य एजेण्डा की सूची में पहले स्थान पर मौजूद संबंधित विधेयक के स्थान पर क्रम संख्या से दो से सात तक के विधेयकों को पारित कराया गया। इसके बाद अचानक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक को भी पारित करने की घोषणा सभापति ने कर दी, जिसे सरकार ने प्रस्तुत ही नहीं किया था। ऐसे में उक्त विधेयक का पारित होना नियमों के विरूद्ध है।

बहरहाल, हंगामे के कारण सभापति ने 11 बजकर 4 मिनट पर कार्यवाही को आधे घण्टे के लिए स्थगित कर दिया। उसके बाद 11 बजकर 34 मिनट पर सदन की कार्यवाही शुरू होने पर वेल में बैठे सपा सदस्य 'सभापति वापस जाओ' के नारे लगाने लगे। एक मिनट बाद ही सभापति ने कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। जिसे बाद में 15-15 मिनट और बढ़ाया गया। साढ़े 12 बजे सभापति ने कार्यवाही फिर शुरू की मगर वेल में मौजूद सपा सदस्य नारेबाज़ी करते रहे।

सभापति ने उनसे अपने-अपने स्थान पर जाने का आग्रह किया, मगर सपा सदस्य नहीं माने। इसी बीच, सभापति ने कहा कि आज दी गयी कार्य स्थगन की सूचनाओं को बृहस्पतिवार को दोबारा दिया जा सकता है। उसके बाद सदन की कार्यवाही को अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

अपराह्न तीन बजे सदन की बैठक पुनः शुरू हुयी, तब भी सपा सदस्य वेल में ही रहे और सभापति के सदन में पहुंचते ही नारेबाजी शुरू हो गयी। सभापति ने सभी सदस्यों से बार-बार अनुरोध किया कि वे अपनी सीटों पर जाकर सदन को व्यवस्थित करें, मगर सपा सदस्य वेल में रहकर लगातार नारेबाजी करते रहे। इसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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Web Title: Strong opposition in UP Legislative Council, could not proceed

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