Six Maoists including four priests surrendered to the police in Naxal-affected Bijapur | नक्सल प्रभावित बीजापुर में चार इनामी समेत छह नक्सलियों ने पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण
वह 2011 से अब तक प्लाटून कमांडर के रूप में कार्य कर रहा था।

Highlightsपुलिस अधिकरियों ने बताया कि दिलीप वड्डे नक्सलियों के कम्पनी नबंर एक के प्लाटून दो का कमांडर है।उसके सर पर आठ लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि दिलीप 2002 में संगठन में भर्ती हुआ था।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में चार इनामी नक्सलियों समेत छह नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

बीजापुर जिले के पुलिस अधिकरियों ने बताया कि जिला मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने नक्सली दिलीप वड्डे उर्फ चिन्ना, दिलीप की पत्नी सनकी वड्डे उर्फ सुजाता, मड़कम बण्डी उर्फ बण्डू, मड़कम बण्डी की पत्नी बुदरी उसेण्डी, महेश वासम और विनोद मेट्टा ने आत्मसमर्पण किया।

पुलिस अधिकरियों ने बताया कि दिलीप वड्डे नक्सलियों के कम्पनी नबंर एक के प्लाटून दो का कमांडर है। उसके सर पर आठ लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि दिलीप 2002 में संगठन में भर्ती हुआ था। वह 2011 से अब तक प्लाटून कमांडर के रूप में कार्य कर रहा था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिलीप 2003 में गीदम थाना लूटने की घटना में शामिल था तथा 2003 में कोरापुट उड़ीसा पुलिस लाइन को लूटने की घटना में भी शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि दिलीप की पत्नी सनकी वड्डे नक्सलियों के कंपनी नंबर एक के प्लाटून नंबर दो की सदस्या है। उसके सर पर दो लाख रुपए का इनाम है। सनकी 2008 में संगठन में भर्ती हुई थी।

अधिकारियों ने बताया कि सनकी के खिलाफ 2015 में नारायणपुर जिले के बासीन में सुरक्षा बलों के शिविर पर हमले की घटना में शामिल होने सहित कई अपराधों में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने बताया कि मड़कम बण्डी नक्सलियों के कम्पनी नंबर एक के सेक्शन बी का डिप्टी सेक्शन कमांडर है। उसके सर पर तीन लाख रूपए का इनाम है।

मड़कम बंडी के खिलाफ 2010 में चितंलनार और तिपुरम की घटना में शामिल होने, 2016 में नारायणपुर जिले के अंतर्गत बासिन पुलिस शिविर में देशी लांचर फेंकने तथा 2017 में नारायणपुर जिले के आकाबेड़ा पुलिस शिविर में देशी लांचर फेंकने की घटना में शामिल होने का आरोप है।

मड़कम की पत्नी बुदरी उसेण्डी कुतुल एलओएस की सदस्या है। उसके सर पर एक लाख रूपए का इनाम है। वह 2016 में संगठन में भर्ती हुई थी। महेश वासम चेतना नाट्य मंच का सदस्य है। वह 2017 में संगठन में भर्ती हुआ था।

महेश के खिलाफ 2017 में बारेगुड़ा चौक में बस को जलाने की घटना में शामिल होने का आरोप है। वहीं नक्सली विनोद मेट्टा भी चेतना नाट्य मंच का सदस्य है तथा उसे 2011 में डरा धमकाकर संगठन में भर्ती किया गया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने नक्सली जीवन शैली से त्रस्त होकर तथा नक्सलियों के खोखली विचारधारा से क्षुब्ध होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है। माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण करने पर उन्हें उत्साहवर्धन के लिए शासन द्वारा 10—10 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि दी गई है। इन्हें शासन के पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधा और लाभ दिया जाएगा। 


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