लाइव न्यूज़ :

भारत ने कभी भी अपने पड़ोसियों को नुकसान नहीं पहुंचाया?, मोहन भागवत बोले-अगर कोई बुरी नजर डालता है तो कोई विकल्प नहीं बचता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 26, 2025 21:52 IST

भारत ने कभी भी अपने पड़ोसियों को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन अगर कोई बुरी नजर डालता है तो उसके पास कोई विकल्प नहीं बचता।

Open in App
ठळक मुद्देधर्म कहता है कि हमलावरों से परास्त नहीं होना भी धर्म (कर्तव्य) का हिस्सा है।लेकिन अगर कोई बुराई पर उतर आए तो दूसरा विकल्प क्या है?राजा का कर्तव्य लोगों की रक्षा करना है, राजा को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि अहिंसा का सिद्धांत हिंदू धर्म में निहित है, जिसमें कहा गया है कि हमलावरों से परास्त नहीं होना भी कर्तव्य का हिस्सा है। उन्होंने एक पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अहिंसा के सिद्धांत लोगों को इस विचार को अपनाने पर आधारित हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘कई लोग इन सिद्धांतों को पूरे दिल से अपनाते हैं, जबकि अन्य ऐसा नहीं करते हैं और परेशानी बढ़ाते रहते हैं। ऐसी स्थिति में धर्म कहता है कि हमलावरों से परास्त नहीं होना भी धर्म (कर्तव्य) का हिस्सा है।

गुंडों को सबक सिखाना भी कर्तव्य का हिस्सा है।’’ उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी अपने पड़ोसियों को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन अगर कोई बुरी नजर डालता है तो उसके पास कोई विकल्प नहीं बचता। संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘हम कभी भी अपने पड़ोसियों का अपमान या नुकसान नहीं करते। लेकिन अगर कोई बुराई पर उतर आए तो दूसरा विकल्प क्या है?

राजा का कर्तव्य लोगों की रक्षा करना है, राजा को अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।’’ भागवत ने सनातन धर्म को सही अर्थों में समझने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ‘धर्म तब तक धर्म नहीं है जब तक वह सत्य, शुचिता, करुणा और तपस्या के चार सिद्धांतों का पालन नहीं करता।’’उन्होंने कहा, ‘‘इससे परे जो भी है वह अधर्म है।’’

भागवत ने कहा कि वर्तमान समय में धर्म केवल कर्मकांड और खान-पान की आदतों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने धर्म को रीति-रिवाजों और खान-पान की आदतों तक सीमित कर दिया है, जैसे कि किसकी किस तरह पूजा की जानी चाहिए और क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। यह एक आचार संहिता है... सिद्धांत नहीं। धर्म एक सिद्धांत है।’’

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हिंदू समाज को हिंदू धर्म को समझने की जरूरत है, जो दुनिया के सामने अपनी परंपराओं और संस्कृति को पेश करने का सबसे अच्छा तरीका होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हिंदू धर्मग्रंथों में कहीं भी छुआछूत की बात नहीं कही गई है। कोई भी ‘ऊंच’ या ‘नीच’ नहीं है। इसमें कभी नहीं कहा गया है कि एक काम बड़ा है और दूसरा छोटा... अगर आप ऊंच-नीच देखते हैं तो यह अधर्म है।

यह निर्मम व्यवहार है।’’ भागवत ने कहा कि कई धर्म हो सकते हैं और उनमें से प्रत्येक अपने अनुयायियों के लिए महान हो सकता है; लेकिन व्यक्ति को अपने चुने हुए मार्ग पर चलना चाहिए और दूसरों के मार्ग का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘किसी को बदलने की कोशिश नहीं करें।’’ भागवत ने कहा, ‘‘धर्म के ऊपर एक धर्म है। जब तक हम इसे नहीं समझेंगे, हम धर्म को नहीं समझ पाएंगे।

धर्म के ऊपर वह धर्म अध्यात्म है।’’ इस अवसर पर स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि उनकी पुस्तक ‘द हिन्दू मेनिफेस्टो’ में प्राचीन ज्ञान का सार समाहित है, जिसे समकालीन समय के लिए पुनर्व्याख्यायित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू विचार ने सदैव वर्तमान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा है तथा यह ऋषियों द्वारा शक्तिशाली सूत्रों में निहित शाश्वत सिद्धांतों पर दृढ़ता से आधारित रहा है।

टॅग्स :मोहन भागवतजम्मू कश्मीरपाकिस्तानPakistan Armyभारतीय सेनाआरएसएसनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वपाकिस्तान को लेकर इतना बवाल क्यों?

विश्वइस्लामाबाद वार्ता क्यों विफल रही? ईरान के स्पीकर ग़ालिबफ़ ने एक-एक बिंदु पर विस्तार से बताया

बॉलीवुड चुस्कीAsha Bhosle death news: नहीं रहीं आशा भोसले?, पीएम मोदी, मधुर भंडारकर, रजत बेदी, राजनाथ सिंह, सीएम फणवनीस, नितिन गडकरी और पीयूष गोयल ने क्या कहा?

भारतमहिला आरक्षण अधिनियमः 3 लाइन व्हिप?, लोकसभा-राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्य 16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहे?

बॉलीवुड चुस्कीAsha Bhosle Health: दिल का दौरा पड़ा और फेफड़े में समस्या?, आशा भोसले की हालत नाजुक, पीएम मोदी ने एक्स पर किया पोस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतदक्षिण में हिंदी विरोधी राजनीति की जमीनी हकीकत अलग! 

भारतकर्नाटक कांग्रेस के 30 सीनियर विधायक दिल्ली पहुंचे, राहुल गांधी से मुलाकात की मांग

भारतपंजाब स्कूली शिक्षा बोर्डः टॉप 20 में से 19 लड़कियां?, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा- शीर्ष तीन छात्रों को 50000 रुपये की नकद पुरस्कार, ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ में सीधे दाखिला

भारतमासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की दिसंबर 2024 में हत्या, भाई धनंजय ने कहा-हत्या का मामला वापस लेने के लिए दबाव, बदनाम कर रहे?

भारतमहिला आरक्षण बहाना बनाकर तमिलनाडु से धोखा?, स्टालिन ने कहा- पलानीस्वामी में अन्याय का विरोध करने का साहस है?