कृषि कानून रद्द करना हानिकारक साबित होगा, एक तबका खुश लेकिन ज्यादातर किसान हार की कगार पर खड़े: महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष

By विशाल कुमार | Published: November 20, 2021 03:04 PM2021-11-20T15:04:26+5:302021-11-20T15:08:24+5:30

महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों के एक छोटे समूह ने इन कानूनों का विरोध किया। अदालत के फैसलों के बावजूद, ये विरोध जारी रहा।

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महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल. (फाइल फोटो)

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Highlightsप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।एक तबका खुश है, लेकिन पीएम की घोषणा के बाद ज्यादातर किसान हार की कगार पर खड़े होंगे।इस तरह का निर्णय किसानों के लिए हानिकारक साबित होगा।

मुंबई: महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन कृषि कानूनों को रद्द करना पड़ा क्योंकि बाद में उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था। एक तबका खुश है, लेकिन पीएम की घोषणा के बाद ज्यादातर किसान हार की कगार पर खड़े होंगे।

पाटिल ने कहा कि इस तरह का निर्णय किसानों के लिए हानिकारक साबित होगा। अधिकांश किसानों ने इन आंदोलनों का समर्थन नहीं किया। एक तबका खुश है, लेकिन पीएम की घोषणा के बाद ज्यादातर किसान हारने की कगार पर खड़े होंगे।

पाटिल ने कहा कि हम अभी भी मानते हैं कि कृषि कानून आवश्यक थे। ये कानून किसानों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बनाए गए थे। कृषि कानूनों के लागू होने से किसानों को समृद्धि मिलेगी।

दुर्भाग्य से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपरिहार्य परिस्थितियों में इन कृषि कानूनों को निरस्त करना पड़ा। कोई और विकल्प नहीं था उन्होंने आगे कहा कि मैं किसानों के परिवार से आता हूं। एक किसान के बेटे के रूप में, मैं इस घटनाक्रम से व्यथित हूं। पाटिल ने कहा कि कृषि कानूनों ने किसानों की आय बढ़ाने में मदद की थी। उसमें किसानों के शोषण को रोकने का तंत्र था।

उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों के एक छोटे समूह ने इन कानूनों का विरोध किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसान आश्वस्त नहीं हो सके। हम प्रदर्शनकारियों को कृषि कानूनों के महत्व को प्रभावित करने में सफल नहीं हुए। घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि कैसे एक समूह ने पूरे देश के निर्णय को प्रभावित किया। अदालत के फैसलों के बावजूद, ये विरोध जारी रहा।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है, जिसे लेकर पिछले साल से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों से घर लौटने की अपील की।

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