Relatives of CRPF jawan abducted by Naxalites protest in Jammu | नक्सलियों द्वारा अगवा सीआरपीएफ जवान के रिश्तेदारों ने जम्मू में किया प्रदर्शन
नक्सलियों द्वारा अगवा सीआरपीएफ जवान के रिश्तेदारों ने जम्मू में किया प्रदर्शन

जम्मू, सात अप्रैल छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के साथ हालिया मुठभेड़ के बाद नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए एक कोबरा कमांडो के रिश्तेदारों ने बुधवार को जम्मू-पुंछ राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया और सरकार से कमांडो की सुरक्षित रिहाई का आश्वासन देने की मांग की।

बंधक बनाए गए जवान राकेश्वर सिंह मनहास की पत्नी मीनू ने प्रदर्शन स्थल से अपील की, ‘‘वह सरकार की जिम्मेदारी हैं और उनकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हम चाहते हैं कि सरकार हमें यह जानकारी दें कि वह उनकी रिहाई के लिए क्या कार्रवाई कर रही है।’’

बीजापुर-सुकमा सीमा पर शनिवार को हुई मुठभेड़ के बाद 31 जवान घायल हो गए जबकि 210वीं बटालियन का कोबरा कमांडो मनहास लापता हो गया और ऐसा बताया गया कि उसे बंधक बना लिया गया है।

मुठभेड़ में विभिन्न सुरक्षा बलों के 22 जवान मारे गए।

जम्मू में मनहास के कई रिश्तेदार और पड़ोसी बुधवार को सड़कों पर उतरे और उन्होंने उसक बरनई आवास के बाहर मुख्य सड़क अवरुद्ध कर दी। उन्होंने ‘हमारे नायक को वापस लाओ’, ‘भारत जिंदाबाद’ और ‘देश के गद्दारों को गोली मारो’ जैसे नारे लगाए।

अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद एक पुलिस दल उन्हें यातायात की आवाजाही बहाल करने देने के लिए मना रही है।

माओवादियों द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान में दावा किया गया कि उन्होंने बीजापुर में मुठभेड़ के दौरान एक जवान को अगवा किया है और उन्होंने जवान की रिहाई के लिए सरकार से मध्यस्थ नियुक्त करने की मांग की।

इस पर मीनू ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि किसी जवान से छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी पर आने में एक दिन की देरी हो जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है लेकिन यहां वह शनिवार से लापता हैं और किसी को कोई चिंता ही नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार या सीआरपीएफ की तरफ से एक भी शब्द नहीं कहा गया है और उनके पास जो भी जानकारी है वह मीडिया के जरिए ही दी गई है।

अपने पति की सुरक्षित रिहाई के लिए सरकार से आश्वासन मांगते हुए मीनू ने कहा, ‘‘हम उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। नक्सलियों ने दावा किया और एक लिखित बयान भी दिया है। अब सरकार को उन्हें वापस लाने के लिए मध्यस्थ ढूंढना चाहिए।’’

मीनू के पास ही उनकी पांच साल की बेटी खड़ी थी जो इन सबसे अनजान थी। मीनू ने कहा, ‘‘हमारे पास नक्सलियों तक पहुंचने का कोई जरिया नहीं है। हम केवल उनकी रिहाई की फरियाद ही कर सकते हैं।’’

जवान के छोटे भाई सुमित ने भी सरकार से जल्द कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार से जरा भी वक्त बर्बाद न करने और उन्हें वापस लाने का अनुरोध करते हैं। वह विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की तरह किसी विदेशी धरती पर नहीं है जो 60 घंटों के भीतर ही पाकिस्तान से देश लौट आए थे।’’

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की छात्र ईकाई एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन जम्मू कश्मीर कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री रमन भल्ला के साथ सोमवार को परिवार के सदस्यों से मिलने गए थे और उन्होंने परिवार के सदस्यों तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच टेलीफोन पर बातचीत भी कराई थी।

मनहास की मां और एक सीआरपीएफ जवान की विधवा कुन्ती देवी ने तब बघेल से कहा था, ‘‘मैं अपने बेटे से बात करना चाहती हूं। कृपया उसे वापस ले आए।

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Web Title: Relatives of CRPF jawan abducted by Naxalites protest in Jammu

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