Rahul Gandhi lashed out at Prime Minister Modi | राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर साधा निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर साधा निशाना

तूतीकोरिन/तिरुनेलवेली (तमिलनाडु), 27 फरवरी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चीन-भारत सीमा पर गतिरोध को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला किया और तमिलनाडु के लोगों के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित करने का प्रयास करते हुए कहा कि वह राज्य के लोगों के साथ सिर्फ सम्मान और प्रेम आधारित संबंध विकसित करना चाहते हैं।

तमिलनाडु में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएसएस पर विभिन्न मुद्दों को लेकर हमला बोला और प्रधानमंत्री पर मुख्यमंत्री के. पलानीसामी के माध्यम से तमिलनाडु का ‘‘रिमोट कंट्रोल’’ अपने हाथ में लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

गांधी ने खुद को ‘ईमानदार’ बताते हुए कहा कि यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ‘‘मुझ पर शिकंजा नहीं कस सकते’’ और लगातार निशाना साधते रहते हैं।

तूतीकोरिन और तिरुनेलवेली जिलों में अलग-अलग जगहों पर जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस नेता ने मोदी पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं गंवाया और राज्य की अन्नाद्रमुक सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

भारत-चीन गतिरोध को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पड़ोसी देश से ‘डरे’ हुए हैं और व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि वह सिर्फ ‘‘दो लोगों के लिए उपयोगी हैं।’’

गांधी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध से पहले ‘‘निश्चित रूप से चीन ने हमारे देश के कुछ सामरिक इलाकों पर कब्जा किया है । इस विचार को पहले उन्होंने डोकलाम में आजमाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वे देखना चाहते थे कि भारत क्या प्रतिक्रिया देता है और उन्होंने देखा कि भारत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और फिर उन्होंने इसे लद्दाख में आजमाया और मेरा मानना है कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में भी ऐसा किया होगा।’’

सीमा पर गतिरोध के बारे में विस्तार से बात करते हुए गांधी ने कहा कि चीन की घुसपैठ पर मोदी की पहली प्रतिक्रिया थी कि ‘‘भारत में कोई नहीं घुसा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे चीन को यह संकेत गया कि भारत के प्रधानमंत्री उनसे डरे हुए हैं... उन्होंने इसे समझा। और उसके बाद से चीनियों ने इसी सिद्धांत पर आगे की बातचीत की।’’

गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘वे जानते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री उनका विरोध नहीं कर पाएंगे। मेरे शब्दों को लिख लीजिए, भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण देपसांग में हमारी जमीन अब इस सरकार के कार्यकाल में वापस नहीं लौट सकती।’’

उन्होंने आरोप लगाए कि चीन को इस तरह का संदेश देना ‘‘भविष्य के लिए काफी खतरनाक है क्योंकि चीन केवल लद्दाख तक ही नहीं रुकने वाला।’’

बाद में तिरुनेलवेली के नानगुनेरी में गांधी ने प्रेम और लगाव के लिए तमिलनाडु के लोगों की खूब तारीफ की और कहा कि उन्हें जितना मिला है उससे कहीं ज्यादा वह लौटाएंगे । उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोगों के साथ सिर्फ प्रेम, सम्मान और लगाव की भाषा में बात की जा सकती है।

गांधी ने कहा, ‘‘मूल रूप से तमिलनाडु से नहीं आने वाले व्यक्ति के रूप में मैंने कुछ चीजें तुरंत महसूस कीं। मैं सबसे गरीब व्यक्ति, सबसे कमजोर व्यक्ति और सबसे ज्यादा तकलीफ झेल रहे व्यक्ति से मिलूं, लेकिन वे अपना सम्मान नहीं गंवाते है। वे अपना आत्म-सम्मान कभी नहीं खोते।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह भले ही बहुत खराब अवस्था में हों, लेकिन वे अपना आत्म-सम्मान और सम्मान बनाए रखते हैं, मैं इसकी प्रशंसा करता हूं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने लघु और मध्यम व्यापारों की मदद से तमिलनाडु भारत को भविष्य में नयी राह दिखाने वाला है।

गांधी ने कहा, ‘‘तमिलनाडु के लोगों के साथ मैं सिर्फ सम्मान और प्रेम का संबंध चाहता हूं क्योंकि मैं समझता हूं कि सिर्फ ऐसा ही संबंध संभव है। मैं तमिलनाडु के लोगों के दयाभाव और विशाल हृदय को समझता हूं और हमारे बीच सिर्फ ऐसा ही संबंध हो सकता है।’’

मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘भ्रम’ में हैं और सोच रहे हैं कि वह ‘रिमोर्ट कंट्रोल’ के माध्यम से तमिलनाडु को नियंत्रित कर सकेंगे, लेकिन जनता ‘‘बैटरी निकाल कर उसे (रिमोट कंट्रोल) फेंक देगी।’’

गांधी ने आरोप लगाया कि पलानीसामी मोदी के खिलाफ इसलिए खड़े नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि वह ‘‘भ्रष्ट हैं, ईमानदार नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी मुझे नहीं डरा सकते हैं, इसका एकमात्र कारण है कि मैं भ्रष्ट नहीं हूं। चूंकि मैं भ्रष्ट नहीं हूं, मैं उनके खिलाफ खड़ा हो सकता हूं और उन्हें सच का आईना दिखा सकता हूं।’’ उन्होंने दावा किया कि ईमानदार होने के कारण ही वह लगातार प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हैं।

नोटबंदी और जीएसटी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे लघु और मध्यम आकार के व्यापारों को बहुत नुकसान हुआ है और ‘‘यह कर गरीबों पर ही लग रहा है।’’

उन्होंने दावा किया कि ‘‘दो-तीन’’ बड़े कॉरपोरेट हाउस बैंकों से जितना भी चाहें कर्ज ले सकते हैं, लेकिन ‘‘तमिलनाडु के लघु और मध्यम आकार के उद्योगों को एक रुपया भी नहीं मिलता।’’

गांधी ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी सिर्फ दो लोगों के लिए उपयोगी हैं। वह अत्यंत उपयोगी हैं क्योंकि ये दो लोग अपने धन को अभूतपूर्व तरीके से बढ़ाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री का उपयोग कर रहे हैं।’’ कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ ‘हम दो हमारे दो’ के लिए उपयोगी हैं।

मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में कांग्रेस नीत सरकार के गिरने पर गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें (विधायकों को) भगवा पार्टी ने खरीद लिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र ‘मर’ गया है और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजद्रोह कानून का दुरुपयोग, लोगों को धमकियां देना और उनकी हत्या इसका लक्षण हैं।

गांधी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम और कृषि कानूनों के प्रति अपना विरोध दोहराया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है लेकिन उसे बर्बाद करके ऐसा करने की जरूरत नहीं है।

बाद में नमक बनाने वाले कर्मचारियों से बातचीत में उन्होंने न्याय योजना के तहत कामगारों को 72,000 रुपये देने की पार्टी की चुनावी घोषणा को दोहराया और कांग्रेस के सत्ता में आने पर योजना लागू करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि नमक खाने वालों को एहसास तक नहीं है कि यह बनता कैसे है और नमक बनाने वाले कामगारों को क्या परेशानियां हैं।

नमक बनाने वाली जगह पर पहुंचे गांधी ने कहा, ‘‘लोगों को ज्ञान नहीं है कि वह जो इंजेक्शन लेते हैं उसमें भी नमक होता है, जैसा कि आपने बताया।’’

पार्टी ने बताया कि राहुल गांधी तूतीकोरिन के नजरेथ स्थित सेंट जॉन कैथेड्रल भी गए।

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Web Title: Rahul Gandhi lashed out at Prime Minister Modi

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