Rafael Deal: Rahul Gandhi's criticism of CAG report, allegations of lying to Modi government | राफेल डील: राहुल गांधी ने की CAG रिपोर्ट की आलोचना, मोदी सरकार पर झूठ बोलने का लगाया आरोप
राफेल डील: राहुल गांधी ने की CAG रिपोर्ट की आलोचना, मोदी सरकार पर झूठ बोलने का लगाया आरोप

कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने राफेल सौदे की वार्ता में शामिल कुछ अधिकारियों की कथित “असहमति वाली टिप्पणियों” का हवाला देते हुए कहा कि इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहतर दाम और विमानों की जल्दी आपूर्ति के दावे ध्वस्त हो गए। उन्होंने करोड़ों रुपये के इस सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट को “लीपापोती” बताते हुए कहा कि इसका उस “कागज जितना भी महत्व नहीं” जिस पर यह लिखी गई है। 

संसद में इस विवादास्पद विमान सौदे को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट रखे जाने के कुछ घंटों के अंदर ही अपने हमले तेज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर ‘‘झूठ बोलने’’ का आरोप लगाया। गांधी ने कहा कि वह हालांकि सीएजी के इस प्रतिवेदन से सहमत नहीं है कि यह करार संप्रग के दौर के प्रस्ताव से 2.86 फीसदी सस्ता है । वैसे भी यह मोदी, तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षामंत्री के “झांसे का पर्दाफाश” करता है जिन्होंने “संसद में यह कहकर झूठ बोला कि ‘नये सौदे’ का दाम 9-20 फीसदी कम है।” 

सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 36 लड़ाकू राफेल विमानों की खरीद के लिए राजग सरकार ने फ्रांस की दसॉल्ट के साथ जो सौदा किया वह इन विमानों की खरीद के लिए 2007 में की गई तत्कालीन संप्रग सरकार की वार्ता पेशकश की तुलना में 2.86 फीसदी सस्ता है। हालांकि, रिपोर्ट में इन विमानों की कीमतों का जिक्र नहीं है।

राहुल ने कहा कि मोदी, सीतारमण और जेटली की नए सौदे की जरूरत को लेकर दलील दो स्तंभों पर टिकी थी, पहला कीमत और दूसरा यह तथ्य कि वायुसेना को इन विमानों की शीघ्र जरूरत है, लेकिन राफेल सौदे की वार्ता से जुड़े कुछ सदस्यों की “असहमति वाली टिप्पणी” ने उनकी दलीलों को “ध्वस्त” कर दिया। 

गांधी के मुताबिक असहमति वाली टिप्पणियों के कहा गया है कि दसॉल्ट एविएशन को अपने पिछले ऑर्डरों को पूरा करने में ही कम से कम 10 साल का वक्त लग जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “तथ्य यह है कि नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले नये करार से विमान मूल सौदे (संप्रग के प्रस्ताव) से भी बाद में आएंगे।” 

उन्होंने नोट का हवाला देते हुए कहा कि फ्रांसीसी सरकार द्वारा की गई अंतिम कीमत की पेशकश, जो वृद्धि आधारित है, उपरोक्त बेंचमार्क मूल्य के 55.6 फीसदी ऊपर थी। गांधी ने राफेल पर कहा, नए सौदे का एकमात्र मकसद अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपए देना था। 

सीएजी रिपोर्ट की निंदा करते हुए उन्होंने पूछा, “वार्ता दल के अधिकारियों की “असहमति वाली टिप्पणियां” क्यों इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं हैं?” गांधी ने कहा, “जहां तक मेरा मानना है, ऐसी सीएजी रिपोर्ट जो इस दस्तावेज का जिक्र नहीं करती, जो कीमतों, समय को लेकर की गई वार्ता दल की असहमति की टिप्पणियों का जिक्र नहीं करती, मुझे लगता है उसका महत्व कागज जितना भी है (जिस पर वह लिखी गई है)।” 

गांधी ने बाद में ट्वीट कर कहा, “सीएजी रिपोर्ट एक लीपापोती है। यह गायब बैंक गारंटी की लागत की अनदेखी करती है और भारत के नजरिए से हो रहे संवर्द्धन की संदिग्ध कीमतों पर भी वह पर्दा डालती है।” 

राहुल पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘हमने यह कभी कल्पना नहीं की थी कि इंदिरा गांधी का पौत्र और राजीव गांधी का बेटा इतनी बेशर्मी से झूठ बोलेगा।’’ प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा की मांग है कि राहुल माफी मांगे क्योंकि उच्चतम न्यायालय के आदेश और राफेल विमान सौदे पर कैग की रिपोर्ट में उनके झूठों का पर्दाफाश हो गया है।’’ 

मीडिया से बातचीत में गांधी ने दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष अगर “असहमति वाली टिप्पणियां” होती तो वह कभी वैसे फैसला नहीं दे सकता था जैसा उसने दिया। राहुल ने राफेल मुद्दे पर प्रधानमंत्री को अपने साथ बहस की चुनौती भी दी और कहा कि उसके बाद लोगों को फैसला करने दीजिए। 

उन्होंने इस सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा जांच की अपनी मांग दोहराते हुए कहा, ‘‘आप कहते हैं कि कोई घोटला नहीं हुआ, तब आप जेपीसी का आदेश देने से क्यों डरे हुए हैं। ’’ 


 


Web Title: Rafael Deal: Rahul Gandhi's criticism of CAG report, allegations of lying to Modi government
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