पूर्ववर्ती सरकारों ने की स्वार्थ की राजनीति, उप्र को अभाव व अंधकार में छोड़ दिया था: मोदी

By भाषा | Published: November 25, 2021 11:19 PM2021-11-25T23:19:16+5:302021-11-25T23:19:16+5:30

Previous governments did politics of selfishness, had left UP in deprivation and darkness: Modi | पूर्ववर्ती सरकारों ने की स्वार्थ की राजनीति, उप्र को अभाव व अंधकार में छोड़ दिया था: मोदी

पूर्ववर्ती सरकारों ने की स्वार्थ की राजनीति, उप्र को अभाव व अंधकार में छोड़ दिया था: मोदी

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जेवर (उत्तर प्रदेश), 25 नवंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानतल की आधारशिला रखी और केंद्र एवं उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर ‘‘स्वार्थ की राजनीति’’ करने का आरोप लगाते हुए उन्हें राज्य के इस पश्चिमी हिस्से के विकास को नजरअंदाज करने और पूरे प्रदेश को ‘‘अभाव व अंधकार’’ में छोड़ देने का दोषी ठहराया।

भारत के विकास को बाधित करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा और दावा किया कि उनकी राष्ट्र भक्ति के आगे कुछ राजनीतिक दलों की स्वार्थ नीति कभी नहीं टिक सकती।

प्रधानमंत्री ने विमानतल की आधारशिला रखने के बाद यहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र व उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों ने कैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नजरअंदाज किया, उसका जीता-जागता उदाहरण जेवर विमानतल है।

उन्होंने कहा कि दो दशक पहले उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने इस परियोजना का सपना देखा था लेकिन बाद में यह विमानतल कई सालों तक दिल्ली और लखनऊ की सरकारों की खींचतान में उलझा रहा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार ने तो बाकायदा चिट्ठी लिखकर तत्कालीन केंद्र सरकार को इस परियोजना को बंद करने को कह दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘अब ‘डबल इंजन’ की सरकार के प्रयासों से आज हम उसी विमानतल के भूमि पूजन के साक्षी बन रहे हैं।’’

केंद्र व राज्य में एक ही दल की सरकार को आम तौर पर भाजपा की ओर से ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार कहा जाता है।

विपक्षी दलों पर प्रधानमंत्री ने ‘‘स्वार्थ को सर्वोपरि’’ रखने का आरोप लगाया और कहा कि इसके उलट भाजपा-नीत सरकारों का मंत्र ‘‘सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास’’ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में कुछ राजनीतिक दलों ने हमेशा अपने स्वार्थ को सर्वोपरि रखा है। इन लोगों की सोच रही है... अपना स्वार्थ, सिर्फ अपना... खुद का परिवार, या जहां रहते हैं उस इलाके का... उसी को वो विकास मानते थे। जबकि हम राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलते हैं। सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास, यही हमारा मंत्र है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश के लोग गवाह हैं... बीते कुछ हफ्तों में कुछ राजनीतिक दलों द्वारा किस तरह की राजनीति हुई, लेकिन भारत विकास के रास्ते से नहीं हटा।’’

विगत एक महीने में देश के अलग-अलग हिस्सों में विकास योजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी राष्ट्रभक्ति के सामने... हमारी राष्ट्र सेवा के सामने... कुछ राजनीतिक दलों की स्वार्थ नीति कभी टिक नहीं सकती।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनेक आधुनिक परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यही गति, यही प्रगति एक सक्षम और सशक्त भारत की गारंटी है।’’

पूर्ववर्ती सरकारों पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि पहले राजनीतिक लाभ के लिए आनन-फानन में रेवड़ियों की तरह अवसंरचना परियोजनाओं की घोषणाएं होती थीं लेकिन उन्हें जमीन पर उतारने को लेकर विचार ही नहीं होता था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अवसंरचना विकास उनके लिए राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रनीति का हिस्सा है और उनकी सरकार सुनिश्चित करती है कि ‘‘ऐसी परियोजनाएं अटके, लटके और भटके नहीं और वह समय सीमा में पूरी हों।’’

मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने जिस उत्तर प्रदेश को अभाव और अंधकार में बनाए रखा और उसे हमेशा ‘‘झूठे सपने’’ दिखाए, वही राज्य आज राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय छाप छोड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि आजादी के सात दशक बाद पहली बार उत्तर प्रदेश को वह सब मिलना शुरु हुआ है, जिसका वह हमेशा से हकदार रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश, देश में संपर्क के सबसे बेहतर क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है।’’

उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विमानतल के बन जाने से परिवर्तन का एक ऐसा चक्र शुरू होता है, जो चारों दिशाओं को लाभ पहुंचाता है और रोजगार के हजारों अवसर भी बनते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह विमानतल उत्तरी भारत का ‘‘लॉजिस्टिक्स गेटवे बनेगा’’ और यह पूरे क्षेत्र को नेशनल गतिशक्ति मास्टरप्लान का एक सशक्त प्रतिबिंब बनाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरे होने से पूरे क्षेत्र के विकास को एक नयी उड़ान मिलेगी और उसका सामर्थ्य भी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय विमानतल निर्यात के एक बहुत बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जोड़ेगा और क्षेत्र के किसान फल-सब्ज़ी, मछली जैसे जल्दी खराब होने वाली उपज को सीधे भी निर्यात कर पाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे जो खुर्जा क्षेत्र के कलाकार हैं, मेरठ का खेल उद्योग है, सहारनपुर का फर्नीचर उद्योग है, मुरादाबाद का पीतल उद्योग है, आगरा का फुटवीयर और पेठा है...पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक लघु व मध्यम उद्यमों को भी विदेशी बाजार तक पहुंचने में अब और आसानी होगी।’’

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह विमानतल विमानों के रख-रखाव, रिपेयर और ऑपरेशन का भी देश का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ रिपेयरिंग के लिए 15 हजार करोड़ रुपये बाहर जाता है... हजारों करोड़ रुपए खर्च होते हैं, जिसका अधिकांश हिस्सा दूसरे देशों को जाता है। अब यह विमानतल इस स्थिति को भी बदलने में मदद करेगा।’’

नोएडा विमानतल के तैयार हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश पांच अंतरराष्ट्रीय विमानतलों वाला देश का एकमात्र राज्य बन जाएगा।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित थे। इनके अलावा कई केंद्रीय मंत्री, सांसद, प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक भी इस कार्यक्रम में शरीक हुए।

विमानतल का शिलान्यास करने से पहले प्रधानमंत्री ने आदित्यनाथ और सिंधिया के साथ परियोजना के एक मॉडल का अवलोकन किया और इससे संबंधित एक लघु फिल्म भी देखी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि जेवर विमानतल के बन जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नयी ऊंचाई मिलेगी और यहां के किसानों द्वारा पैदा किए गए ‘‘गन्ने की मिठास को अंतरराष्ट्रीय उड़ान मिलेगी।’’

समाजवादी पार्टी (सपा) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश को यह फैसला करना होगा कि गन्ने की मिठास बढ़ेगी या ‘‘पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के अनुयायी उत्पात मचाएंगे।’’

उन्होंने सरकार के विभिन्न प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के मार्ग पर अग्रसर है। भाजपा नेता ने बिना किसी विवाद के हवाई अड्डे के लिए अपनी भूमि के अधिग्रहण की अनुमति देने वाले 7,000 से अधिक किसानों का भी धन्यवाद किया।

आदित्यनाथ ने कहा कि यह कार्यक्रम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक ‘‘बहुप्रतीक्षित क्षण’’ है। उन्होंने कहा कि यहीं से किसानों ने गन्ने से क्षेत्र में मिठास बढ़ाने की पहल शुरू की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने गन्ने की मिठास को कड़वाहट में बदल कर यहां दंगों की एक श्रृंखला खड़ी की थी। आज देश को फैसला करना है कि क्या वह गन्ने की मिठास बढ़ाएगा या जिन्ना के अनुयायियों से फिर दंगा करने की अनुमति देगा।’’

सिंधिया ने अपने संबोधन में दावा किया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल बन जाने से जिस प्रकार दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम का विकास हुआ, उसी प्रकार जेवर विमानतल के बन जाने के बाद इस पूरे क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह विमानतल दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय विमानतल को भी पीछे छोड़ देगा।

उन्होंने कहा कि कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश था कि एशिया का सबसे बड़ा विमानतल उत्तर प्रदेश में बनाया जाए और नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानतल से एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम स्थल पर उमड़े जनसमूह में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा के कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘‘जय श्री राम’’ और ‘‘मोदी-मोदी’’ के नारे लगाए।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए रूट डायवर्जन और अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। लोगों को सभा स्थल तक लाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसों का इंतजाम किया था जबकि सुरक्षा में करीब 5000 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था।

करीब 1,330 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस विमानतल से सितंबर, 2024 तक उड़ानों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। इसके पहले चरण को 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से पूरा किया जाना है।

नागर विमानन मंत्रालय के मुताबिक, परियोजना का पहला चरण पूरा होने के बाद इस विमानतल से सालाना 1.2 करोड़ यात्री हवाई यात्रा कर सकेंगे। विकास के सभी चारों चरण पूरे होने के बाद यह क्षमता बढ़कर सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी।

यह देश का पहला निवल शून्य उत्सर्जन (नेट जीरो एमिशन) विमानतल भी होगा। इस विमानतल की एक और खासियत यह होगी कि इसकी परिकल्पना भारत में पहले एकीकृत ‘‘मल्टी मॉडल कार्गो’’ केंद्र के रूप में की गई है।

गौतम बुद्ध नगर में बन रहा यह विमानतल, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दूसरा अंतरराष्ट्रीय विमानतल होगा और इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर यात्रियों का दबाव कम होगा। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और आसपास के अन्य इलाकों के निवासियों को भी इससे फायदा होगा।

शुरुआत में इस विमानतल पर दो हवाई पट्टियां चालू होंगी। इसके विकास का अनुबंध ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है।

कंपनी की ओर से एक बयान में कहा गया कि उसने विमानतल पर यात्री टर्मिनल के वास्तुकला की डिजाइन का जिम्मा नोर्डिक, ग्रीमशॉ, हेप्टिक और एसटीयूपी नामक चार कंपनियों के समूह को दिया है।

उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी और कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय विमानतल हैं जबकि अयोध्या में विमानतल का निर्माण कार्य जारी है।

उत्तर प्रदेश में जेवर के अलावा सात अन्य विमानतलों का भी विकास किया जा रहा है, जिसमें अयोध्या भी शामिल है। अलीगढ़, चित्रकूट, आजमगढ़, मुरादाबाद और श्रावस्ती में भी विमानतल प्रस्तावित हैं।

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