विधि छात्रा के सुसाइड नोट में नामजद पुलिस अधिकारी को प्रभार मुक्त किया गया : केरल पुलिस

By भाषा | Published: November 24, 2021 10:21 PM2021-11-24T22:21:04+5:302021-11-24T22:21:04+5:30

Police officer named in law student's suicide note relieved: Kerala Police | विधि छात्रा के सुसाइड नोट में नामजद पुलिस अधिकारी को प्रभार मुक्त किया गया : केरल पुलिस

विधि छात्रा के सुसाइड नोट में नामजद पुलिस अधिकारी को प्रभार मुक्त किया गया : केरल पुलिस

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कोच्चि, 24 नवम्बर कानून की 21-वर्षीया छात्रा की आत्महत्या के एक दिन बाद इस मामले के एक आरोपी पुलिस निरीक्षक को बुधवार को एसएचओ पद से मुक्त कर दिया गया और उसे केरल के पुलिस प्रमुख के समक्ष रिपोर्ट करने को कहा गया।

मृतका ने सुसाइड नोट में अपने पति, ससुराल वालों और संबंधित पुलिस अधिकारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का जिम्मेदार ठहराया है।

सी. एल. सुधीर की एसएचओ पद पर सेवा जारी रखने को लेकर केरल सरकार की आलोचना के बाद राज्य के पुलिस प्रमुख अनिल कांत ने आरोपी पुलिस अधिकारी को पद मुक्त करने का निर्देश दिया। पुलिस ने उक्त अधिकारी के अलावा, मृतका के पति और ससुराल वालों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि तीनों को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ 304बी (दहेज हत्या), 498 ए (दहेज प्रताड़ना), 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दहेज हत्या के लिए अधिकतम सजा आजीवन कारावास है, जबकि दहेज प्रताड़ना के लिए तीन साल जेल और आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध के तहत 10 वर्ष की जेल की सजा का प्रावधान है।

इससे पहले आज दिन में, कांग्रेस सांसद बेनी बेहानन और अलुवा के विधायक अनवर सदात ने एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। अपने सुसाइड नोट में कानून (तृतीय वर्ष) की छात्रा मोफिया परवीन ने आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारी ने उसके साथ उस वक्त दुर्व्यवहार किया था जब वह पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराने अपने पिता के साथ पुलिस स्टेशन गयी थी।

इस घटना के बाद राज्य में विरोध के स्वर मुखर हुए थे। केरल में दहेज उत्पीड़न को लेकर महिलाओं की आत्महत्या की घटनाओं में हाल के दिनों में बढ़ोतरी हुई है। इन घटनाओं में विस्मया मामला भी शामिल है।

इस बीच एक अन्य महिला ने भी संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुचित एवं दुर्व्यवहार की शिकायत की है। उसने एक समाचार चैनल को बताया कि करीब 18 घंटे तक पुलिस स्टेशन में बिठाने के बावजूद उक्त अधिकारी ने उसके ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत सुनने की कोशिश नहीं की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Police officer named in law student's suicide note relieved: Kerala Police

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