बिहार: सोनपुर मेला में कवयित्री अनामिका अंबर को बुलाकर नहीं पढ़ने दी गई कविता, बाकी कवियों ने भी किया बहिष्कार, गर्माई सियासत

By एस पी सिन्हा | Published: November 26, 2022 06:37 PM2022-11-26T18:37:52+5:302022-11-26T18:53:45+5:30

इस पूरे विवाद पर बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ० निखिल आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राज्य में 'कल्चरल पुलिसिंग' और 'सांस्कृतिक ठेकेदारी' करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कार्यक्रम स्थगित करना अलग बात है, लेकिन कवियों को बुलाकर नीतीश कुमार जी की कुंठा संतुष्टि के लिए उनको अपमानित कर बेइज्जत किया गया है।

Poet Anamika Amber not allowed to read poetry Bihar Sonpur mela other poets also boycotted politics heated up | बिहार: सोनपुर मेला में कवयित्री अनामिका अंबर को बुलाकर नहीं पढ़ने दी गई कविता, बाकी कवियों ने भी किया बहिष्कार, गर्माई सियासत

फोटो सोर्स: Twitter @anamikamber

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Highlightsबिहार के सोनपुर मेला में कवयित्री अनामिका अंबर को कविता नहीं पढ़ने दिया गया है। इसे लेकर बाकी कवियों ने भी विरोध किया है और कवि सम्मेलन का बहिष्कार किया है। वहीं इसे लेकर भाजपा ने भी सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।

पटना: विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला में उत्तर प्रदेश की चर्चित कवयित्री डॉ अनामिका अंबर जैन को काव्यपाठ करने से रोक दिया गया है। दरअसल, पर्यटन विभाग के कला मंच पर शुक्रवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था। पर्यटन विभाग के मंच पर काव्यपाठ शुरू होता उससे पहले विवाद हो गया है। 

आयोजकों पर क्या आरोप लगा है

आयोजकों पर आरोप है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के समर्थन में कविता पढ़ने के कारण बिहार सरकार ने चर्चित कवयित्री डॉ अनामिका अंबर जैन को काव्यपाठ करने से रोक दिया है। कवि सम्मेलन में कवयित्री को काव्य पाठ से रोके जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है। भाजपा ने सीधे तौर पर सीएम नीतीश पर हमला बोला है।

क्या है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि पर्यटन विभाग के मंच पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कवियों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। कवियों की टोली मंच पर विराजमान होने वाली ही थी कि आयोजकों की ओर से कार्यक्रम को कोऑडिनेट कर रहे संजीव मुकेश को एंकर ने बताया कि आदेश है कि अनामिका अंबर जैन को छोड़ बाकी कवि काव्यपाठ करेंगे। इससे सभी कवि गुस्सा गए। 

कवि सौरभ सुमन ने बताया कि अन्य कवियों को प्रशासन ने मंच पर आमंत्रित किया। इस पर आयोजकों ने दुख व्यक्त किया। इसके बाद सभी कवियों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि इसमें शिरकत करने के लिए तमाम ख्याती प्राप्त कवि पहुंचे थे। 

इस पर कवयित्री अनामिका जैन अंबर ने क्या कहा

‘यूपी में बाबा’ गाने वाली कवयित्री अनामिका जैन अंबर को भी काव्यपाठ के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्हें कविता नहीं पढ़ने दिया गया। वहीं, कवियित्री अनामिका जैन का आरोप है कि बिहार की जदयू-राजद गठबंधन सरकार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में काव्यपाठ करने के कारण उन्हें सोनपुर मेले में कविता नहीं पढ़ने दी। 

उन्होंने ट्वीट किया, ‘बिहार सरकार इतना डर गई कि मुझे सोनपुर में प्रवेश तक नही करने दिया गया सुबह से पटना में ही रोका गया। कवियों की पूरी टीम सोनपुर गई और कार्यक्रम का बहिष्कार कर वापस लौटी।’ बता दें कि उत्तर प्रदेश चुनाव के समय बिहार की नेहा सिंह राठौर में गाना गाया था ‘यूपी में का बा…’, जिसके जवाब में अनामिका जैन अंबर ने ‘यूपी में बाबा…’ गाया था। 

अनामिका जैन ने कहा कि बिहार की धरती राष्ट्रकवि दिनकर की धरती से बिना कविता पाठ के लौटना हमारे लिए बड़ी अपमान है। ज्ञान की धरती है। बुद्ध की धरती है। 

पूरे विवाद पर भाजपा ने क्या कहा

वहीं, बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉ० निखिल आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राज्य में 'कल्चरल पुलिसिंग' और 'सांस्कृतिक ठेकेदारी' करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा की कार्यक्रम स्थगित करना अलग बात है, लेकिन कवियों को बुलाकर नीतीश कुमार जी की कुंठा संतुष्टि के लिए उनको अपमानित कर बेइज्जत किया गया। 
 

Web Title: Poet Anamika Amber not allowed to read poetry Bihar Sonpur mela other poets also boycotted politics heated up

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