पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशनः क्या है, कैसे होगा फायदा, जानिए सबकुछ

By भाषा | Published: October 25, 2021 09:05 PM2021-10-25T21:05:42+5:302021-10-25T21:33:34+5:30

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्वांचल की धरती से उत्तर प्रदेश और देश को स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी बड़ी सौगातें दीं।

PM narendra Modi launches Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission how will you benefit this scheme uttar pradesh | पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशनः क्या है, कैसे होगा फायदा, जानिए सबकुछ

5,189 करोड़ रुपये से अधिक की 28 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

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Highlights‘बुद्ध की नगरी’ सिद्धार्थनगर से नौ जिलों में स्थापित मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। भाजपा की प्राथमिकता गरीबों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना।भविष्य में महामारियों से बचाव की उच्चस्तरीय तैयारी का हिस्सा करार दिया।

वाराणसीः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को खुशखबरी दी है। अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी अखिल भारतीय योजनाओं में से एक, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन देश भर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी अखिल भारतीय योजनाओं में से एक है।

11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र

इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से महत्वपूर्ण देखभाल सुविधाओं और शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्राथमिक देखभाल में अंतराल को भरना है। यह 10 उच्च फोकस वाले राज्यों में 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, सभी राज्यों में 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इसके माध्यम से देश के पांच लाख से अधिक आबादी वाले सभी जिलों में एक्सक्लूसिव क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक के माध्यम से क्रिटिकल केयर सेवाएं उपलब्ध होंगी, जबकि शेष जिलों को रेफरल सेवाओं के माध्यम से कवर किया जाएगा। देश भर में प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में नैदानिक ​​सेवाओं की पूरी श्रृंखला तक पहुंच प्राप्त होगी।

पांच नए क्षेत्रीय राष्ट्रीय केंद्र स्थापित

सभी जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इस योजना के तहत, एक स्वास्थ्य के लिए एक राष्ट्रीय संस्थान, वायरोलॉजी के लिए चार नए राष्ट्रीय संस्थान, डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधान मंच, नौ जैव सुरक्षा स्तर- III प्रयोगशालाएं, रोग नियंत्रण के लिए पांच नए क्षेत्रीय राष्ट्रीय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

काशी के मूलभूत ढांचे से जुड़ी करीब 5000 करोड़ रुपए रुपये की परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया है। इसमें सड़कों से लेकर घाटों की सुंदरता तक, गंगा और वरुणा की साफ सफाई, पुलों, पार्किंग स्थलों, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अनेक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में जीवन को सुगम, स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिए काशी में हो रहा यह विकास पर्व एक प्रकार से पूरे देश को नई ऊर्जा, नई शक्ति और नया विश्वास देने वाला है।

‘क्रिटिकल हेल्थ केयर नेटवर्क’

मिशन के तहत लक्ष्य यह है कि आने वाले चार-पांच सालों में देश के गांव से लेकर ब्लॉक, जिला, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर तक ‘क्रिटिकल हेल्थ केयर नेटवर्क’ को सशक्त किया जाए। खास तौर पर पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।

आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तीन बड़े पहलू हैं। पहला, बीमारी का पता लगाने और उसके इलाज के लिए विस्तृत सुविधाओं के निर्माण से जुड़ा है। इसके तहत गांवों और शहरों में ‘हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर’ खोले जा रहे हैं, जहां बीमारियों की शुरुआत में ही पता लगाने की सुविधा होगी।

दूसरा पहलू, रोगों की जांच के लिए टेस्टिंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। तीसरा पहलू देश में मौजूद लैब्स को और बेहतर बनाने से जुड़ा है। महामारियों के दौरान जांच के लिये बायोसेफ्टी लेवल—तीन की लैब चाहिए। ऐसी 15 नई लैब को क्रियाशील किया जाएगा। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के माध्यम से देश के कोने-कोने में इलाज से लेकर क्रिटिकल रिसर्च तक एक पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब ऐसा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है तो उससे रोजगार का भी एक पूरा वातावरण विकसित होता है।

ट्रैवल ट्रांसपोर्ट जैसे अनेक प्रकार के रोजगार उत्पन्न होंगे

डॉक्टर, पैरामेडिक्स, लैब, फार्मेसी, साफ-सफाई, कार्यालय, ट्रैवल ट्रांसपोर्ट जैसे अनेक प्रकार के रोजगार उत्पन्न होंगे। हम से पहले वर्षों तक जो सरकार में रहे, उनके लिए स्वास्थ्य सेवा पैसा कमाने और घोटालों का जरिया रही है। गरीबों की परेशानी देखकर भी वे से दूर भागते रहे हैं। आज केंद्र और राज्य में वह सरकार है जो दलित गरीब शोषित वंचित पिछड़े मध्यम वर्ग सभी का दर्द समझती है।

कॉलेजों में ज्यादा सीटें बढ़ने पर अब गरीब का बच्चा भी डॉक्टर बनने का सपना न सिर्फ देख सकेगा बल्कि उसे पूरा भी कर सकेगा। जब ज्यादा डॉक्टर होंगे तो देश के कोने-कोने में गांव-गांव में उतनी ही आसानी से डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे। मोदी ने वाराणसी का जिक्र करते हुए कहा, “अतीत में जिस प्रकार काम हुआ, अगर वह सही तरीके से होता, तो आज काशी की स्थिति क्या होती।

दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी को इन्होंने अपने हाल पर छोड़ रखा था। लटकते बिजली के तार, उबड़—खाबड़ सड़कें, घाटों और गंगा मैया की दुर्दशा, जाम, प्रदूषण और अव्यवस्था... यही सब कुछ चलता रहता था। आज काशी का हृदय वही है, मन वही है लेकिन काया को सुधारने का ईमानदारी से प्रयास हो रहा है। जितना काम वाराणसी में पिछले सात सालों में हुआ है, उतना पिछले कई दशकों में नहीं हुआ।”

64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान

पांच साल तक चलने वाली 'पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना' के लिए बजट में 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी घोषणा 2021-2022 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है।

साथ ही देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना भी है। इस योजना में 17,788 ग्रामीण तथा 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के विकास के लिये समर्थन प्रदान करने तथा सभी ज़िलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं 11 राज्यों में 3,382 ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना करने के लक्ष्य शामिल हैं।

इसके अलावा 602 ज़िलों और 12 केंद्रीय संस्थानों में ‘क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक’ स्थापित करने में सहायता करना, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र तथा इसकी पांच क्षेत्रीय शाखाओं एवं 20 महानगरीय स्वास्थ्य निगरानी इकाइयों को मज़बूत करना भी इस योजना का लक्ष्य है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने राज्य के सिद्धार्थनगर जिले में स्थानीय मेडिकल कॉलेज तथा आठ अन्य मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया।

Web Title: PM narendra Modi launches Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission how will you benefit this scheme uttar pradesh

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