पेगासस स्पाईवेयर पर पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने कहा-मोदी के पीएम बनने के बाद नहीं हो रहा, पहले भी ऐसा होता था, 10-15 साल से देख रहा हूं

By सतीश कुमार सिंह | Published: July 21, 2021 02:43 PM2021-07-21T14:43:06+5:302021-07-21T15:09:28+5:30

कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार ने साबित कर दिया है कि सत्ता की तलाश में वह किसी भी हद तक जा सकती है और लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर सकती है।

Pegasus spyware controversy former cm HD Kumaraswamy pm narendra modi Phone tapping not new happening for the past 10 to 15 years | पेगासस स्पाईवेयर पर पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने कहा-मोदी के पीएम बनने के बाद नहीं हो रहा, पहले भी ऐसा होता था, 10-15 साल से देख रहा हूं

जासूसी का समय स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि भाजपा का मुख्य इरादा उस समय कर्नाटक सरकार को गिराना था।

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Highlightsस्पाइवेयर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिराने के लिए किया गया है।प्रधानमंत्री की भूमिका पर भी अदालत की निगरानी में जांच होनी चाहिए।अमित शाह के पास सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।

बेंगलुरुः कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि मेरे हिसाब से नई बात नहीं है। ये चीजें 10-15 से देख रहा हूं। 

एच डी कुमारस्वामी ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि दो साल पहले जब वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे तब पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल कर उनके सचिव निगरानी के लिये संभावित निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है।

कुमारस्वामी ने कहा, ''मैं इन सब चीजों की परवाह नहीं करता क्योंकि हालिया दिनों में आयकर विभाग समेत विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने महत्वपूर्ण लोगों के फोन टैप किये हैं...ये चीजें 10-15 साल से नियमित रूप से हो रही हैं।''

उन्होंने कहा कि ऐसा केवल नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद नहीं हो रहा है। पहले भी ऐसा होता था। कुमारस्वामी ने कहा, ''मेरे हिसाब से यह नई बात नहीं है। मैं इस बात की परवाह नहीं करता कि जब मैं मुख्यमंत्री था तो मेरे निजी सचिव का फोन टैप किया गया क्योंकि मैंने कुछ गलत नहीं किया।''

कांग्रेस ने सरकार पर पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके देश में चुनी हुई सरकारों को गिराने का आरोप लगाया और पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग की। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा और मोदी सरकार ने कर्नाटक में कांग्रेस गठबंधन सरकार को गिराने के लिए स्पाइवेयर का दुरुपयोग करके लोकतंत्र की हत्या की है। सुरजेवाला के साथ राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और कर्नाटक कांग्रेस कमेटी के प्रमुख डी के शिवकुमार भी थे।

उन्होंने कहा, ‘‘अब यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके कर्नाटक में एक निर्वाचित कांग्रेस गठबंधन सरकार को गिराकर लोकतंत्र की हत्या की है और संविधान को तार-तार कर दिया है।’’

सुरजेवाला ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और इसलिए प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर संसद में बहस नहीं करना चाहते हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि अब घटनाओं का कालक्रम खुले में सामने आ गया है, उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में एक निर्वाचित सरकार को गिराकर जनादेश की हत्या के लिए इजराइली स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया गया था और सवाल किया कि क्या मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा की सरकारों को भी पेगासस का इस्तेमाल करके ही गिराया गया था।

'द वायर' ने आरोप लगाया है कि लीक हुई जासूसी सूची से पता चलता है कि हो सकता है कि स्पाइवेयर के इस्तेमाल के जरिये की जा रही निगरानी ने 2019 में कर्नाटक सरकार गिराने में भूमिका निभाई हो। इसने आरोप लगाया है कि जेडीएम-कांग्रेस सरकार गिराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के सचिव, पूर्व उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के सचिव के नम्बरों को जासूसी के संभावित लक्ष्य के रूप में चुना गया था।

खड़गे ने आरोप लगाया कि यह सब सरकार द्वारा देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए किया जा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह तानाशाही से देश को चलाने की कोशिश कर रहे हैं।

Web Title: Pegasus spyware controversy former cm HD Kumaraswamy pm narendra modi Phone tapping not new happening for the past 10 to 15 years

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