Panchayat elections: jammu kashmir Congress ban on congress leaders PDP National Conference | नेशनल कॉन्फ्रेंस के बाद अब कांग्रेस बोली- पहले नेताओं से प्रतिबंध हटाओ, फिर पंचायत चुनाव में करेंगे शिरकत, PDP ने नहीं खोले पत्ते 
कांग्रेस (फाइल फाटो)

Highlightsकश्मीर में अगले महीने होने जा रहे पंचायतों के उप-चुनाव का हाल क्या पिछले साल हुए बीडीसी चुनावों जैसा ही होगा जिसमें बीजेपी को छोड़ किसी भी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया था।कांग्रेस का कहना है कि पहले उनके नेताओं से प्रतिबंध हटाया जाए, तब वह पंचायत चुनाव में शामिल होगी।

कश्मीर में अगले महीने होने जा रहे पंचायतों के उप-चुनाव का हाल क्या पिछले साल हुए बीडीसी चुनावों जैसा ही होगा जिसमें बीजेपी को छोड़ किसी भी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया था। ऐसी आशंका इसलिए व्यक्त की जाने लगी है क्योंकि नेशनल कांफ्रेंस के बाद अब प्रदेश कांग्रेस ने इसमें शिरकत करने की खातिर शर्त रखी है। कांग्रेस का कहना है कि पहले उनके नेताओं से प्रतिबंध हटाया जाए। ऐसी ही शर्त नेकां भी कल रख चुकी है। जबकि अभी पीडीपी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने सोमवार (17 फरवरी) पत्रकारों से बात करते हुए इस बात का ऐलान किया कि जब तक उनके नेताओं से प्रतिबंधों को हटाया नहीं जाता तब तक वे चुनावों में हिस्सा लेने के बारे में नहीं सोच सकते। वे कहते थे कि जब आपके नेता कैद में हों तथा बाकी की आवाजाही प्रतिबंधित हो तो आप कैसे किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शिरकत कर पाएंगें।

इससे पहले पंचायत उपचुनाव के मैदान में शिरकत की खातिर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने कहा था कि वह चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है, लेकिन पार्टी ने शर्त रखी है कि उसके नेताओं को रिहा किया जाए। नेकां का कहना है कि चुनावों की तैयारियों को तेजी देने के लिए नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए।

पहले चरण की अधिसूचना के साथ ही प्रदेश बीजेपी ने प्रचार शुरू कर दिया है। जबकि पीडीपी खामोश है। इस बीच, नेशनल कांफ्रेंस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र कुमार को पत्र लिखा है कि पार्टी चुनाव लड़ने को राजी है, लेकिन बाधाएं दूर करना जरूरी है। नेकां प्रधान फारूक अब्दुल्ला, उप प्रधान उमर अब्दुल्ला और अली मोहम्मद सागर पीएसए के तहत हिरासत में हैं।

इस बार जम्मू कश्मीर में पंचायत उपचुनाव में पार्टियां अपने चुनाव चिह्न् पर प्रत्याशी उतार सकेंगी। बीते 70 वर्षाे में यह पहला मौका होगा, जब जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनावों में उम्मीदवार अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न् के साथ मतदाताओं के पास जाएंगे। जम्मू कश्मीर में रिक्त 1011 सरपंच और 11639 पंच पदों पर होने वाले चुनाव पांच मार्च से शुरू होंगे। अभी लद्दाख में रिक्त पंच-सरपंच हलकों के लिए चुनाव नहीं हो रहा है।

सरपंचों और पंचों के उपचुनाव के पहले चरण में पांच मार्च को 78 ब्लॉक में चुनाव होगा। इसमें जम्मू संभाग के 53 और कश्मीर संभाग के 25 ब्लॉक शामिल हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी। पांच मार्च को पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 22 फरवरी है। नामांकन पत्रों की जांच 24 फरवरी और नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 26 फरवरी है। मतदान सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक होगा। मतदान के बाद मतगणना उसी दिन की जाएगी।

इस बीच चुनाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। बीजेपी समेत कुछ राजनीतिक दलों की भी सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि नेकां और पीडीपी की ओर से चुनाव में भागीदारी को लेकर अभी स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। दरअसल, दोनों ही दलों के प्रमुख नेता नजरबंद चल रहे हैं।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) से अपील करते हुए कहा कि वह जम्मू कश्मीर में मार्च में होने जा रहे पंचायत उपचुनावों में हिस्सा ले। बीजेपी के राज्य महासचिव अशोक कौल ने श्रीनगर में पत्रकारों से कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को चाहिए कि बिना किसी शर्त के वह पंचायत उपचुनावों में भाग ले। उन्होंने कहा, हम नेशनल कॉन्फ्रेंस से आग्रह करते हैं कि वह पंचायत चुनावों (उपचुनावों) में भाग ले, अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उनका स्वागत करेंगे।

Web Title: Panchayat elections: jammu kashmir Congress ban on congress leaders PDP National Conference
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