Only his wife has the right to the semen of the deceased: Calcutta High Court | मृतक के वीर्य पर केवल उसकी पत्नी का अधिकार है: कलकत्ता उच्च न्यायालय
मृतक के वीर्य पर केवल उसकी पत्नी का अधिकार है: कलकत्ता उच्च न्यायालय

कोलकाता, 22 जनवरी कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अपने मृत बेटे के संरक्षित वीर्य को लेने के अधिकार की मांग करने वाले एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि केवल उसकी पत्नी को ही उसका वीर्य लेने का अधिकार है।

न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य ने 19 जनवरी को याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पास अपने बेटे के संरक्षित वीर्य को केवल इस आधार पर हासिल करने का कोई "मौलिक अधिकार" नहीं है कि मृतक के साथ उसका पिता-पुत्र का संबंध है।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसके बेटे की विधवा को इस मामले में 'अनापत्ति पत्र' देने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए या कम से कम, उसके अनुरोध का जवाब देना चाहिए।

अदालत ने याचिका को खारिज कर दी।

अदालत ने कहा कि दिल्ली के एक अस्पताल में मृतक के वीर्य रखे हैं। चूंकि वह मृत्यु तक वैवाहिक संबंध में था, इसलिए सिर्फ उसकी पत्नी को ही उसके वीर्य लेने का अधिकार है।

अदालत ने कहा कि जहां तक ​​याचिकाकर्ता के संचार का जवाब देने के लिए उसकी पत्नी को निर्देश देने की बात है, तो यह मामला अदालत के रिट के दायरे से बाहर का है, क्योंकि उसे किसी के मौलिक या वैधानिक अधिकार के किसी उल्लंघन में शामिल नहीं होना है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उसका बेटा थैलेसीमिया का मरीज था, और भविष्य में उपयोग के लिए उसके शुक्राणु को दिल्ली के अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है।

वकील के अनुसार, याचिकाकर्ता ने अपने बेटे के निधन के बाद, अस्पताल में संरक्षित वीर्य को लेने के लिए अस्पताल से संपर्क किया था।

अस्पताल ने अपनी ओर से उसे सूचित किया कि उसे मृतक की पत्नी से अनुमति लेनी होगी, और विवाह का प्रमाण देना होगा।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अस्पताल की उस सूचना के बाद, याचिकाकर्ता ने अपने मृतक बेटे की विधवा से इसके लिए 'अनापत्ति पत्र' जारी करने का आग्रह किया, जिसने संदेश का जवाब देने से इनकार कर दिया।

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Web Title: Only his wife has the right to the semen of the deceased: Calcutta High Court

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