North, South Block will become museum, PM can walk on foot from new residence, buildings will see history before and after 1857 | नॉर्थ, साउथ ब्लॉक बनेंगे संग्रहालय, नए आवास से ऑफिस पैदल जा सकते हैं पीएम, इमारतों में दिखेगी 1857 से पहले और बाद के इतिहास की झलक
मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत साउथ ब्लॉक में बनने वाले संग्रहालय में 1857 से पहले की ऐतिहासिक विरासत को संजोया जायेगा

Highlightsनॉर्थ ब्लॉक में 1857 से 1947 तक जंग ए आजादी के इतिहास की यादें ताजा की जा सकेंगी।उल्लेखनीय है कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है।

भारतीय सत्ता प्रतिष्ठान के केन्द्र के रूप में मशहूर लुटियन दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारत, देश के स्वतंत्रता संग्राम की झलक दुनिया के सामने पेश करेंगी।

ब्रिटिश काल में निर्मित इन दोनों इमारतों को संसद भवन के पुनर्विकास की योजना के तहत संग्रहलाय में तब्दील किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि रायसीना हिल पर राष्ट्रपति भवन के सामने स्थिति नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक से ही प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण महकमे संचालित होते हैं।

संसद भवन के पुनर्विकास से जुड़ी मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत साउथ ब्लॉक में बनने वाले संग्रहालय में 1857 से पहले की ऐतिहासिक विरासत को संजोया जायेगा, जबकि नॉर्थ ब्लॉक में 1857 से 1947 तक जंग ए आजादी के इतिहास की यादें ताजा की जा सकेंगी।

उल्लेखनीय है कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के दायरे में मौजूद ‘सेंट्रल विस्टा’ क्षेत्र को 2021 तक नया रूप दिया जाना है। जबकि मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक संसद भवन की नयी इमारत का निर्माण 2022 तक और तीसरे चरण में सभी केन्द्रीय मंत्रालयों को एक ही स्थान पर समेकित करने के लिये प्रस्तावित समग्र केन्द्रीय सचिवालय का निर्माण 2024 तक करने का लक्ष्य है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संग्रहालय में तब्दील होने के बाद नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में भारत के आधुनिक इतिहास की जीवंत तस्वीर का लोग दीदार कर सकेंगे। फिलहाल साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय तथा नॉर्थ ब्लॉक में गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार परियोजना के तहत संसद भवन की मौजूदा इमारत के पास ही नये संसद भवन की त्रिभुजाकार इमारत के डिजायन को मंत्रालय के समक्ष पेश किया गया है।

परियोजना का डिजायन तय करने वाली भवन निर्माण कंपनी द्वारा पेश संसद भवन के डिजायन को प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही मूर्त रूप दिया जायेगा। मंत्रालय को सौंपे गये शुरुआती डिजायन के मुताबिक समग्र केन्द्रीय सचिवालय के लिये राजपथ के दोनों ओर दस भव्य आठ मंजिला इमारतों में सभी मंत्रालयों को स्थानांतरित किया जायेगा। लुटियन क्षेत्र स्थित विभिन्न मंत्रालयों में 25 से 32 हजार केन्द्रीय कर्मचारी कार्यरत हैं।

फिलहाल ये मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन और उद्योग भवन में स्थित हैं। प्रस्तावित केन्द्रीय सचिवालय कार्ययोजना के तहत इन भवनों के अलावा उपराष्ट्रपति भवन और विज्ञान भवन को भी हटा कर इन्हें नये सिरे से बनाया जाना है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री आवास को आसपास ही नॉर्थ ब्लॉक के निकट बनाये जाने का प्रस्ताव है। उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित कार्ययोजना को अंजाम देने के लिये दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में लगभग 100 एकड़ जमीन का भू उपयोग बदलने की अधिसूचना जारी कर चुका है।

इसके तहत 9.5 एकड़ का भूखंड संसद भवन की नयी इमारत के लिये 15 एकड़ जमीन आवासीय उपयोग के लिये और 76 एकड़ जमीन कार्यालय उपयोग के लिये चिन्हित की जा चुकी है।

Web Title: North, South Block will become museum, PM can walk on foot from new residence, buildings will see history before and after 1857
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