नीतीश सरकार के अफसर, फोन पर फोन करते रह गए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, चार-पांच बार कॉल करने पर भी डीआईजी ने नहीं उठाया, जानें मामला

By एस पी सिन्हा | Published: September 16, 2021 07:27 PM2021-09-16T19:27:55+5:302021-09-16T19:29:10+5:30

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी के साथ किया था.

Nitish government Rural Development Minister Shravan Kumar DIG not raise even after calling four or five times Bihar  | नीतीश सरकार के अफसर, फोन पर फोन करते रह गए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, चार-पांच बार कॉल करने पर भी डीआईजी ने नहीं उठाया, जानें मामला

बिहार में अफसरशाही के हावी होने के आरोप लगते रहे हैं.

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Highlightsअफसरों के बीच मंत्रियों की क्या हैसियत है, इसका अंदाजा मंत्री जी को लग गया. श्रवण कुमार एक फरियादी की शिकायत पर बेगूसराय के डीआईजी राजेश कुमार को फोन पर फोन करते रह गए.श्रवण कुमार ने डीआईजी को चार-पांच बार फोन किया.

पटनाः बिहार में अफसरशाही का हाल ऐसा है कि मुख्य सचिव, डीजीपी या प्रधान सचिव तो दूर जिलाधिकारी, एसपी या डीआईजी आम लोगों को भाव देना छोड़ दिया जाये तो नेता और मंत्री को भी कोई भाव नहीं देते हैं.

सरकार में मंत्रियों की हैसियत क्या है, इसका अंदाजा एक मंत्री को तब लगा जब वह एक डीआईजी को फोन करते रह गये. डीआईजी ने फोन तो नहीं ही उठाया कॉल बैक तक करना मुनासिब नहीं समझा. इससे अफसरों के बीच मंत्रियों की क्या हैसियत है, इसका अंदाजा मंत्री जी को लग गया. 

बताया जाता है कि सूबे के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार एक फरियादी की शिकायत पर बेगूसराय के डीआईजी राजेश कुमार को फोन पर फोन करते रह गए, लेकिन डीआईजी ने कोई भाव ही नहीं दिया. ठीक उसी तरह जैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव चंचल कुमार ने समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी के साथ किया था.

श्रवण कुमार ने डीआईजी को चार-पांच बार फोन किया. लेकिन डीआईजी ने फोन रिसिव नहीं किया और न ही उन्होंने वापस मंत्री को कॉल बैक किया. मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में बताया कि एक फरियादी पहले भी आया था, जिसके कहने पर वे डीआईजी को पत्र लिखे थे. फरियादी ने इस बार शिकायत की कि मंत्री के पत्र के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

इसके बाद मंत्री ने डीआईजी को फोन लगाया पर बात नहीं हो सकी. कई बार कॉल करने पर भी उन्होंने फोन का कोई जवाब ही नहीं दिया. यहां उल्लेखनीय है कि बिहार में अफसरशाही के हावी होने के आरोप लगते रहे हैं. विपक्ष तो बाद में उससे पहले सत्ता पक्ष के नेताओं और पदाधिकारियों ने कई मौकों पर यह आरोप लगाते रहे हैं.

जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी पिछले दिनों बिहार में अफसरशाही हावी होने की बात कही थी. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि जनता के समस्याओं के प्रति अधिकारी कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं. वे कोई भी रेस्पॉन्स नहीं करते. नेताओं की बात अफसरों को सुनना ही पडेगा.

Web Title: Nitish government Rural Development Minister Shravan Kumar DIG not raise even after calling four or five times Bihar 

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