News channels will have to be allowed to broadcast the program from Ayodhya on August 5, affidavit will have to be given | 5 अगस्त को अयोध्या से कार्यक्रम के प्रसारण के लिए समाचार चैनलों को लेनी होगी अनुमति, देना होगा शपथपत्र
कार्यक्रम में एक मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनात की जाएगी और पैनलिस्ट और न्यूज चैनल के कर्मचारियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।

Highlightsसमाचार चैनलों को पांच अगस्त को अयोध्या से कार्यक्रम के प्रसारण के लिए अनुमति लेनी होगीपरामर्श के अनुसार समाचार चैनलों को कोई कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी और प्राधिकारियों को एक शपथपत्र भी देना होगा।

अयोध्या: अयोध्या जिला प्रशासन ने समाचार चैनलों से कहा है कि पांच अगस्त को राम मंदिर के लिए 'भूमि पूजन' के दौरान यहां से वे चर्चा पर आधारित जो भी कार्यक्रम प्रसारित करेंगे उनमें अयोध्या भूमि विवाद मामले से जुड़ा कोई वादकारी (लिटिगेंट) शामिल नहीं होना चाहिए। प्रशासन ने एक परामर्श में यह भी कहा कि यदि भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान चैनल उत्तर प्रदेश के अयोध्या से किसी चर्चा या कार्यक्रम का प्रसारण कर रहे हैं तो उसमें किसी व्यक्ति या धर्म के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।

परामर्श के अनुसार समाचार चैनलों को कोई कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी और प्राधिकारियों को एक शपथपत्र भी देना होगा। उप निदेशक, सूचना मुरलीधर सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमने समाचार चैनलों को एक परामर्श जारी किया है क्योंकि उन्हें कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेनी होगी, उन्हें सीमित संख्या में पैनलिस्ट की अनुमति होगी और किसी भी प्रसारण या रिकॉर्डिंग में दर्शक या जनता को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।’’ उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में एक मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनात की जाएगी और पैनलिस्ट और न्यूज चैनल के कर्मचारियों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।

सिंह ने कहा कि समाचार चैनलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ कोई टिप्पणी न की जाए और अयोध्या विवाद मामले के किसी भी पक्ष को आमंत्रित न किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच अगस्त को भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्वामित्व मामले में फैसला उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष नौ नवम्बर को सुनाया था। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या में विवादित भूमि की 2.77 एकड़ जमीन रामलला को सौंपी जानी चाहिए, जो तीन वादियों में से एक थे।

उसने केंद्र को उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर में "प्रमुख" स्थान पर एक नयी मस्जिद के निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को वैकल्पिक पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का भी निर्देश दिया था। 'भूमि पूजन' से पहले, राम मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों से अपील जारी करते हुए उनसे चांदी की ईंटे दान नहीं करने के लिए कहा। उसने कहा कि ट्रस्ट के पास न तो उन्हें रखने के लिए उचित जगह है और न ही चांदी की ईंटों की शुद्धता की जांच करने के लिए उपकरण और सुविधाएं। राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने कहा कि बड़ी संख्या में भक्त राम मंदिर के लिए चांदी की ईंटें दान कर रहे हैं और इससे ट्रस्ट के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं कि वह उन्हें कहां रखे।

उन्होंने कहा कि अब तक ट्रस्ट को एक क्विंटल से अधिक चांदी और अन्य धातुओं की ईंटें दान की गई हैं। राय ने भक्तों से कहा कि अगर वे दान करना चाहते हैं, तो उन्हें बैंक जमा के माध्यम से धन दान करना चाहिए। रामलला की मूर्ति को 'भूमि पूजन' के दिन एक नयी 'नवरत्न' पोशाक पहनायी जाएगी। पोशाक में नौ मणि रत्न जड़ित होंगे और इसकी सिलाई यहां की जा रही है। रामदल के अध्यक्ष पंडित कल्किराम मूर्ति को विशेष पोशाक भेंट करेंगे। पोशाक की सिलाई करने वाले दर्जी भागवत पहाड़ी ने कहा, "यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे यह महान काम दिया गया है, मैं निश्चित रूप से ऐसी पोशाक तैयार करूंगा जो अपने आप में ऐतिहासिक होगी।" उन्होंने कहा, ‘‘हम पीढ़ियों से रामलला के लिए कपड़े सिल रहे हैं।’’ 

Web Title: News channels will have to be allowed to broadcast the program from Ayodhya on August 5, affidavit will have to be given
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