Nagpur MSEDCL electricity bill not filled can cut any time total outstanding 63740 crores Months | नागपुरः बिल नहीं भरा है तो किसी भी समय कट सकती है बिजली, कुल बकाया 63740 करोड़
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत ने भी दिसंबर तक कनेक्शन नहीं काटने का निर्देश दिया था. (file photo)

Highlightsदिसंबर 2020 के अंत कर राज्य में बिजली बिल का कुल बकाया 63 हजार 740 करोड़ रु. तक पहुंच गया है.बिल नहीं भरने वाले ग्राहकों का बिजली कनेक्शन काटने के अलावा अन्य कोई पर्याय नहीं शेष बचा है.कोविड-19 संक्रमण की वजह से लागू लॉकडाउन को देखते हुए महावितरण ने किसी का बिजली कनेक्शन नहीं काटने का फैसला किया था.

नागपुरः कोविड संक्रमण को देखते हुए महावितरण ने बकाया वसूली के लिए अब तक उपभोक्ताओं से केवल अनुरोध कर रहा था. लेकिन अब यह दौर समाप्त हो गया है.

महावितरण ने ऐलान किया है कि वसूली मुहिम में सख्ती की जाएगी. बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे. कंपनी ने इस संदर्भ का आदेश अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालय को जारी किया. कंपनी का कहना है कि दिसंबर 2020 के अंत कर राज्य में बिजली बिल का कुल बकाया 63 हजार 740 करोड़ रु. तक पहुंच गया है.

कंपनी की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है. ऐसे हालात में बिल नहीं भरने वाले ग्राहकों का बिजली कनेक्शन काटने के अलावा अन्य कोई पर्याय नहीं शेष बचा है. उल्लेखनीय है कि मार्च 2020 में कोविड-19 संक्रमण की वजह से लागू लॉकडाउन को देखते हुए महावितरण ने किसी का बिजली कनेक्शन नहीं काटने का फैसला किया था. प्रदेश के ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत ने भी दिसंबर तक कनेक्शन नहीं काटने का निर्देश दिया था. बकाया भरने के लिए महावितरण ने ग्राहकों को किश्तों में भुगतान करने की सुविधा दी थी.

बकाये पर विलंब शुल्क भी नहीं लगाने का फैसला लिया गया. इसके साथ ही बिजली बिल से संबंधित शिकायतों को तत्काल हल करने का भी प्रयास किया गया. इस बीच निजी वितरण कंपनियों ने सितंबर 2020 में महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग की अनुमति से मुंबई व मुंबई उपनगर में बकाया वसूली मुहिम आरंभ की.

अनेक ग्राहकों के कनेक्शन भी काटे गए. बहरहाल ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर महावितरण ने कनेक्शन नहीं काटे. अब महावितरण ने बकाये के बढ़ाने का हवाला देते हुए कनेक्शन काटने का फैसला ले लिया है. कंपनी का कहना है कि आर्थिक संकट की वजह से उसे दैनिक कामकाज निपटाने में समस्या हो रही.

बैंकों की किस्त के साथ-साथ कर्मियों की पगार देना भी कठिन हो गया है. ऊपर से कंपनियों को आबाधित बिजली आपूर्ति के लिए रोज बिजली नगदी में खरीदनी पड़ रही है. बॉक्स वसूली में ढिलाई पर होगी कार्रवाई महावितरण ने स्पष्ट किया है कि वसूली में ढिलाई करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी.

ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में बिजली कनेक्शन काटे जाएंगे. अकेले नागपुर शहर में यह संख्या हजारों में होगी. कंपनी ने ग्राहकों से कार्रवाई से बचने के लिए बकाया भरने की अपील की है. कृषि पंप पर 45,498 करोड़ का बकाया दिसंबर के अंत तक ग्राहकों पर कुल बकाया 63 हजार 740 करोड़ रु. हो चुका था. इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी कृषि पंप ग्राहकों की है. उन पर 45498 करोड़ रु. का बकाया है. वाणिज्यिक, घरेलू एवं औद्योगिक ग्राहकों पर 8485 करोड़ रु. एवं उच्चदाब ग्राहकों पर 2435 करोड़ रु. का बकाया है.

Web Title: Nagpur MSEDCL electricity bill not filled can cut any time total outstanding 63740 crores Months

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