Muslims Are Alienated From PM Modi says c-voter Survey | पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर मुस्लिम नहीं करते हैं भरोसा, जानिए सर्वे में क्या आंकड़े आए सामने
नरेद्र मोदी पर मुस्लिम कम करते हैं भरोसा। (फाइल फोटो)

Highlightsभारतीय मुसलमानों को प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर भरोसा नहीं है।मुसलमान भारत के लगभग सभी सार्वजनिक संस्थानों पर वह बहुत भरोसा रखते हैं।

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में फैला हुआ है। इस बीच एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण से पता चला है कि भारतीय मुसलमानों को प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर भरोसा नहीं है। बाकी भारत के लगभग सभी सार्वजनिक संस्थानों पर वह बहुत भरोसा रखते हैं। यह सर्वे सी-वोटर (C-Voter) की ओर से करवाया गया है, जिसमें यह जानकारी सामने निकलकर आई है।

सर्वे में इन तीन सवाल पर फोकस किया गया है, जिसमें क्या मुसलमानों को सत्तारूढ़ शासन से अलग कर दिया गया है, क्या वे भारत से भी अलग हो गए हैं? इसके लिए क्या और कौन जिम्मेदार हैं?

क्विंट में छपी रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया और वैश्विक मीडिया COVID-19 महामारी और इसके कारण होने वाली तबाही पर केंद्रित है। लेकिन जब बात भारत की आती है, तो फोकस का हिस्सा कथित इस्लामोफोबिया और महामारी के दौरान मुसलमानों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता पर रहा है। वाशिंगटन पोस्ट, द न्यूयॉर्क टाइम्स, द गार्जियन और बीबीसी जैसे शीर्ष मीडिया संस्थान 2014 से नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से इस पर प्रकाश डाल रहे हैं। 

लेकिन, हाल ही में धार्मिक स्वतंत्रता पर एक अमेरिकी कांग्रेस संस्था USCRIF ने भारत को मुस्लिमों के खिलाफ भेदभाव पर फटकार लगाई है। इस्लामिक देशों के संगठन ने भी इसी तरह की चिंताओं को उठाया है। 'लिबरल' भारतीयों ने वैसे भी पिछले कुछ समय से इस तरह के विचार को रखा है।

सर्वेक्षण के परिणामों में दो उत्तर स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। पहला यह है कि मुसलमानों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सहयोगी दलों द्वारा चलाई जा रही केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भरोसे की समस्या है। दूसरा, वे हिंदुत्व और धर्मनिरपेक्ष दोनों के जरिए फैलाई गई धारणा को निर्णायक रूप से प्रदर्शित करते हैं कि भारत से मुसलमानों को अलग-थलग कर दिया गया है। यह बिल्कुल झूठ है। 

एक कहावत है कि नागरिक राष्ट्रीय आपदा में अपने नेता के पीछे खड़े रहते हैं, सही साबित होता दिख रहा है। अभी हाल ही में 76.3 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री में 'बहुत अधिक विश्वास' है, जबकि केवल 6.5 प्रतिशत ने 'कोई भरोसा नहीं' नहीं है। 2018 में इसी तरह के सर्वेक्षण के बाद एक उल्लेखनीय बदलाव देखा गया है जब 58.6 प्रतिशत भारतीयों ने पीएम पर बहुत अधिक भरोसा जताया था, जबकि 16.3 प्रतिशत ने कहा था कि उन्हें उन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।

हांलाकि अल्पसंख्यकों जब विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय की बात आती है तो हैरान करने वाली तस्वीर दिखाई देती है। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के मजबूत समर्थक माने जाने वाले नागरिकों की संख्या पर नजर डालें, तो तस्वीर साफ हो जाती है। 2020 में 91.4 फीसदी उच्च जाति के हिंदुओं ने कहा कि उन्हें पीएम पर बहुत भरोसा है, जबकि केवल 1.3 प्रतिशत ने विश्वास नहीं किया। 2018 के ये आंकड़े 72.3 प्रतिशत और 10.3 प्रतिशत थे।

इसी तरह, 2020 में अन्य पिछड़ी जातियों के 78.6 प्रतिशत लोगों ने पीएम पर बहुत अधिक भरोसा जताया, जबकि सिर्फ 3.9 प्रतिशत को कोई भरोसा नहीं था। 2018 के यही आंकड़े 59.8 प्रतिशत और 16.7 प्रतिशत थे। 

2020 में राष्ट्रीय स्तर पर, लगभग 70 प्रतिशत ने पुलिस पर बहुत अधिक भरोसा जताया, जबकि 8.1 प्रतिशत ने कोई भरोसा नहीं दिखाया। मुसलमानों के मामले में 71.1 प्रतिशत ने बहुत अधिक विश्वास व्यक्त किया, जबकि 9.8 प्रतिशत को बिल्कुल भी भरोसा नहीं था। 89.4 प्रतिशत मुसलमानों ने सशस्त्र बलों में बहुत अधिक विश्वास व्यक्त किया, जबकि 0.4 प्रतिशत ने बिल्कुल भी भरोसा नहीं किया।

Web Title: Muslims Are Alienated From PM Modi says c-voter Survey
भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ सब्सक्राइब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करे