Muslim youth cremated unclaimed old woman | मुस्लिम युवक ने कराया लावारिस वृद्ध महिला का अंतिम संस्कार
मुस्लिम युवक ने कराया लावारिस वृद्ध महिला का अंतिम संस्कार

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), पांच मई शाहजहांपुर जिले में कोविड- संक्रमित एक वृद्ध महिला की मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद उसके किसी परिजन का पता नहीं लगने और समाज के कई अन्य लोगों के बेरुखी दिखाने पर एक मुस्लिम व्यक्ति ने उसका अंतिम संस्कार किया।

मेडिकल कॉलेज की जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर पूजा त्रिपाठी ने बुधवार को 'भाषा' को बताया कि रैन बसेरे में रहने वाली सुनीता देवी (70) को गत पांच अप्रैल को इमरजेंसी में लाया गया था। उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। कोविड टेस्ट में वह संक्रमित पायी गयी थीं। इलाज के दौरान 29 अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी। जब कई दिनों तक कोई भी परिजन या रिश्तेदार शव लेने नहीं आया तो पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला के परिजन का पता नहीं लगने पर उनका शव छह दिन तक शव गृह में रखा रहा।

इस बात का पता लगने पर शहर के ही निवासी मेराजुद्दीन खान ने महिला के शव के अंतिम संस्कार के लिए कुछ लोगों से निवेदन किया मगर कोई भी उनका साथ देने को तैयार नहीं हुआ।

खान ने बताया कि ऐसे में उन्होंने खुद ही महिला का अंतिम संस्कार करने का निर्णय किया और सरकारी एंबुलेंस चालक बीरू की मदद से मंगलवार को महिला का शव कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत श्मशान घाट पर ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया।

पेशे से पत्रकार मेराजुद्दीन खान ने गत 20 अप्रैल को जिले के पुवायां क्षेत्र की रहने वाली सुदामा देवी (60) का भी अंतिम संस्कार उनकी बेटी मंजू से करवाया था। मंजू के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह अपनी मां का अंतिम संस्कार करा पाए। ऐसे में खान ने सारा इंतजाम करके मृत महिला की बेटी से मुखाग्नि दिलवाई थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Muslim youth cremated unclaimed old woman

भारत से जुड़ी हिंदी खबरों और देश दुनिया खबरों के लिए यहाँ क्लिक करे. यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा लाइक करे