Mumbai Police revealed on TRP SCAM, investigation is going on against 3 channels including Republic TV | TRP SCAM पर मुंबई पुलिस का खुलासा, Republic TV समेत 3 चैनलों के ख‍िलाफ हो रही जांच
TRP SCAM पर मुंबई पुलिस का खुलासा, Republic TV समेत 3 चैनलों के ख‍िलाफ हो रही जांच

Highlightsपुलिस कमिश्‍नर सिंह ने कहा कि चैनल से जुड़े किसी भी व्‍यक्ति से पूछताछ की जा सकती है। मुंबई पुलिस को दो अन्य चैनलों का पता चला है, जिनके नाम फख्त मराठी और बॉक्स सिनेमा हैं।

न्यूज चैनल्स की टीआरपी रेस में रिपब्लिक टीवी पिछले कुछ हफ्तों से शीर्ष पर बना हुआ है। उसने आज तक चैनल की 15 साल की बादशाहत भी छीन ली है। रिपब्लिक की इस रेटिंग को देखकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। अब मुंबई पुलिस का बयान आया है कि वो टीआरपी की हेरफेर को लेकर रिपब्लिक टीवी समेत तीन चैनलों की जांच कर रही है।

मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक पीपल मीटर लगाने वाली एजेंसी का एक पूर्व कर्मचारी है। इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने सीधे तौर पर रिपब्लिक टीवी को आरोपी मानते हुए कहा कि उसने पैसे देकर रेटिंग बढ़ाई।

पुलिस कमिश्‍नर सिंह ने कहा कि चैनल से जुड़े किसी भी व्‍यक्ति से पूछताछ की जा सकती है। अगर किसी तरह की हेरफेर का खुलासा होता है तो उनका अकाउंट सीज कर दिया जाएगा। मुंबई पुलिस का कहना है कि जांच में यह फैक्टर भी शामिल हैं कि कैसे न्यूज ट्रेंड में जोड़ तोड़ किया जाता है और झूठी कहानी फैलाई जाती है। कमिश्नर ने कहा कि हम ये भी देख रहे हैं जो फर्जी TRP से विज्ञापन मिले थे वो पैसा अपराध का हिस्सा माना जाएगा या नहीं।

मुंबई पुलिस को दो अन्य चैनलों का पता चला है, जिनके नाम फख्त मराठी और बॉक्स सिनेमा हैं। ये चैनल पैसा देकर लोगों के घरों में चैनल चलवाते थे। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और 8 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। मुंबई पुलिस की ओर से इस रैकेट की जानकारी सूचना प्रसारण मंत्रालय और भारत सरकार को दी जाएगी।

मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि टेलीविजन विज्ञापन इंडस्ट्री करीब 30 से 40 हजार करोड़ रुपये की है। विज्ञापन की दर TRP रेट के आधार पर तय किया जाता है। किस चैनल को किस हिसाब से विज्ञापन मिलेगा यह तय किया जाता है। अगर टीआरपी में बदलाव होता है तो इससे रेवेन्यू पर असर पड़ता है। कुछ लोगों को इससे फायदा होता है और कुछ लोगों को इससे नुकसान होता है।

गौरतलब है कि BARC एजेंसी TRP को मापने करने का काम करती है। BARC ने ये काम एक हंसा नाम की एजेंसी को दिया है। उसी एजेंसी के जरिए हेरफेर की गई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि फर्जी टीआरपी का एक नया रैकेट पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार, BARC ने जो अपनी रिपोर्ट सौंपी है उसमे रिपब्लिक का नाम आया है।

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