मुंबई: आरे जंगल का मामला फिर से उठा, पर्यावरणविद करेंगे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, बढ़ाई गई पुलिस की तैनाती

By आशीष कुमार पाण्डेय | Published: July 2, 2022 05:40 PM2022-07-02T17:40:17+5:302022-07-02T17:46:59+5:30

महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के गठन के बाद से उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार मुंबई के आरे जंगल में मेट्रो कार शेड बनाने की परियोजना को फिर से चालू करने के लिए हरी झंडी दे सकती है।

Mumbai: Aarey forest issue raised again, environmentalists will hold peaceful protest, increased police deployment | मुंबई: आरे जंगल का मामला फिर से उठा, पर्यावरणविद करेंगे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, बढ़ाई गई पुलिस की तैनाती

मुंबई: आरे जंगल का मामला फिर से उठा, पर्यावरणविद करेंगे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, बढ़ाई गई पुलिस की तैनाती

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Highlightsमुंबई के आरे जंगल पर सियासत हुई तेज, की गई भारी पुलिस बल की तैनाती पर्यावरणविदों ने शनिवार को मेट्रो कार शेड फैसले का विरोध करते हुए प्रदर्शन का आह्वान कियासंभावना है कि रविवार को सैकड़ों लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आरे जंगल आ सकते हैं

मुंबई: महाराष्ट्र में सरकार बदलने के साथ महानगर के मध्य में स्थित आरे के जंगल को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। शिंदे सरकार ने आरे जंगल में मुंबई पुलिस की तैनाती बढ़ा दी है। जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार वहां पर मेट्रो कार शेड बनाने की परियोजना को चालू करने के लिए हरी झंडी दे सकती है।

वहीं इस अंदेशे से डरे हुए पर्यावरणविदों ने शनिवार को एक बार फिर राज्य सरकार के मेट्रो कार शेड बनाने के फैसले का विरोध करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस मामले में मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि पर्यावरण संगठनों ने रविवार की सुबह आरे जंगल में शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान किया है। जससे संभावना जताई जा रही है कि सैकड़ों लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आरे के जंगल में आ सकते हैं। 

मालूम हो कि इससे पहले के नाटकीय घटनाक्रम में महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके डिप्टी देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास अघाड़ी सरकार के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फड़नवीस सरकार के कार्यकाल में प्रस्तावित मुंबई मेट्रो लाइन -3 कार शेड को आरे कॉलोनी से स्थानांतरित करने करने का आदेश दिया था।

दरअसल इस मामले में सियासत उस समय से हो रही है, जब देवेंद्र फड़नवीस ने बतौर मुख्यमंत्री अपने पहले कार्यकाल में तमाम विरोध के बावजूद आरे जंगल क्षेत्र में मेट्रो कार शेड बनाने के लिए आदेश पारित कर दिया था और इस कारण आरे के जंगल में हजारों पेड़ों की कटाई की गई थी। उस समय देवेंद्र फड़नवीस सरकार में सहयोही की भूमिका निभा रही शिवसेना ने भी इस फैसले का विरोध किया था।

यही कारण था कि जब उद्धव ठाकरे ने साल 2019 में भाजपा से नाता तोड़ते हुए कांग्रेस और एनसीपी के साथ महाविकास अघाड़ी सरकार बनाई तो सबसे पहले उन्होंने मेट्रो कार शेड साइट को आरे जंगल से हटाकर कांजुरमार्ग में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन इस जमीन के प्रयोग के लिए केंद्र सरकार कोर्ट में चली गई और तब से यह मामला विवादों में फंस गया।

उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फड़नवीस के बीच में आरे जंगल का मसला राजनीतिक प्रतिष्ठा का भी प्रश्न बन गया था और यही कारण है कि अब जब भाजपा ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई में नई सरकार बनाई है तो सरकार ने आरे जंगल में ही कार शेड बनाने का इरादा जताया है। सरकार ने आरे जंगल में होने वाले संभावित प्रदर्शन का आंकलन करते हुए और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिसबल की  तैनाती कर दी है।

इस मामले में बात करते हुए राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने कहा, "विकास के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हम मुंबई की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मेट्रो और जंगल दोनों चाहते हैं।" (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

Web Title: Mumbai: Aarey forest issue raised again, environmentalists will hold peaceful protest, increased police deployment

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