मध्यप्रदेश : पुल नहीं होने से गर्भवती महिला को खाट पर कराना पड़ा नदी पार, बच्चे की हुई मौत, जानें पूरा मामला

By दीप्ती कुमारी | Published: July 29, 2021 09:31 AM2021-07-29T09:31:00+5:302021-07-29T09:34:08+5:30

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पुल न होने के कारण एक गर्भवती महिला को खाट पर पुल पार कराया गया और देर से अस्पताल पहुंचने के कारण महिला की हालत गंभीर हो गई और डॉक्टर बच्चे को नहीं बचा सके ।

MP pregnant woman carried on cot across swollen river due to lack of bridge | मध्यप्रदेश : पुल नहीं होने से गर्भवती महिला को खाट पर कराना पड़ा नदी पार, बच्चे की हुई मौत, जानें पूरा मामला

फोटो सोर्स - सोशल मीडिया

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Highlightsछिंदवाड़ा जिले में भंडवा नदी पर पुल न होने के कारण अजन्मे बच्चे की गई जान अस्पताल में देर से पहुंचने के कारण मां की हालत गंभीर ग्रामीणों ने खाट पर महिला को पुल पार कराया

भोपाल : मध्यप्रदेश में पुल न होने से एक गर्भवती महिला को खाट पर नदी पार कराकर अस्पताल ले जाना पड़ा लेकिन सुविधा के अभाव में बच्चे को नहीं बचाया जा सका । बुधवार को स्थानीय निवासियों ने कहा कि प्रसव पीड़ के बाद गर्भवती को छिंदवाड़ा जिले में उफनती नदी के बीच से एक खाट पर अस्पताल ले जाना पड़ा और सुविधा के अभाव में जन्मे बच्चे को बचाया नहीं जा सका । 

गांव के लोग लंबे समय से पुल की मांग कर रहे हैं 

यह घटना मंगलवार को दमुआ प्रखंड के टेकधना गांव के पास हुई । यह इलाका छिंदवाड़ा लोकसभा के अंतर्गत आता है , जिसका प्रतिनिधित्व पहले कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख कमलनाथ करते थे । वहीं गांव गांव के पूर्व सरपंच दिलीप बटके ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से भंडवा नदी पर पुल की मांग कर रहे लेकिन मांग अब तक पूरी नहीं हुई है जिससे उन्हें परेशानी हो रही है।

मंगलवार को गांव के 24 वर्षीय पिंकी को प्रसव पीड़ा हो रही थी और बारिश के कारण नदी उफान पर थी इसलिए कुछ ग्रामीणों ने उसे खाट पर बिठाकर नदी के उस पार स्थित अस्पताल ले जाने का फैसला किया । उन्होंने अपने कंधे पर खाट पकड़कर नदी पार की जिससे न केवल महिला बल्कि ग्रामीणों को भी खतरा हो सकता है । 

बटके ने कहा कि जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित टेकाढाना हर साल बारिश के मौसम में टापू में बदल जाता है । स्थानीय लोग लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।

महिला की हालत गंभीर थी 

ऐसे हालात में ग्रामीण किसी तरह महिला को रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में दमोह सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर संजय भटकर ने उसका इलाज किया । डॉक्टर ने बाद में ग्रामीणों ने बताया को बताया कि महिला की हालत गंभीर होने के कारण बच्चों को नहीं बचाया जा सका।

बटके ने डॉक्टर के हवाले से कहा कि बच्चे को नहीं बचाया जा सका क्योंकि महिला को गंभीर हालत में देर से अस्पताल लाया गया था । महिला को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई । दमोह के मुख्य नगरपालिका अधिकारी पी खांडे ने कहा कि गांव के लोग कई बार पुल निर्माण के लिए ज्ञापन दिया है और इसे जिला अधिकारियों को भेज दिया गया । उन्होंने कहा कि जैसे स्थानीय अधिकारियों को इसकी अनुमति मिलेगी पुल का निर्माण किया जाएगा ।
 

Web Title: MP pregnant woman carried on cot across swollen river due to lack of bridge

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