कर्मचारी पेंशन योजना की राशि बढ़ाने को लेकर सांसद हेमा मालिनी ने श्रम मंत्री को लिखा पत्र

By भाषा | Published: September 24, 2020 09:13 PM2020-09-24T21:13:25+5:302020-09-24T21:13:25+5:30

ईपीएस-95 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की कर्मचारी पेंशन योजना है। ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना), 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है।

MP Hema Malini writes letter to Labor Minister to increase the amount of Employee Pension Scheme | कर्मचारी पेंशन योजना की राशि बढ़ाने को लेकर सांसद हेमा मालिनी ने श्रम मंत्री को लिखा पत्र

बुजुर्ग पेंशनधारक महीने में गुजारे लायक पेंशन को लेकर 3 वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं।

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Highlightsकर्मचारी पेंशन योजना की राशि बढ़ाने को लेकर सांसद हेमा मालिनी ने श्रम मंत्री को पत्र लिखा है ईपीएस-95 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की कर्मचारी पेंशन योजना है।

नयी दिल्ली: लोकसभा सदस्य हेमा मालिनी ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में मासिक पेंशन बढ़ाने और अन्य सुविधाओं का लाभ 65 लाख से अधिक पेशनधारकों को दिलाने की मांग को लेकर श्रम मंत्री संतोष गंगवार को पत्र लिखा है। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। पेंशनभोगी महंगाई भत्ते के साथ मूल पेंशन 7,500 रुपये मासिक करने, पेंशनभोगियों के पति या पत्नी को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देने समेत अन्य मांग कर रहे हैं।

बयान के अनुसार भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने लिखा है, ‘‘सेवानिवृत्ति के बाद परिवार और समाज में सम्मान सहित जीने के लिए पेंशन दी जाती है, लेकिन ईपीएस-95 के पेंशन धारकों को बहुत मामूली पेंशन मिल रही है। इतनी महंगाई के जमाने में इतने कम पैसे में इन बुजुर्गों का अपनी जिंदगी की संध्यावेला गुजारना काफी मुश्किल है।’’

ईपीएस-95 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की कर्मचारी पेंशन योजना है। ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना), 95 के तहत आने वाले कर्मचारियों के मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) का 12 प्रतिशत हिस्सा भविष्य निधि में जाता है। वहीं नियोक्ता के 12 प्रतिशत हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना में जाता है। ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत (सेवानिवृत्त) का दावा है, ‘‘ तीस - तीस साल काम करने और ईपीएस आधारित पेंशन मद में निरंतर योगदान करने के बाद भी कर्मचारियों को मासिक पेंशन के रूप में अधिकतम 2,500 रुपये ही मिल रहे हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिजनों का गुजर - बसर करना कठिन है। ’’

मथुरा की सांसद ने पत्र में लिखा है, ‘‘वह पेंशनधारकों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रधानमंत्री से भी मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुकी हैं....।’’ हेमा मालिनी ने पत्र में यह भी लिखा है, “ईपीएस राष्ट्रीय संघर्ष समिति के जनप्रतिनिधि मेरे पास बार-बार आए और मैं इनकी हालत देखकर बहुत व्यथित हूं।“

उन्होंने श्रम मंत्री से बुजुर्ग पेंशनरों की मांग पर गौर करने और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने की अपील की है। राऊत ने बयान में दावा किया कि ईपीएस राष्ट्रीय संघर्ष समिति 65 लाख ईपीएस-95 पेंशनधारकों का प्रतिनिधित्व करती है। बुजुर्ग पेंशनधारक महीने में गुजारे लायक पेंशन को लेकर 3 वर्षों से आंदोलन चला रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘संगठन के मुख्यालय महाराष्ट्र के बुलढाणा में मांगों के समर्थन में पिछले 640 दिनों से क्रमिक अनशन चल रहा है।’’ राऊत ने कहा कि माननीय सांसद के पत्र के बाद बुजुर्ग पेंशनभोगियों को अपने साथ इंसाफ होने की आस जगी है। राऊत ने यह भी कहा कि पेंशनधारक अपनी मांग प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिये ‘एक पत्र प्रधानमंत्री के नाम और एनएसी शहीदों के नाम एक वृक्ष रोपण’ के नाम से अभियान चला रहे हैं। 

Web Title: MP Hema Malini writes letter to Labor Minister to increase the amount of Employee Pension Scheme

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