Moradabad stone-pelting: Injured doctor narrates horrific incident watch video | Video: 'मारो-मारो, भूखा रखते हो, गलत इंजेक्शन लगाते हो', मुरादाबाद में घायल डॉक्टर ने सुनाई आपबीती, बताया कितना खौफनाक था मंजर
तस्वीर स्त्रोत- ANI

Highlightsमुरादाबाद पथराव मामले: मेडिकल टीम और पुलिस पर लोगों के पथराव में 4 लोग जख्मी हो गए थे। मुरादाबाद पथराव मामले: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मेडिकल टीम पर हुए हमले के बारे में घायल हुए डॉक्टर ने आपबीती बताई है। घटना में घायल डॉक्टर एस.सी अग्रवाल ने बताया है कि किस तरह अचानक उन पर और उनकी टीम पर वहां के स्थानीय लोगों ने हमला बोला। डॉक्टर एस.सी अग्रवाल ने कहा कि हम वहां कोरोना संदिग्ध के सैंपल लेने गए थे, जब हमपर ये  हमला किया गया। इस मामले में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने 7 महिलाओं सहित 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

पढ़ें डॉक्टर की आपबीती

डॉक्टर एस.सी अग्रवाल ने लड़खड़ाती हुई आवाज में कहा, " जो परिवार में कोरोना पॉजिटिव थे वो खत्म हो चुके थे। (यानी मौत)  उसके बाद ये हुआ कि जो फ़र्स्ट कॉन्टैक्ट के लोग हैं, उनको क्वॉरेंटाइन किया जाए। ताकि उनका सैम्पलिंग किया जा सके। इसलिए उनकी पत्नी और बड़े बेटे को हम पहले ही अस्पताल ले गए थे। लेकिन उनके दो बेटे और कुछ लोग घर पर ही रह गए थे, जिनके सैम्पल लेने के लिए हम थाने से फोर्स को लेकर उनके घर गए थे। इसलिए हम चार लोगों के सैंपल लेने के लिए उनके घर पहुंचे थे। वह सब हमारे साथ जाने के लिए तैयार हो गए थे। एम्बुलेंस आने में 15 मिनट से आधा घंटा लग गया होगा। हम संदिग्ध को एम्बुलेंस बैठा ही रहे थे कि इतने देर में आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए, पूछने लगे क्यों ले जा रहे हो, कहां ले जा रहे हो? खाना नहीं देते हो, परेशान करते हो, भूखा रखते हो, ... गलत इंजेक्शन लगाते हो... हमने कहा ऐसा कुछ नहीं है। जिले के मालिक आपको बता देंगे...फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। बस इतना ही हुआ था हम आकर बैठे ही थे कि हो हल्ला हो गया... मारो..मारो.. मारो। कुछ लोग वहां से भाग गए और कुछ लोग बच गए थे। मैं जब पैदल भागने लगा तो सामने से एक ईंट फेंककर मारा किसी ने तो मैं नीचे गिर गया। मेरा चश्मा भी गिर गया...मैं उठाकर फिर भागा। पीछे से फिर किसी ने ढ़ेला मारा...। मैं फिर गिर गया...तो मुझे लात घूसों से फिर मारना शुरू कर दिया। फिर एक बुजुर्ग ने आकर मेरी मदद की...क्योंकि खून काफी बह रहा था। फिर SHO मुझे अपने साथ लेकर अस्पताल आए।'' 

मुरादाबाद पथराव मामले में पुलिस ने 17 लोगों को किया गिरफ्तार, 7 महिलाएं भी शामिल

मुरादाबाद जिले में बुधवार (15 अप्रैल) को पथराव मामले में  मेडिकल टीम और पुलिस के 4 लोग जख्मी हो गए। इस मामले में सात महिलाओं समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों की पहचान ड्रोन कैमरे की मदद से की है। लॉकडाउन की वजह से यूपी में पुलिस ड्रोन की मदद से लोगों पर नजर रख रही है। पुलिस का कहना है कि ड्रोन कैमरों की मदद से पकड़े गए लोगों की पहचान की गई थी।  घटनास्थल के पास महिलाएं और पुरुष छत से पथराव करते देखे गए थे। 

जानें क्या है पूरा मामला? 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुरादाबाद के नवाबपुरा क्षेत्र में कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति को पृथक केंद्र ले जाने के लिए आई एक मेडिकल टीम और उसकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों पर कुछ लोगों ने पथराव किया। इस वारदात में एक डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ के तीन लोग जख्मी हो गए। इस मामले में मुरादाबाद के नागफनी थाने में मुकदमा दर्ज करके 7 महिलाओं समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमलावर लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही करने के आदेश देते हुए कहा कि पथराव में हुए सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई इन आरोपियों से की जाए। मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मिलिंद गर्ग ने बताया कि एक मेडिकल टीम कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को लेकर जा रही थी। तभी अचानक आई भीड़ ने एंबुलेंस पर पथराव कर दिया। वे कोरोना वायरस संक्रमित उस व्यक्ति को ले जाने से रोक रहे थे।

Web Title: Moradabad stone-pelting: Injured doctor narrates horrific incident watch video
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