महाराष्ट्र: तीन बार डिप्टी सीएम रहे अजीत पवार ने संभाली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कमान

By आशीष कुमार पाण्डेय | Published: July 5, 2022 10:32 PM2022-07-05T22:32:37+5:302022-07-05T22:35:16+5:30

महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी ने सर्व सम्मती से अजित पवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है। महाराष्ट्र के तीन बार डिप्टी सीएम रहे अजीत पवार वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास और जल संसाधन सहित कई मत्रालय संभाल चुके हैं।

Maharashtra: Ajit Pawar, who was Deputy CM for three times, took over the command of Leader of Opposition in the Assembly | महाराष्ट्र: तीन बार डिप्टी सीएम रहे अजीत पवार ने संभाली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की कमान

फाइल फोटो

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Highlightsअजित पवार को महाविकास अघाड़ी ने सर्व सम्मती से बनाया महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्षउद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाविकास अघाड़ी में डिप्टी सीएम थे अजीत पवार एनसीपी प्रमुख शरद पवार के खिलाफ विद्रोह का झंडा भी बुलंद कर चुके हैं अजीत पवार

मुंबई: महाराष्ट्र की नई भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) सरकार के विरोध में विधानसभा में विपक्षी दलों की अगुवाई की जिम्मेदारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार पर होगी। 

महाविकास अघाड़ी ने सर्व सम्मती से अजित पवार को महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है। कल तक उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाविकास अघाड़ी में डिप्टी सीएम रहे अजीत पवार अपने चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के खिलाफ विद्रोह का झंडा बुलंद करते हुए उन्हें गच्चा भी दे चुके हैं। बावजूद उसके राज्य की राजनीति में एनसीपी के चेहरे के तौर पर अजीत पवार एक बार फिर नेता बनकर उभरे हैं। 

समाचार वेबसाइट 'इंडियन एक्सप्रेस' के एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के नवंबर 2019 में महाविकास अघाड़ी के गठन से ठीक पहले एनसीपी के खिलाफ जाते हुए महज चंद घंटों के लिए भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने वाले उद्धव ठाकरे की अगुवाई में 31 महीने चलने वाली सरकार में रियल चीफ मिनिस्टर कहे जाते थे। 

अजीत पवार कोविड -19 महामारी के दौरान भी मंत्रालय से सरकारी फाइलों को निपाटते थे वहीं सीएम उद्धव ठाकरे अपने ज्यादातर काम "वर्षा" से करना पसंद करते थे। 

शिवसेना से एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद और भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाने के बाद सदन में एनसीपी के 53 विधायक हैं, वहीं कांग्रेस के 44 और शिवसेना उद्धव गुट के पास महज 15 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में एनसीपी सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। इसलिए नेता प्रतिपक्ष का पद अजीत पवार को दिया गया है। 

अजीत पवार सात बार विधायक रह चुके हैं और साल 1991 से बारामती विधानसभा क्षेत्र से जीत रहे हैं। नब्बे के दशक की शुरुआत में वो लोकसभा सांसद भी रहे हैं। लेकिन उनकी राजनीति मुख्य रूप महाराष्ट्र तक ही सीमित रही है। महाराष्ट्र के तीन बार डिप्टी सीएम रहे अजीत पवार वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास और जल संसाधन सहित कई मत्रालय संभाल चुके हैं। वहीं शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं। 

अजीत पवार के नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा, ''हम सरकार में हों या विपक्ष में, हमने हमेशा सकारात्मक राजनीति में विश्वास किया है। हमारा उद्देश्य हमेशा से महाराष्ट्र के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाना है।"

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